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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संविधान संशोधन तथा स्थानीय स्वशासन (पंचायत, नगरपालिका, सहकारी समितियां) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 73वें संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया जिसके तहत पंचायतों में महिलाओं के लिए सभी स्तरों पर कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटों का आरक्षण अनिवार्य किया गया है, तथा कुछ राज्यों ने इसे बढ़ाकर 50% तक कर दिया है।
  2. 2. 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान में भाग IX-क जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) के तीन प्रकार - नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद और नगर निगम - के गठन का प्रावधान किया गया है।
  3. 3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों के गठन को एक मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(c)) बनाया गया तथा संविधान में नया भाग IX-ख जोड़ा गया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2021 के एक निर्णय में राज्यों के सहकारिता के अधिकार क्षेत्र में संसद के अत्यधिक हस्तक्षेप के कारण आंशिक रूप से असंवैधानिक घोषित कर दिया।
  4. 4. त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद शामिल हैं, जिनमें से जिला परिषद का प्रमुख हमेशा राज्य के राज्यपाल द्वारा नियुक्त एक प्रशासनिक अधिकारी होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। 73वें संशोधन द्वारा पंचायतों में महिलाओं के लिए न्यूनतम एक-तिहाई सीटों का आरक्षण अनिवार्य किया गया है। 74वें संशोधन द्वारा भाग IX-क जोड़कर नगरपालिकाओं के तीन प्रकार (नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद, नगर निगम) का प्रावधान किया गया है। 97वें संविधान संशोधन (2011) द्वारा सहकारी समितियों को मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(c)) का दर्जा दिया गया और भाग IX-ख जोड़ा गया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आंशिक रूप से रद्द किया था। कथन 4 असत्य है क्योंकि जिला परिषद का अध्यक्ष (प्रमुख) आमतौर पर इसके निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुना जाता है, न कि राज्यपाल द्वारा नियुक्त अधिकारी। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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