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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) और इसके विभिन्न आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान की प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्दों को जोड़ा गया था।
- 2. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'बेरूबारी यूनियन वाद' (1960) में यह निर्णय दिया गया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न हिस्सा है, जबकि इसके ठीक विपरीत 'केशवानंद भारती वाद' (1973) में न्यायालय ने प्रस्तावना को संविधान का भाग मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया था।
- 3. प्रस्तावना में उल्लिखित 'न्याय' (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) के आदर्श को रूसी क्रांति (1917) से लिया गया है, जबकि 'स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व' के आदर्श को फ्रांसीसी क्रांति (1789) से प्रेरित होकर शामिल किया गया है।
- 4. यद्यपि भारतीय संविधान की प्रस्तावना न्यायलय में न्यायोचित (Justiciable) नहीं है अर्थात् इसके प्रावधानों को अदालतों द्वारा लागू नहीं कराया जा सकता है, तथापि यह संविधान की व्याख्या में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' जोड़े गए थे। कथन 2 असत्य है क्योंकि 'बेरूबारी यूनियन वाद' (1960) में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि प्रस्तावना संविधान का भाग नहीं है, जबकि 'केशवानंद भारती वाद' (1973) और 'एलआईसी ऑफ़ इंडिया वाद' (1995) में न्यायालय ने माना कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है। कथन 3 और 4 दोनों सत्य हैं। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों तथा भारत में पर्यावरण एवं आपदा जोखिम से जुड़ी हालिया रिपोर्टों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का पदेन अध्यक्ष देश का प्रधानमंत्री होता है, और इसकी स्थापना 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005' के अंतर्गत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य आपदाओं के प्रति तैयारी, समन (Mitigation) और आपदा उपरांत प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करना है।
2. पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा जारी जलवायु जोखिम सूचकांकों के अनुसार, भारत के पूर्वी तटीय राज्य (जैसे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल) उष्णकटिबंधीय चक्रवातों और तटीय कटाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं, जबकि हिमालयी क्षेत्र भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के उच्च जोखिम वाले ज़ोन में आते हैं।
3. 'स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरनमेंट' रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बढ़ते शहरीकरण और अनियोजित विकास के कारण तापीय द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect) और शहरी बाढ़ (Urban Floods) जैसी पर्यावरण जनित आपदाओं की आवृत्ति में तीव्र वृद्धि हुई है, जिसके शमन के लिए 'स्पंज सिटी' (Sponge City) जैसी अवधारणाओं को अपनाया जा रहा है।
4. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत यह प्रावधान किया गया है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन का प्रमुख होने के नाते राज्यपाल सीधे सैन्य बलों की तैनाती का अंतिम आदेश दे सकता है, जिसमें केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कभी-कभी चर्चा में रहने वाला केप टाउन कन्वेंशन, मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और उनकी राजधानियों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अंग - चंपा
2. वज्जी - वैशाली
3. अश्मक - पोटली या पोतन
4. मदी - कुशीनगर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना, संघ एवं इसके राज्यक्षेत्र तथा राज्यों के पुनर्गठन के ऐतिहासिक एवं भौगोलिक संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत को 'राज्यों का संघ' (Union of States) कहा गया है, जिसका अर्थ यह है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और न ही किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह किसी भी राज्य के क्षेत्र को बढ़ा सकती है, घटा सकती है, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन कर सकती है, तथा ऐसे किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
3. राज्य पुनर्गठन आयोग (फजल अली आयोग, 1953) ने भाषाई आधार को राज्यों के पुनर्गठन का एकमात्र और सर्वोपरि आधार स्वीकार किया था, जिसके फलस्वरूप 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित किया गया और देश में पहली बार 14 राज्यों तथा 6 केंद्र शासित प्रदेशों का गठन किया गया।
4. सर्वोच्च न्यायालय के 'बेरुबारी यूनियन वाद (1960)' में दिए गए निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 3 के अंतर्गत प्राप्त अपनी सामान्य विधाई शक्ति का प्रयोग करके देश का कोई भी भू-भाग किसी विदेशी देश को नहीं सौंप सकती है, बल्कि इसके लिए संविधान संशोधन करना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अभिकथन (A): 2001-2011 के बीच बाल लिंगानुपात में गिरावट ग्रामीण की तुलना में शहरी बिहार में अधिक रही है। कारण (R): ग्रामीण-शहरी अंतर बढ़ा है।
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