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BPSC TRE 4.0
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बिहार के परिवहन और आधारभूत संरचना (Infrastructure) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिसमें राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन लागत को कम करने और कृषि उत्पादों को सीधे शहरी मंडियों तक पहुँचाने की प्राथमिकता है।
- 2. बिहार का राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) हल्दिया से इलाहाबाद तक गंगा नदी पर स्थित है, जो राज्य के पटना, बक्सर और भागलपुर जैसे प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है और अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देता है।
- 3. राज्य में सड़क परिवहन के विकास के लिए 'बिहार राज्य सड़क विकास निगम' (BSRDC) की स्थापना की गई है, जिसके तहत पटना में मरीन ड्राइव (गंगा पथ) जैसी प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का निर्माण किया गया है ताकि शहरी यातायात को सुगम बनाया जा सके।
- 4. बिहार में रेल परिवहन की शुरुआत ब्रिटिश काल में ही हो गई थी, किंतु वर्तमान में भारतीय रेलवे के पूर्व मध्य रेलवे (ECR) जोन का मुख्यालय पटना में स्थित है, जो राज्य के सभी रेल मंडलों का प्रशासनिक नियंत्रण करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, राष्ट्रीय जलमार्ग-1 गंगा नदी पर हल्दिया से प्रयागराज (इलाहाबाद) तक स्थित है जो बिहार से गुजरता है, और बिहार राज्य सड़क विकास निगम (BSRDC) द्वारा पटना मरीन ड्राइव जैसी परियोजनाएं विकसित की गई हैं। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि पूर्व मध्य रेलवे (ECR) जोन का मुख्यालय पटना में नहीं, बल्कि हाजीपुर में स्थित है। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारत में खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों के भौगोलिक वितरण, उनकी भूगर्भिक अवस्थिति और उनके औद्योगिक महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. झारखंड का छोटा नागपुर पठार भारत का 'खनिज हृदयस्थल' कहलाता है, जहाँ धारवाड़ और आर्कियन क्रम की चट्टानों में लौह अयस्क, कोयला, अभ्रक और तांबा के विशाल भंडार संकेंद्रित हैं।
2. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला 'गोडवाना' युग का है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में पाया जाता है, तथा इस गोडवाना कोयले में राख (Ash) की मात्रा अधिक और सल्फर की मात्रा कम होती है।
3. राजस्थान का खेतरी क्षेत्र तांबे के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जबकि गुजरात का अंकलेश्वर और असम का डिगबोई क्षेत्र पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक बेसिन हैं, जो टर्शरी (Tertiary) युग की आग्नेय चट्टानों में पाए जाते हैं।
4. परमाणु ऊर्जा के लिए आवश्यक यूरेनियम के भंडार भारत में झारखंड के सिंहभूम जिले के अलावा हाल ही में राजस्थान और आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में भी खोजे गए हैं, तथा देश में थोरियम का सबसे बड़ा भंडार केरल और तमिलनाडु की तटीय मोनोजाइट रेत में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के किस वकील ने असहयोग आंदोलन के समय अपनी लाभप्रद वकालत छोड़ दी थी?
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पादप जगत (Plant Kingdom) और जन्तु जगत (Animal Kingdom) के वर्गीकरण तथा उनके जैविक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइटा (Bryophyta) को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि इस वर्ग के पौधे मिट्टी में तो उगते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) का पूर्ण अभाव होता है।
2. जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) के पौधों में बीज नग्न (Naked seeds) होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय (Ovary) अनुपस्थित होता है, जिससे फल का निर्माण नहीं होता है, तथा इनके संवहनी तंत्र में 'वाहिकाएं' (Vessels) और सहोष कोशिकाएं नहीं पाई जाती हैं।
3. पोरिफेरा (Porifera) संघ के जंतुओं में शरीर की सतह पर 'ऑस्टिया' (Ostia) नामक सूक्ष्म छिद्र पाए जाते हैं, जिनके माध्यम से जल शरीर के स्पंजोसील गुहा में प्रवेश करता है, और यह संघ पूरी तरह से स्थलीय आवासों में पाया जाता है।
4. ऐनेलिडा (Annelida) संघ के जंतुओं में शरीर खंडीय (Metameric segmentation) होता है, और इनमें गति के लिए काइटिनयुक्त 'पैरापोडिया' या 'सीिटी' (Setae) पाए जाते हैं, तथा इनका परिसंचरण तंत्र बंद प्रकार (Closed circulatory system) का होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 'प्रथम कांग्रेस अधिवेशन' कहाँ आयोजित किया गया था?
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वायुदाब, आर्द्रता एवं पवन संचार तथा चक्रवात के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की सतह पर वायुदाब की पट्टियों का वितरण सूर्य की आभासी गति (अयनत) के साथ मौसमी रूप से उत्तर या दक्षिण की ओर विस्थापित होता है, जिसके कारण विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (डोलड्रम) गर्मियों में उत्तर की ओर खिसक जाती है।
2. 'कोरिओलिस बल' (Coriolis Force) पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला एक आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, और इस बल का मान विषुवत वृत्त (Equator) पर अधिकतम तथा ध्रुवों पर शून्य होता है।
3. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति मुख्य रूप से 'वाताग्रजनन' (Frontogenesis) की प्रक्रिया द्वारा दो विपरीत स्वभाव वाली वायु राशियों (गर्म एवं ठंडी) के मिलने से होती है, तथा इनमें उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की भाँति कोई विशिष्ट 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) नहीं पाई जाती है।
4. आर्द्रता को मापने के लिए उपयोग किया जाने वाला 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) का प्रतिशत तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ता है, यदि हवा में जलवाष्प की वास्तविक मात्रा (Absolute Humidity) को स्थिर रखा जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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