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BPSC TRE 4.0
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण (2023-24) तथा राज्य के बजट के प्रमुख समष्टि आर्थिक संकेतकों (Macroeconomic Indicators) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान बिहार की वास्तविक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की वृद्धि दर लगभग 10.64% दर्ज की गई थी, जो देश के औसत विकास दर से अधिक थी और इस मामले में बिहार का देश के राज्यों में शीर्ष स्थान रहा था।
- 2. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान के संदर्भ में, प्राथमिक क्षेत्र (कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र) का हिस्सा लगभग 21% है, जबकि द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग) का हिस्सा लगभग 18% तथा तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र) का हिस्सा सबसे अधिक लगभग 61% है।
- 3. बिहार सरकार के हालिया बजट के अनुसार, राज्य का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) अनुमानित GSDP के 3% की निर्धारित राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) सीमा के भीतर यानी लगभग 2.98% के आसपास नियंत्रित रखा गया है।
- 4. राज्य सरकार द्वारा अपने कुल व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) पर खर्च किया जाता है, जिससे बुनियादी ढांचे का विकास हो सके, जबकि सामाजिक सेवाओं (शिक्षा और स्वास्थ्य) पर होने वाला व्यय कुल बजट का 10% से भी कम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, कथन (1) आंशिक रूप से भ्रामक है क्योंकि वास्तविक GSDP वृद्धि दर के मामले में बिहार देश में शीर्ष राज्यों में शुमार रहा है, लेकिन सर्वोच्च स्थान हमेशा स्थिर नहीं रहता। कथन (2) बिल्कुल सत्य है कि बिहार की अर्थव्यवस्था में तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक (~61%), प्राथमिक क्षेत्र का लगभग 21% और द्वितीयक क्षेत्र का लगभग 18% है। कथन (3) सत्य है क्योंकि बिहार का राजकोषीय घाटा FRBM अधिनियम की निर्धारित सीमा (3%) के भीतर नियंत्रित रखा गया है। कथन (4) असत्य है क्योंकि बिहार सरकार अपने कुल बजट का सबसे बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य आदि) पर व्यय करती है, न कि केवल पूंजीगत व्यय पर। इस प्रकार केवल कथन 2 और 3 सत्य हैं। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व' (DPSP) और 'मूल कर्त्तव्य' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये न्यायोचित (Justiciable) हैं, जबकि राज्य के नीतिनिदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं और ये गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) प्रकृति के हैं।
2. स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़े गए मूल कर्त्तव्य मूल रूप से केवल नागरिकों के लिए हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में न्यायालय द्वारा प्रवर्तित (Enforced) नहीं कराया जा सकता है।
3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत दिए गए 'प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार' को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी किसी भी परिस्थिति में निलंबित या प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है।
4. नीतिनिदेशक तत्वों में संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक होता है, क्योंकि ये संघीय ढांचा से संबंधित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कैंसर के अध्ययन को क्या कहते हैं?
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क्वांटम प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर निर्माण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्वांटम कंप्यूटिंग पारंपरिक बिट्स (0 और 1) के स्थान पर 'क्यूबिट्स' (Qubits) का उपयोग करती है, जो सुपरपोजिशन (Superposition) और एंटांगलमेंट (Entanglement) के सिद्धांतों पर कार्य करते हैं, जिससे इनकी प्रसंस्करण क्षमता पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में अत्यधिक तीव्र होती है।
2. भारत सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) की शुरुआत की गई है, जिसके अंतर्गत सिलिकॉन वेफर्स के निर्माण में लिथोग्राफी तकनीक के लिए मुख्य रूप से अत्यंत पराबैंगनी (Extreme Ultraviolet - EUV) प्रकाश स्रोतों का उपयोग किया जाता है।
3. क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) तकनीक का उपयोग पूरी तरह से हैक-प्रूफ और अत्यधिक सुरक्षित संचार नेटवर्क स्थापित करने के लिए किया जाता है, क्योंकि इसमें यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति डेटा को पढ़ने का प्रयास करता है, तो क्वांटम अवस्था में परिवर्तन होने के कारण वह तुरंत संदेहास्पद हो जाता है।
4. हाल ही में विकसित 'टोपोलॉजिकल क्वांटम कंप्यूटर' (Topological Quantum Computer) पर्यावरण के शोर और डीकोहरेंस (Decoherence) के प्रति पूरी तरह संवेदनशील होते हैं, जिसके कारण त्रुटि सुधार (Error Correction) की आवश्यकता पारंपरिक क्वांटम कंप्यूटरों की तुलना में बहुत अधिक बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल द्वारा पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) का मुख्य उद्देश्य बिना किसी वारंट के अनिश्चितकालीन नजरबंदी और प्रेस पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना था, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और 'अपमान दिवस' के रूप में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
2. खिलाफत आंदोलन की शुरुआत तुर्की के खलीफा के पद को समाप्त करने और उसके साम्राज्य के विघटन के विरोध में भारत में अली बंधुओं (मौलाना मोहम्मद अली और शौकत अली), मौलाना आजाद तथा हसरत मोहानी के नेतृत्व में की गई थी, तथा नवंबर 1919 में दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय खिलाफत सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर महात्मा गांधी को चुना गया था।
3. सितंबर 1920 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ, जिसमें पंजाब और खिलाफत के अन्याय के निवारण के साथ-साथ 'स्वराज' की प्राप्ति को मुख्य लक्ष्य बनाया गया था, तथा चौरी-चौरा की हिंसा (फरवरी 1922) के बाद बारदोली में कांग्रेस कार्य समिति ने इस आंदोलन को औपचारिक रूप से स्थगित कर दिया था।
4. असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में राजेन्द्र प्रसाद, मज़हरुल हक, और ब्रजकिशोर प्रसाद जैसे प्रमुख नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, तथा मज़हरुल हक ने पटना के करीब सदाकत आश्रम की स्थापना की और 'द मदरलैंड' नामक राष्ट्रवादी अखबार निकाला, जबकि असहयोग के दौरान ही नेशनल कॉलेज और बिहार विद्यापीठ की स्थापना की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना और संघ के राज्यक्षेत्र (Territory of the Union) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और प्रस्तावना देश की अदालतों में गैर-न्यायोज्य (Non-justiciable) है।
2. अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत अर्थात 'इंडिया' राज्यों का संघ (Union of States) है, न कि राज्यों का फेडरेशन, क्योंकि यह व्यवस्था अमेरिकी संघ के राज्यों के बीच हुए समझौते का परिणाम नहीं है।
3. संसद को अनुच्छेद 3 के तहत नए राज्यों के निर्माण, उनके क्षेत्रों या नामों में परिवर्तन करने की शक्ति प्राप्त है, और इस प्रकार के किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में पेश नहीं किया जा सकता है।
4. बेरूबारी संघ मामले (1960) में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया था कि भारतीय भूभाग को किसी अन्य देश को सौंपने (Cession) के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि इसे कार्यपालिका के कार्यकारी आदेश द्वारा भी हस्तांतरित किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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