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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने राज्य के प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर आने वाले सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) के अधीक्षण की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसमें प्रशासनिक अधीक्षण भी शामिल है, किंतु इसके अंतर्गत सैन्य न्यायालयों या सेना अधिनियम के तहत गठित अधिकरणों पर उच्च न्यायालय का अधीक्षण क्षेत्राधिकार लागू नहीं होता है।
- 2. संघ राज्य क्षेत्र (UTs) के लिए उच्च न्यायालय के गठन या उसके क्षेत्राधिकार के विस्तार की शक्ति संसद को अनुच्छेद 241 के तहत प्राप्त है, जिसके अंतर्गत संसद विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक पृथक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या उसे किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार के अधीन कर सकती है (जैसे दिल्ली का अपना उच्च न्यायालय है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कलकत्ता उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आता है)।
- 3. अधीनस्थ न्यायालयों में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके अनुच्छेद 233 के प्रावधानों के तहत की जाती है, जबकि जिला न्यायाधीशों से भिन्न न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्तियाँ राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात विधि के अनुसार की जाती हैं।
- 4. संविधान के अनुच्छेद 235 में यह स्पष्ट किया गया है कि जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण (जिसमें पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी का अनुदान शामिल है) पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकार के विधि विभाग के पास निहित होता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई संवैधानिक भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में राज्यों के उच्च न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालय और संघ राज्य क्षेत्रों से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों का परीक्षण किया गया है। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। अनुच्छेद 227 उच्च न्यायालय को उसके प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के अधीन सभी अधीनस्थ अदालतों और Tribunals पर अधीक्षण की शक्ति देता है, परंतु सैन्य न्यायालय (Military Tribunals) इसके दायरे से बाहर होते हैं। अनुच्छेद 241 संसद को संघ राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय से संबंधित कानून बनाने की शक्ति देता है। अनुच्छेद 233 के तहत जिला जजों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से होती है। वहीं, कथन 4 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 235 के अनुसार अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण (Posting, Promotion, Control) पूरी तरह से **उच्च न्यायालय** में निहित होता है, राज्य सरकार के विधि विभाग में नहीं। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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2. ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन - राधकान्त देव
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