त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
बिहार में क्रांतिकारी गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1906 में देवघर (जो अब झारखंड में है) में 'गोदाम दास' की प्रेरणा से 'गोदावरी मित्र' द्वारा क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की गई थी, जिसे अनुशीलन समिति की शाखा के रूप में संचालित किया गया था।
- 2. मुजफ्फरपुर बम कांड (30 अप्रैल 1908) के दौरान प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस ने सत्र न्यायाधीश किंग्सफोर्ड की हत्या का असफल प्रयास किया था, जिसमें बैरिस्टर प्रिंगल केनेडी की पत्नी और पुत्री की मृत्यु हो गई थी।
- 3. पटना के बांकीपुर में 'बिहार स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस' के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा वर्ष 1906 में की गई थी, जिसने बाद में राज्य के युवाओं को क्रांतिकारी राष्ट्रवाद से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- 4. सचिन्द्र नाथ सान्याल ने पटना में 'अनुशीलन समिति' की एक शाखा की स्थापना की थी, तथा उनके प्रसिद्ध क्रांतिकारी संगठन 'युगांतर' और 'गदर पार्टी' से वैचारिक संबंध रखने वाले बंकिम चंद्र मित्र जैसे युवा बिहार में सक्रिय थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बिहार में क्रांतिकारी गतिविधियों का इतिहास अत्यंत समृद्ध और संघर्षपूर्ण रहा है। कथन 1 सही है क्योंकि वर्ष 1906 में देवघर में अनुशीलन समिति की शाखा स्थापित की गई थी। कथन 2 सही है; 30 अप्रैल 1908 को मुजफ्फरपुर में किंग्सफोर्ड की गाड़ी पर प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस ने बम फेंका था, जिसमें केनेडी की पत्नी और पुत्री मारी गईं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'बिहार स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस' का प्रथम अधिवेशन पटना में नहीं बल्कि दिसंबर 1906 में पटना कॉलेज के हॉल में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता मजरुल हक ने की थी, न कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने। कथन 4 पूर्णतः सत्य है कि सचिन्द्र नाथ सान्याल ने पटना में अनुशीलन समिति की शाखा खोली थी। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा देश की स्वतंत्रता एवं विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया गया, तथा इसी अधिवेशन में महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा दिया था।
2. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया (चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में), ताम्रलि्क (मिदनापुर, बंगाल) और सतारा (वाई.बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार') प्रमुख थीं।
3. वर्ष 1947 में भारत के विभाजन और स्वतंत्रता से संबंधित 'माउंटबेटन योजना' (3 जून योजना) को ब्रिटिश संसद द्वारा औपचारिक रूप से पारित कराने के लिए 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' (Indian Independence Act 1947) प्रस्तुत किया गया था, जिसके तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन राज्यों में विभाजित हुए।
4. भारत के विभाजन की रूपरेखा तय करने वाली 'रैडक्लिफ रेखा' (Radcliffe Line) का निर्धारण सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग द्वारा किया गया था, जिसने पंजाब और बंगाल के सीमांकन का कार्य भारत की स्वतंत्रता की घोषणा के बाद यानी 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के ऊर्जा प्रवाह और पोषक तत्वों के चक्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है, जो सूर्य से शुरू होकर उत्पादकों, शाकाहारी जीवों और अंततः मांसाहारी जीवों से होता हुआ ऊष्मा के रूप में वायुमंडल में विसर्जित हो जाता है, और यह ऊर्जा कभी भी उल्टी दिशा में प्रवाहित नहीं होती है।
2. लिंडमैन का 'दस प्रतिशत का नियम' (Ten Percent Law) यह बताता है कि जब ऊर्जा का एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषण स्तर पर स्थानांतरण होता है, तो प्रत्येक अगले स्तर पर केवल लगभग 10% ऊर्जा ही रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित हो पाती है, जबकि शेष 90% ऊर्जा श्वसन, उपापचय और ऊष्मा के रूप में क्षس हो जाती है।
3. पारिस्थितिक पिरामिड (Ecological Pyramid) में संख्या का पिरामिड और जीवभार (Biomass) का पिरामिड सदैव और सभी प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्रों में हमेशा सीधा (Upright) ही बनता है, कभी भी उल्टा नहीं हो सकता है।
4. जैव-भू-रासायनिक चक्र (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्व पारिस्थितिकी तंत्र के जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic) घटकों के बीच चक्रीय रूप से प्रवाहित होते हैं, जिसमें गैसीय चक्र (जैसे नाइट्रोजन और कार्बन चक्र) का भंडार मुख्य रूप से वायुमंडल या जलमंडल होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
चुम्बकत्व और पदार्थों के चुम्बकीय गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic substances) वे होते हैं जिन्हें किसी बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर वे क्षेत्र की विपरीत दिशा में बहुत कम चुम्बकीय हो जाते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के मजबूत हिस्से से कमजोर हिस्से की ओर प्रतिकर्षित होते हैं (जैसे बिस्मथ, तांबा और जल)।
2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में आंशिक रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं और क्षेत्र के कमजोर हिस्से से मजबूत हिस्से की ओर आकर्षित होते हैं, तथा ताप बढ़ाने पर इनका चुम्बकीय गुण 'क्यूरी के नियम' (Curie's Law) के अनुसार कम हो जाता है।
3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर अत्यंत प्रबल रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं, और एक निश्चित ताप, जिसे 'क्यूरी ताप' (Curie Temperature) कहा जाता है, से अधिक ताप पर ये अनुचुम्बकीय पदार्थों की भाँति व्यवहार करने लगते हैं।
4. किसी चुम्बक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है, जबकि चुम्बक के बाहर यह उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर होती है, और ये क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
ध्वनि तरंगों और तरंग गति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) में माध्यम के कणों का कंपन तरंग संचरण की दिशा के समानांतर होता है, जिसके कारण इन तरंगों में संपीड़न (Compressions) और विरलन (Rarefactions) का निर्माण होता है, और ये तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं।
2. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल माध्यम के घनत्व और उसकी प्रत्यास्थता (Elasticity) पर निर्भर करती है; चूँकि गैसों की तुलना में ठोस पदार्थों की प्रत्यास्थता बहुत अधिक होती है, अतः ध्वनि की चाल गैसों की अपेक्षा ठोसों में अधिकतम होती है।
3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं, तो उनकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहती हैं, किंतु माध्यम के बदलने के कारण उनके वेग में परिवर्तन हो जाता है।
4. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के तापमान के वर्गमूल के सीधे आनुपातिक (proportional) होती है, अर्थात् गैस का तापमान बढ़ाने पर ध्वनि का वेग बढ़ जाता है, जबकि गैस के दाब (Pressure) में होने वाले परिवर्तनों का ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली अंतर्जात बलों (Endogenetic Forces), ज्वालामुखी उद्गार के प्रकारों तथा भूकंपीय तरंगों के संचरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ज्वालामुखी उद्गार के दौरान तीव्र विस्फोट के साथ बाहर आने वाले मैग्मा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक चिपचिपा (Viscous) और अम्लीय होता है, जिसके परिणामस्वरूप 'पीलियन' या 'वल्केनियन' प्रकार के अत्यंत विस्फोटक ज्वालामुखी उद्गार होते हैं।
2. भूकंप के केंद्र (Focus/Hypocenter) से उत्पन्न होने वाली प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) केवल ठोस माध्यमों से ही गमन कर सकती हैं।
3. 'रिएक्टर पैमाना' (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है जो भूकंप के दौरान मुक्त होने वाली कुल ऊर्जा को मापता है, जिसमें पैमाने का प्रत्येक अगला अंक पिछले अंक की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक आयाम (Amplitude) और लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त करता है।
4. प्रशांत महासागर की परिधि पर स्थित 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) का क्षेत्र है, जहाँ अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और विश्व के लगभग 90% भूकंप दर्ज किए जाते हैं, और यहीं पर विश्व का सबसे गहरा 'मरियाना गर्त' भी अवस्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.