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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन अधिनियमों तथा सहकारी समितियों से जुड़े 97वें संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में 'भाग IX' जोड़ा गया जिसके अनुच्छेद 243-G के तहत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए 29 विषयों की सूची (ग्यारहवीं अनुसूची) सौंपी गई है, तथा महिलाओं के लिए प्रत्येक स्तर पर कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटों का आरक्षण अनिवार्य किया गया है।
- 2. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान में 'भाग IX-A' जोड़ा गया, जिसके तहत नगरपालिकाओं के तीन स्तरों (नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम) का प्रावधान किया गया है तथा महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee) के गठन का निर्देश अनुच्छेद 243-ZE के अंतर्गत दिया गया है।
- 3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों के गठन को अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत एक मौलिक अधिकार बना दिया गया, संविधान में नया 'भाग IX-B' जोड़ा गया, तथा नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 43-B को अंतःस्थापित किया गया।
- 4. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'सुश्री बनाम संघ मामला' (Union of India v. Association of Democratic Reforms / Sankalchand Himatlal Sheth case से संबंधित न्यायिक समीक्षा) में 97वें संविधान संशोधन के उस भाग को पूर्णतः असंवैधानिक घोषित कर दिया गया, जिसमें बहु-राज्य सहकारी समितियों (Multi-State Cooperative Societies) के प्रबंधन से संबंधित प्रावधान थे, क्योंकि इसके लिए अनुच्छेद 368 के परंतुक के अनुसार कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों से अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त नहीं किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायतों (भाग IX) और 74वें द्वारा नगरपालिकाओं (भाग IX-A) को संवैधानिक दर्जा दिया गया। 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 ने सहकारी समितियों को मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19), नया भाग IX-B और DPSP में अनुच्छेद 43-B जोड़ा। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में बहु-राज्य सहकारी समितियों से जुड़े प्रावधानों को राज्यों के अनुसमर्थन के अभाव में असंवैधानिक ठहराया था। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन तथा असहयोग आंदोलन के कालक्रम, घटनाओं और उनके वैचारिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) के तहत ब्रिटिश सरकार को बिना वारंट के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार करने और बिना मुकदमा चलाए जेल में रखने का असीमित अधिकार मिल गया था, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत अखिल भारतीय स्तर पर 'सत्याग्रह सभा' की स्थापना की और 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया।
2. वर्ष 1919-20 के दौरान तुर्की के खलीफा के अधिकारों और सुन्नी इस्लामिक धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए भारत में शुरू किए गए 'खिलाफत आंदोलन' की केंद्रीय खिलाफत समिति के अखिल भारतीय सम्मेलन (दिल्ली, नवंबर 1919) के अध्यक्ष के रूप में महात्मा गांधी को चुना गया था, जिन्होंने इसे हिंदू-मुस्लिम एकता के एक अद्वितीय अवसर के रूप में देखा।
3. सितंबर 1920 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया गया था, तथा चित्तरंजन दास (C.R. Das), मदन मोहन मालवीय और एनी टेंट ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था, जबकि लाला लाजपत राय ने इस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी।
4. फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (गोरखपुर जिला) में हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर तत्काल प्रभाव से असहयोग आंदोलन को वापस लेने की घोषणा कर दी, जिसके बाद मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास ने गांधीजी के इस निर्णय से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के भीतर ही 'स्वराज पार्टी' की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कार के पीछे का दृश्य देखने के लिए किस दर्पण का उपयोग होता है?
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मानव शरीर के तंत्र (Human Body Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव पाचन तंत्र में आमाशय (Stomach) की भित्ति से स्रावित होने वाला जठर रस (Gastric juice) मुख्य रूप से हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, पेप्सिनोजेन और श्लेष्म (Mucus) का मिश्रण होता है, जहाँ पेप्सिनोजेन निष्क्रिय रूप में रहता है और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन का पाचन करता है।
2. मानव श्वसन तंत्र में, फेफड़ों की कार्यात्मक इकाइयाँ 'कुपिकाएँ' (Alveoli) होती हैं, जो अत्यधिक संवहनित (Highly vascularised) और पतली भित्ति वाली होती हैं, और यहीं पर विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा ऑक्सीजन रक्त में प्रवेश करती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है।
3. मानव परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, दाएँ निलये (Right Ventricle) से निकलने वाली पल्मोनरी धमनी (Pulmonary Artery) अशुद्ध (ऑक्सीजन-विहीन) रक्त को फेफड़ों में ले जाती है, जबकि पल्मोनरी शिरा (Pulmonary Vein) शुद्ध रक्त को बाएँ आलिंद (Left Atrium) में लाती है।
4. मानव तंत्रिका तंत्र में, प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) का नियंत्रण मुख्य रूप से प्रमस्तिष्क (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो अनैच्छिक क्रियाओं की त्वरित प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने का सर्वोच्च केंद्र होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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केंद्रीय बजट और आर्थिक समीक्षा (Economic Survey) के समसामयिक और राजकोषीय प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वित्तीय वर्ष के केंद्रीय बजट में प्रस्तुत 'राजकोषीय घाटा' (Fiscal Deficit) सरकार की कुल प्राप्तियों (उधार को छोड़कर) और कुल व्यय के बीच का अंतर होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था में कुल ऋण सृजन की आवश्यकता को इंगित करना है।
2. 'प्रभावी राजस्व घाटा' (Effective Revenue Deficit), राजस्व घाटे में से पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन के लिए दिए गए अनुदानों को घटाकर निकाला जाता है, जिसे पहली बार वर्ष 2011-12 के केंद्रीय बजट में पेश किया गया था।
3. आर्थिक समीक्षा के अनुसार, भारत सरकार द्वारा 'पूंजीगत व्यय' (Capital Expenditure - Capex) में लगातार की जा रही वृद्धि का मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और भीड़भाड़ को कम करके रसद (Logistics) लागत को घटाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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संघ की न्यायपालिका (सर्वोच्च न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) को उनके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, और CAG का वेतन व सेवा शर्तें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समकक्ष होती हैं।
2. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति प्राप्त है, और यदि विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उत्पन्न होता है जो सार्वजनिक महत्व का है, तो उच्चतम न्यायालय राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए बाध्य है।
3. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) केंद्र सरकार के लेखों से संबंधित अपनी लेखा परीक्षा रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाते हैं, तथा CAG अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के संदर्भ में सीधे प्रधानमंत्री को प्रस्तुत करता है।
4. उच्चतम न्यायालय की आरंभिक (Original) अधिकारिता के अंतर्गत भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवाद आते हैं, बशर्ते यह विवाद किसी ऐसी संधि या समझौते से उत्पन्न न हो जो संविधान लागू होने से पहले की हो और जो आज भी लागू हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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