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BPSC TRE 4.0
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भौतिकी के विविध अनुप्रयोगों एवं सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सीबेक प्रभाव (Seebeck Effect) इस सिद्धांत पर कार्य करता है कि जब दो अलग-अलग धातुओं के जंक्शनों के बीच तापीय अंतर (Temperature Difference) उत्पन्न किया जाता है, तो परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है, जिसका उपयोग थर्मोकपल (Thermocouple) बनाने में किया जाता है।
  2. 2. 'रमन प्रभाव' (Raman Effect) के अनुसार जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरता है, तो उसका एक अंश प्रकीर्णित हो जाता है और प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में जो परिवर्तन होता है, वह आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करता है; इसी खोज के लिए सी.वी. रमन को वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
  3. 3. 'सुपरकंडक्टिविटी' (Superconductivity) की स्थिति में किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वह चुंबकीय क्षेत्र को अपने भीतर से बाहर धकेल देता है, जिसे 'माइस्नर प्रभाव' (Meissner Effect) कहा जाता है।
  4. 4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) केवल ध्वनि तरंगों पर ही लागू होता है, और प्रकाश तरंगों या विद्युत चुंबकीय तरंगों में गति के कारण आवृत्ति या तरंगदैर्ध्य में कोई आभासी परिवर्तन देखने को नहीं मिलता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि सीबेक प्रभाव थर्मोकपल का मूल सिद्धांत है जिसमें तापीय अंतर से विद्युत उत्पन्न होती है। कथन 2 सत्य है; सी.वी. रमन को 1930 में प्रकाश के प्रकीर्णन पर रमन प्रभाव के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था। कथन 3 सत्य है, अतिचालकता में माइस्नर प्रभाव के तहत चुंबकीय फ्लक्स बाहर धकेला जाता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि डॉप्लर प्रभाव प्रकाश तरंगों (जैसे खगोलिकी में रेड-शिफ्ट) पर भी समान रूप से लागू होता है। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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