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BPSC TRE 4.0
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हमारे ब्रह्माण्ड एवं सौर मण्डल की उत्पत्ति, संरचना और आकाशीय पिंडों की गतिशीलता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति से संबंधित सर्वाधिक स्वीकृत 'महाविस्फोट सिद्धांत' (Big Bang Theory) का प्रतिपादन जॉर्ज लेमैत्रे द्वारा किया गया था, जिसके अनुसार आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व समस्त ब्रह्माण्ड का पदार्थ एक अत्यधिक सघन, गर्म और सूक्ष्म एकाकी बिंदु (Singularity) में केंद्रित था।
  2. 2. हमारे सौर मण्डल का अधिकांश द्रव्यमान इसके केंद्र में स्थित सूर्य में निहित है, और सौर मण्डल के सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा पश्चिम से पूर्व की ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में करते हैं, किंतु शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) इसके अपवाद हैं जो पूर्व से पश्चिम की ओर (Clockwise) घूर्णन करते हैं।
  3. 3. 'क्वासर' (Quasars - Quasi-stellar radio sources) अत्यधिक दूरस्थ और अत्यधिक ऊर्जावान आकाशीय पिंड हैं, जो ब्रह्माण्ड के आरंभिक काल और आकाशगंगाओं के केंद्र में स्थित अति-विशाल कृष्ण विवरों (Supermassive Black Holes) की सक्रियता के सूचक माने जाते हैं।
  4. 4. आंतरिक ग्रहों (पार्थिव ग्रहों) और बाह्य ग्रहों (जोवियन ग्रहों) के बीच की बेल्ट में स्थित क्षुद्रग्रह (Asteroids) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और इनका आकार बड़े ग्रहों की भाँति पूर्णतः गोलाकार होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि जॉर्ज लेमैत्रे ने महाविस्फोट सिद्धांत (Big Bang Theory) दिया था, जिसके अनुसार ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व एक सिंगारिटी से हुई थी। कथन 2 सत्य है क्योंकि सौर मण्डल के अधिकांश ग्रह पश्चिम से पूर्व परिक्रमा करते हैं, किंतु शुक्र और अरुण पूर्व से पश्चिम (clockwise) घूमते हैं। कथन 3 सत्य है कि क्वासर अत्यधिक दूरस्थ, तीव्र ऊर्जावान और ब्रह्माण्ड के शुरुआती काल के खगोलीय पिंड हैं जो सुपरमैसिव ब्लैक होल से जुड़े हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि क्षुद्रग्रहों (Asteroids) का आकार अनियमित और चपटा होता है, वे बड़े ग्रहों की भाँति पूर्णतः गोलाकार नहीं होते हैं। अपनी तैयारी को और मजबूत करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जाएं।
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