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BPSC TRE 4.0
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित समानांतर सरकारों और वर्ष 1947 के भारतीय स्वतंत्रता एवं विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंककर समानांतर सरकारों की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया में चित्तू पाड़े के नेतृत्व में, ताम्रलिप्त (मिदनापुर) में 'जातीय सरकार' और सतारा में 'प्रति सरकार' (यशवंतराव चव्हाण व नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार थी।
- 2. ब्रिटिश संसद में भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रस्तुत 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' (Indian Independence Act 1947) को 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश राजशाही की स्वीकृति प्राप्त हुई थी, जिसके तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन बनाने का प्रावधान किया गया था।
- 3. भारत के विभाजन और उसकी सीमाओं के निर्धारण के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) ने बंगाल और पंजाब के सीमांकन का कार्य पूरा किया था, जिसकी रिपोर्ट की घोषणा 15 अगस्त 1947 से पहले ही कर दी गई थी।
- 4. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी द्वारा दिया गया 'करो या मरो' (Do or Die) का नारा बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में दिया गया था, और इस आंदोलन की शुरुआत के ठीक बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत सभी चोटी के कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर अज्ञात स्थानों पर नजरबंद कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान बलिया, ताम्रलिप्त और सतारा में समानांतर सरकारें बनीं, जहाँ सतारा की 'प्रति सरकार' सबसे लंबे समय तक चली। 18 जुलाई 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम को शाही स्वीकृति मिली और 15 अगस्त 1947 को भारत व पाकिस्तान दो डोमिनियन बने। बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा दिया और 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत नेताओं को गिरफ्तार किया गया। कथन 3 आंशिक रूप से भ्रामक है क्योंकि रेडक्लिफ आयोग की सीमा पुरस्कार (Boundary Award) की रिपोर्ट की आधिकारिक घोषणा 17 अगस्त 1947 को यानी स्वतंत्रता दिवस के दो दिन पश्चात की गई थी। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार की सिंचाई प्रणालियों और नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोन नहर प्रणाली (Sone Canal System) बिहार की सबसे पुरानी नहर प्रणालियों में से एक है, जिसकी शुरुआत डेहरी-ऑन-सोन से की गई थी, और यह मुख्य रूप से रोहतास, भोजपुर, और औरंगाबाद जैसे कृषि प्रधान जिलों को सिंचाई सुविधा प्रदान करती है।
2. गंडक परियोजना (Gandak Project) भारत और नेपाल की एक संयुक्त बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, जिसके तहत वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) में एक बराज का निर्माण किया गया है, और इससे निकलने वाली पूर्वी मुख्य नहर बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी सिंचाई और जल विद्युत की आपूर्ति करती है।
3. कोसी परियोजना के अंतर्गत बरिहारवा (नेपाल) में हनुमाननगर बराज का निर्माण किया गया है, जिससे निकलने वाली पूर्वी कोसी मुख्य नहर और पश्चिमी कोसी नहर न केवल बिहार के सुपौल, सहरसा और मधेपुरा क्षेत्रों को लाभान्वित करती हैं, बल्कि बाढ़ नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
4. दुर्गावती जलाशय परियोजना (Durgavati Reservoir Project) कैमूर जिले की मुख्य सिंचाई परियोजना है, जिसे दुर्गावती नदी पर बनाया गया है, और यह विशेष रूप से कैमूर पठार के शुष्क तथा पथरीले क्षेत्रों में धान और गेहूं की खेती के लिए बारहमासी सिंचाई सुनिश्चित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अर्धचालक उपकरणों, ट्रांजिस्टर और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के कार्य सिद्धांतों तथा उनके विभिन्न लॉजिक गेट्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्विध्रुवी जंक्शन ट्रांजिस्टर (BJT) में तीन क्षेत्र होते हैं — उत्सर्जक (Emitter), आधार (Base), और संग्राहक (Collector), जिसमें 'आधार' क्षेत्र अत्यधिक पतला और हल्के ढंग से डोप (Lightly Doped) किया जाता है ताकि अधिकांश आवेश वाहक (चार्ज कैरियर) बिना पुनर्संयोजन के संग्राहक तक पहुँच सकें।
2. 'नॉर गेट' (NOR Gate) और 'नैंड गेट' (NAND Gate) को 'सार्वभौमिक गेट्स' (Universal Gates) कहा जाता है, क्योंकि इनका उपयोग करके किसी भी अन्य मूल लॉजिक गेट जैसे AND, OR और NOT का निर्माण किया जा सकता है।
3. 'जेनर डायोड' (Zener Diode) हमेशा अग्रदिशिक बायस (Forward Bias) की स्थिति में संचालित होता है और इसका उपयोग वोल्टेज स्टेबलाइज़र या वोल्टेज नियामक के रूप में किया जाता है, क्योंकि यह ब्रेकडाउन क्षेत्र में स्थिर वोल्टेज बनाए रखता है।
4. प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) प्रत्यक्ष बायसिंग (Forward Bias) पर कार्य करने वाला एक अर्धचालक उपकरण है, जो इलेक्ट्रॉन और होल के पुनर्संयोजन (Recombination) के दौरान ऊर्जा को फोटॉन (प्रकाश) के रूप में उत्सर्जित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अंग्रेजों के साथ छापामार संघर्ष के बाद अमर सिंह अन्य विद्रोही नेताओं के साथ किस क्षेत्र में भाग गए थे?
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अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2025 का थीम क्या था?
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बिहार के अपवाह तंत्र, प्रमुख घाटियों, प्रपातों और झीलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पुनपुन नदी छोटा नागपुर पठार के पलामू जिले से निकलकर पटना के समीप फतुआ में गंगा नदी में मिलती है, और यह एक अनूठी नदी है जिसमें वर्षाकाल के अतिरिक्त गर्मियों में भी जल की निरंतरता बनी रहती है।
2. दुर्गावती जलप्रपात (Durgaoti Waterfall) कैमूर जिले के रोहतास पठार पर स्थित कर्मनाशा नदी की सहायक दुर्गावती नदी पर बना हुआ है, जो बिहार के सबसे ऊंचे जलप्रपातों में से एक है।
3. बेगूसराय जिले में स्थित 'कावर झील' (Kanwar Lake) बिहार की एकमात्र रामसर साइट (Ramsar Site) है, जो गंडक नदी के विसर्जन मार्ग बदलने के कारण बनी एक गोखुर (Oxbow) झील है और यहाँ सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में साइबेरियाई प्रवासी पक्षी आते हैं।
4. सोन नदी अमरकंटक के पठार से निकलकर रोहतास और भोजपुर जिलों की सीमा बनाते हुए पटना के समीप मनेर में गंगा नदी में मिलती है, और यह दक्षिण बिहार की सबसे लंबी तथा बारहमासी नदी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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