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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के आपात उपबंधों (भाग XVIII) और संविधान संशोधन प्रक्रिया (भाग XX, अनुच्छेद 368) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, जबकि अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी स्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है, और 44वें संविधान संशोधन (1978) के बाद 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को जोड़ा गया।
- 2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तिथि से दो माह के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) से अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, तथा इसे अधिकतम 3 वर्षों तक ही बढ़ाया जा सकता है।
- 3. संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में (लोकसभा या राज्यसभा) पेश किया जा सकता है, और इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, साथ ही यह विधेयक दोनों सदनों द्वारा अलग-अलग विशेष बहुमत (प्रत्येक सदन के कुल सदस्यों का बहुमत तथा उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत) से पारित होना अनिवार्य है।
- 4. संविधान संशोधन प्रक्रिया के तहत यदि कोई संशोधन देश के संघीय ढांचे (Federal Structure) को प्रभावित करता है, तो उसके लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त करना भी आवश्यक होता है, और इस प्रक्रिया में राज्यों के पास संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की पहल करने की शक्ति होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि 44वें संविधान संशोधन 1978 के द्वारा अनुच्छेद 352 में 'आंतरिक अशांति' शब्द को हटाकर 'सशस्त्र विद्रोह' जोड़ा गया और अनुच्छेद 20 व 21 को आपातकाल में भी निलंबित नहीं किया जा सकता। कथन 3 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है और इसके लिए दोनों सदनों से अलग-अलग विशेष बहुमत आवश्यक होता है। राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति इस विधेयक के लिए आवश्यक नहीं होती है, अतः कथन 2 गलत है क्योंकि राष्ट्रपति शासन के अनुमोदन की अवधि 1 माह थी जिसे 44वें संशोधन द्वारा घटाया गया था तथा साधारण बहुमत से पारित होता है लेकिन 3 वर्ष की सीमा और राष्ट्रपति शासन के प्रावधान अलग हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि राज्यों के विधानमंडलों के पास संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की पहल (Initiative) करने की शक्ति नहीं होती है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए इस प्रकार के उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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किस वर्ष लॉर्ड लिटन ने भाषाई आधार पर प्रेस की स्वतंत्रता को प्रतिबन्धित कर दिया?
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कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry) के अंतर्गत आने वाले यौगिकों की संरचना, समवयवता (Isomerism), और अभिक्रिया तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संपृक्त हाइड्रोकार्बन (जैसे एल्केन) में कार्बन परमाणु केवल एकल सहसंयोजक बंध (Single Covalent Bonds) द्वारा जुड़े होते हैं और ये मुख्य रूप से प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Substitution Reactions) प्रदर्शित करते हैं, जबकि असंपृक्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन और एल्काइन) योगशील अभिक्रियाएँ (Addition Reactions) देते हैं।
2. त्रिविम समवयवता (Stereoisomerism) के अंतर्गत ज्यामितीय समवयवता (Cis-Trans isomerism) मुख्य रूप से कार्बन-कार्बन द्विबंध युक्त यौगिकों में घूर्णन के अवरुद्ध होने के कारण उत्पन्न होती है, जिसमें 'シス' (Cis) रूप में समान समूह एक ही दिशा में और 'транс' (Trans) रूप में विपरीत दिशा में स्थित होते हैं।
3. बेंजीन और उसके aromatic यौगिकों में अनुनाद (Resonance) के कारण अत्यधिक स्थायित्व पाया जाता है, और ये यौगिक सामान्यतः इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Electrophilic Substitution Reactions) दर्शाते हैं, क्योंकि इनका पाई-इलेक्ट्रॉन मेघ (Pi-electron cloud) इलेक्ट्रॉनस्नेही अभिकर्मकों के लिए आसानी से उपलब्ध होता है।
4. एसिटिक एसिड (एसिटिक अम्ल) और एथिल फॉर्मेट एक-दूसरे के कार्यात्मक समूह समवयवी (Functional Group Isomers) नहीं हैं, बल्कि ये केवल क्रियात्मक रूप से भिन्न होते हैं और दोनों का रासायनिक सूत्र एवं आणविक भार भिन्न-भिन्न होता है।
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राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2023 और प्रमुख खेल आयोजनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 2023 के लिए देश का सर्वोच्च खेल सम्मान 'मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार' बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है।
2. 'अर्जुन पुरस्कार 2023' से सम्मानित होने वाली पहली भारतीय महिला घुड़सवार (Equestrian) खिलाड़ी दिव्यकृति सिंह बनी हैं, जिन्हें यह पुरस्कार उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया है।
3. राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के तहत प्रदान किया जाने वाला 'मौलाना আবুল कलाम आजाद (MAKA) ट्रफी' लगातार तीन वर्षों से शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को दिया जाता है, और वर्ष 2023 में यह ट्रॉफी गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर को प्रदान की गई।
4. पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के लिए निशानेबाजी (Shooting) में कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर ने एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतने का इतिहास रचते हुए फाइनल में स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया था।
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औपनिवेशिक काल के दौरान भारत में हुए किसान विद्रोहों और आंदोलनों (विशेषकर बिहार और उत्तर भारत के संदर्भ में) के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह (1917) में यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकथा प्रणाली' के अंतर्गत प्रत्येक बीघा जमीन के तीन कट्ठा हिस्से पर नील की अनिवार्य खेती करना कानूनी रूप से अनिवार्य था, जिसके विरुद्ध राजकुमार शुक्ल के आमंत्रण पर महात्मा गांधी ने चंपारण का दौरा किया था।
2. वर्ष 1920 के दशक के उत्तरार्ध में बिहार में स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचारों, बेदखली और अवैध वसूली के विरुद्ध आवाज उठाना था।
3. मोपला विद्रोह (1921), जो मुख्य रूप से केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था, मूल रूप से एक कृषिजन्य आंदोलन था जो स्थानीय मुस्लिम किसानों (टेनेंट्स) द्वारा हिंदू भूस्वामियों (जेन्मी) और ब्रिटिश प्रशासन की शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध भड़का था।
4. बकाश्त भूमि (Bakasht Land) आंदोलन का संबंध मुख्य रूप से बिहार के किसानों से था, जिसमें किसानों ने उन जमींदारों के विरुद्ध संघर्ष किया जिन्होंने किसानों की भूमि को कर्ज न चुका पाने के कारण छीन लिया था, और इस आंदोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन ने किया था।
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ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरलों तथा वायसराय के कार्यकाल, उनकी नीतियों और उनके समय में घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में 'विगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सतारा, जैतपुर, संबलपुर, उदयपुर, नागपुर और झाँसी का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया था, तथा इसी वायसराय के समय 1853 में बॉिम्बे से ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन चलाई गई थी और लोक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना हुई थी।
2. लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में वर्ष 1904 में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना था, तथा इसी के समय प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित हुआ और 1905 में बंगाल का विभाजन किया गया था।
3. लॉर्ड वेलेडजी द्वारा भारत में अंग्रेजी साम्राज्य के विस्तार के लिए 'सहायक संधि प्रणाली' (Subsidiary Alliance) की शुरुआत की गई थी, जिसे स्वीकार करने वाला सबसे पहला भारतीय राज्य हैदराबाद (1798) था, जिसके बाद मैसूर और तंजावुर ने भी इसे स्वीकार किया था।
4. लॉर्ड माउंटबेटन स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे, और उनके कार्यकाल में ब्रिटिश संसद द्वारा 15 जुलाई 1947 को 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' पारित किया गया, जिसके तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन राज्यों का सृजन हुआ था।
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