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BPSC TRE 4.0
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) से पूर्व ब्रिटिश भारत में स्थापित विभिन्न 'कांग्रेस की पूर्ववर्ती संस्थाओं' तथा उनके संस्थापकों/नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'लैंडहोल्डर सोसाइटी' (Landholders' Society) की स्थापना वर्ष 1838 में कलकत्ता में द्वारकानाथ टैगोर द्वारा की गई थी, जिसे भारत में जमींदारों और भूमिपतियों के आर्थिक एवं राजनीतिक हितों की रक्षा करने वाली पहली संगठित संस्था माना जाता है।
- 2. 'ईस्ट इंडिया एसोसिएशन' की स्थापना वर्ष 1866 में लंदन में दादाभाई नौरोजी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश जनमानस और संसद को भारत की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराना था।
- 3. 'पुणे सार्वजनिक सभा' की स्थापना वर्ष 1870 में महादेव गोविंद रणाडे, गणेश वासुदेव जोशी और एस. एस. बंगाली के प्रयासों से की गई थी, जो सरकार और जनता के बीच मध्यस्थ का कार्य करती थी।
- 4. 'इंडियन नेशनल एसोसिएशन' (भारतीय राष्ट्रीय संघ) की स्थापना वर्ष 1876 में कलकत्ता में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा की गई थी, जिसे कांग्रेस से पूर्व स्थापित सबसे महत्वपूर्ण और अखिल भारतीय स्तर की राजनीतिक संस्था माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। लैंडहोल्डर सोसाइटी (1838) द्वारकानाथ टैगोर द्वारा स्थापित पहली राजनीतिक संस्था थी; ईस्ट इंडिया एसोसिएशन (1866) की स्थापना लंदन में दादाभाई नौरोजी ने की; पुणे सार्वजनिक सभा (1870) की स्थापना एम.जी. रणाडे आदि द्वारा की गई; तथा सुरेन्द्रनाथ बनर्जी एवं आनंद मोहन बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन नेशनल एसोसिएशन' (1876) को कांग्रेस की स्थापना से पूर्व की सबसे प्रभावशाली संस्था माना जाता है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों का गहन अध्ययन आवश्यक है।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की न्यायिक संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी राज्य के उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ अन्य विधिक अधिकारों के लिए भी रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और उच्च न्यायालय की यह रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) उच्चतम न्यायालय की अनुच्छेद 32 के तहत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक विस्तृत (Wider) है।
2. अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के बाद किए जाते हैं, और न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय तथा राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से की जाती है।
3. संसद को विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित करने या किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक विस्तारित करने या उसे कम करने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है, जिसके तहत वर्तमान में केवल दिल्ली और जम्मू-कश्मीर ऐसे संघ राज्य क्षेत्र हैं जिनका अपना पृथक् उच्च न्यायालय है।
4. अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारियों की पोस्टिंग, छुट्टी और पदोन्नति से संबंधित मामले शामिल हैं, संविधान के अनुच्छेद 235 के अनुसार पूरी तरह से राज्य के राज्यपाल में निहित होता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई परामर्शदात्री या शासी भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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क्वांटम कंप्यूटिंग और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपयोग होने वाले 'क्वांटम बिट' (Qubit) तथा इसके अनुप्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारंपरिक बिट के विपरीत, जो केवल '0' या '1' की निश्चित अवस्था में हो सकता है, एक क्वांटम बिट 'सुपरपोजिशन' (Superposition) के सिद्धांत के कारण एक ही समय में '0' और '1' दोनों अवस्थाओं के संयोजन में अस्तित्व में रह सकता है।
2. क्वांटम एंटेंगलमेंट (Quantum Entanglement) वह परिघटना है जिसमें दो या दो से अधिक क्विबिट्स इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि एक क्विबिट की स्थिति में परिवर्तन दूसरे को तुरंत प्रभावित करता है, भले ही वे भौतिक रूप से कितनी भी दूर क्यों न हों।
3. भारत सरकार द्वारा देश में क्वांटम प्रौद्योगिकी के अनुसंधान और विकास को गति देने के लिए 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' (National Quantum Mission) को मंजूरी दी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षित संचार, क्वांटम सेंसर और उच्च-प्रदर्शन वाले क्वांटम कंप्यूटरों का विकास करना है।
4. क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक क्रिप्टोग्राफिक प्रणालियों जैसे RSA एन्क्रिप्शन को तोड़ने के लिए 'शोर के एल्गोरिथ्म' (Shor's Algorithm) का उपयोग करते हैं, जिससे यह डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी तकनीक बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अभिकथन (A): कोरियोलिस बल ध्रुवों पर अधिकतम और भूमध्य रेखा पर अनुपस्थित होता है। कारण (R): यह अक्षांश के सीधे समानुपाती होता है।
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण, उनकी शारीरिक विशेषताओं तथा ग्रिफ़िथ टेलर और हटन जैसे मानवविज्ञानियों के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर के 'प्रवास-कटीबंध सिद्धांत' (Migration-Zone Theory) के अनुसार, मानव प्रजातियों का उद्गम मध्य एशिया क्षेत्र में हुआ था, और जो प्रजातियाँ सबसे पहले उत्पन्न हुईं, वे विस्थापन के कारण सबसे बाहरी क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया के आदिवासियों या टसमानियाई लोगों) में धकेल दी गईं।
2. 'काकेशॉइड' (Caucasoid) प्रजाति के शारीरिक लक्षणों में आमतौर पर पतली नाक, सीधी या लहरदार बाल संरचना, और हल्के रंग की त्वचा शामिल होती है, और इस प्रजाति का मूल विस्तार मुख्य रूप से यूरोप, मध्य पूर्व और भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी क्षेत्रों तक पाया जाता है।
3. मंगोलॉइड (Mongoloid) प्रजाति के लोगों की एक प्रमुख शारीरिक विशेषता उनकी पलकों पर 'एपिकैंथिक फोल्ड' (Epicanthic fold) का पाया जाना है, जिसके कारण उनकी आँखें तिरछी या मुड़ी हुई प्रतीत होती हैं, और यह विशेषता मुख्य रूप से एशियाई महाद्वीप के मूल निवासियों में मिलती है।
4. मानव प्रजातियों के वर्गीकरण में 'रक्त समूह' (Blood Groups - ABO System) को एक सटीक आनुवंशिक आधार माना जाता है, क्योंकि शारीरिक बाहरी लक्षण (जैसे त्वचा का रंग और बालों की बनावट) पर्यावरणीय दशाओं और जलवायु से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि आनुवंशिक रक्त कारक पर्यावरण से अपरिवर्तित रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कुंवर सिंह ने किस प्रकार के युद्ध में महारत हासिल की थी?
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