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BPSC TRE 4.0
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बिहार के भौगोलिक परिदृश्य में वन क्षेत्र एवं मृदा (Forest Area and Soil) के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग (विशेषकर पश्चिमी चंपारण जिले के सोमेश्वर और दून पहाड़ियों के क्षेत्र) में मुख्य रूप से पर्णपाती वन पाए जाते हैं, जहाँ 'ताराई' और नम पर्णपाती प्रकार की वनस्पतियाँ मिलती हैं।
- 2. दक्षिणी बिहार के पठारी और उच्च भूमि क्षेत्रों में पाई जाने वाली लाल-पीली मृदा और बलुई-मिट्टी लौह ऑक्साइड की प्रचुरता के कारण कम उपजाऊ होती है, जिसमें धान और ज्वार-बाजरा जैसी फसलें उगाई जाती हैं।
- 3. बिहार की जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) का निर्माण गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई गाद (Silt) के निक्षेपण से हुआ है, जिसमें उत्तर बिहार की जलोढ़ मिट्टी सामान्यतः क्षारीय (Alkaline) प्रकृति की होती है, जबकि दक्षिण बिहार की मिट्टी कुछ क्षेत्रों में अम्लीय या उदासीन होती है।
- 4. भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) और बिहार सरकार के नवीनतम पर्यावरण आंकड़ों के अनुसार, राज्य का कुल आवरण (Total Forest Cover) राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 15 प्रतिशत से अधिक है, और इसमें सबसे अधिक वन आवरण कैमूर जिले में दर्ज किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नम पर्णपाती वन और दक्षिणी पठारी भाग में लाल-पीली मृदा पाई जाती है। वहीं, गंगा के मैदानों में जलोढ़ मृदा का विस्तार है जो कृषि के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। कथन 4 असत्य है क्योंकि बिहार का कुल वन आवरण राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84% (लगभग 7,380 वर्ग किमी) है, न कि 15% से अधिक; हालांकि, सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाला जिला वास्तव में कैमूर ही है। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा वर्ष 1947 के भारतीय स्वतंत्रता एवं विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अगस्त 1942 में मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश शासन द्वारा 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत कांग्रेस के सभी प्रमुख चोटी के नेताओं को गिरफ्तार कर अज्ञात स्थानों पर नजरबंद कर दिया गया था।
2. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया में चित्तू पाड़े के नेतृत्व में, तामलुक (बंगाल) में 'जातीय सरकार' तथा सतारा (महाराष्ट्र) में 'प्रति सरकार' (यशवंतराव चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकारें थीं।
3. लार्ड माउंटबेटन द्वारा 3 जून 1947 को प्रस्तुत की गई विभाजन योजना (माउंटबेटन योजना) को कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया था, जिसके आधार पर ब्रिटिश संसद में 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' पारित किया गया, जिसके द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान दो डोमिनियन राज्यों में विभाजित हुए।
4. पंजाब और बंगाल की सीमाओं का निर्धारण करने के लिए सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) ने 15 अगस्त 1947 से पहले ही अपनी सीमा रेखा की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी थी, जिससे विभाजन के समय होने वाले भयानक दंगों और मानवीय त्रासदी को पूरी तरह से रोका जा सका था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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चुम्बकत्व और चुम्बकीय पदार्थों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में अत्यंत क्षीण रूप से चुम्बकित होते हैं, तथा इनकी चुम्बकीय प्रवृत्ति (Magnetic susceptibility) का मान ऋणात्मक और ताप पर निर्भर नहीं करता है।
2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में हल्के से आकर्षित होते हैं, तथा क्यूरी के नियम के अनुसार इन पदार्थों की चुम्बकीय प्रवृत्ति उनके परम ताप ($T$) के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic substances) उच्च चुम्बकीय प्रवृत्ति और धनात्मक मान प्रदर्शित करते हैं, किंतु एक निश्चित तापमान—जिसे 'क्यूरी तापमान' (Curie temperature) कहा जाता है—से अधिक ताप पर ये अनुचुम्बकीय गुणों में परिवर्तित हो जाते हैं।
4. भू-चुम्बकत्व (Terrestrial magnetism) के अध्ययन में 'नति कोण' (Angle of Dip) पृथ्वी की कुल चुम्बकीय तीव्रता और उसके क्षैतिज घटक के बीच का कोण होता है, जिसका मान विषुवत रेखा पर शून्य और चुंबकीय ध्रुवों पर 90 डिग्री होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के सामान्य भौगोलिक परिचय और अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पूर्वी और सबसे पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (1 घंटे 57 मिनट) का अंतर पाया जाता है।
2. भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.4% है, जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है।
3. भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्वी देशांतर) देश के कुल छः राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बिहार से होकर गुजरती है।
4. कर्क रेखा ($23°30'$ उत्तरी अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से होकर जाती है, जिनमें गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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