BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
1 views

भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोतों तथा बिहार में नगरीकरण एवं स्थानीय स्वशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारतीय संविधान में 'विधि के समक्ष समता' (Equality before Law) का विचार ब्रिटिश संविधान से लिया गया है, जबकि 'विधियों का समान संरक्षण' (Equal protection of the laws) संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित है।
  2. 2. भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची का प्रावधान है, जिसमें 'स्थानीय सरकार' (Local Government) और 'शहरी नियोजन' (Urban Planning) राज्य सूची (सूची-II) के विषय हैं।
  3. 3. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में जोड़ी गई बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं को हस्तांतरित किए जाने वाले कुल 18 प्रशासनिक विषयों का उल्लेख किया गया है, जिसके तहत बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 अधिनियमित किया गया।
  4. 4. जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, बिहार की कुल जनसंख्या में शहरी जनसंख्या का प्रतिशत मात्र 11.29% है, जो इसे देश के सबसे कम नगरीकृत राज्यों में से एक बनाता है, और राज्य का सर्वाधिक नगरीकृत जिला पटना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। विस्तार से अध्ययन करने के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं। 1. 'विधि के समक्ष समता' ब्रिटेन से तथा 'विधियों का समान संरक्षण' यूएसए से लिया गया है। 2. संविधान की सातवीं अनुसूची में स्थानीय सरकार राज्य सूची का विषय है। 3. 74वें संशोधन द्वारा जोड़ी गई 12वीं अनुसूची में 18 विषय हैं। 4. जनगणना 2011 के अनुसार बिहार की शहरी जनसंख्या 11.29% है और सर्वाधिक नगरीकृत जिला पटना है।
Share:

Related Questions

क्रायोजेनिक किससे संबंधित विज्ञान है? “शून्य गरीबी - P4” पहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से गलत हैं? सौर मंडल का 'सबसे बड़ा ग्रह' कौन सा है? 2011 की जनगणना से पहले भारत में सर्वाधिक लिंगानुपात कब रिकॉर्ड किया गया था? 1857 के महान विद्रोह से पूर्व ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों, भू-राजस्व व्यवस्था और न्याय प्रणाली के विरुद्ध भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हुए 'अन्य जन आंदोलनों' (1757-1857) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1799 में मैसूर के पतन के पश्चात अंग्रेजों के विरुद्ध वटवा और वायनाड के क्षेत्रों में 'पझस्सी राजा' (Kerala Vira Kerala Pazhassi Raja) के नेतृत्व में हुए कोट्टायम के विद्रोह को 'पस्सी विद्रोह' या 'कोट्टायम का युद्ध' कहा जाता है, जिसमें स्थानीय किसानों और नायर सैनिकों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की एकाधिकारवादी नीतियों के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किया था। 2. असम में ब्रिटिश शासन के आगमन के तुरंत बाद वर्ष 1828 में गोमधर कुंवर के नेतृत्व में अहोम सरदारों और स्थानीय प्रजा ने 'अहोम विद्रोह' (Ahom Revolt) किया था, जिसका प्रमुख कारण अंग्रेजों द्वारा असम को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने का वचन पूरा न करना और युद्ध के पश्चात प्रशासनिक नियंत्रण का जबरन थोपा जाना था। 3. उड़ीसा में पाइक (Paik) जातियों द्वारा वर्ष 1817 में बक्शी जगबंधु के नेतृत्व में किया गया 'पाइक विद्रोह' ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक संगठित सशस्त्र संघर्ष था, जिसका मुख्य कारण अंग्रेजों द्वारा मालगुजारी (भू-राजस्व) नीतियों में अत्यधिक वृद्धि करना, तांबे और कौड़ी के चलन को समाप्त कर चांदी के सिक्कों में कर भुगतान की अनिवार्यता तथा नमक पर नए कर लगाना था। 4. सतारा में वर्ष 1844 में फोंड सावंत और अन्ना साहिब पाटिल के नेतृत्व में हुए 'गडकरी विद्रोह' का मुख्य कारण मराठा शासन के पतन के बाद गडकरी सैनिकों (किलेरक्षकों) की सेवा समाप्त करना और उनकी जागीर भूमि पर भारी कर लगाना था, जिसे अंततः ब्रिटिश सेना ने बलपूर्वक दबा दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.