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BPSC TRE 4.0
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विधुत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाली अर्धचालक (Semiconductor) युक्तियों, डिजिटल लॉजिक गेट्स और संचार प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एक आंतरिक अर्धचालक (Intrinsic Semiconductor) में वर्जित ऊर्जा अंतराल (Forbidden Energy Gap) का मान लगभग 1 eV के आसपास होता है, और जब इसमें त्रिसंयोजक (Trivalent) अशुद्धियाँ जैसे इंडियम या बोरॉन मिलाई जाती हैं, तो यह n-टाइप अर्धचालक का निर्माण करता है जिसमें बहुसंख्यक आवेश वाहक (Majority Charge Carriers) इलेक्ट्रॉन होते हैं।
  2. 2. नैंड (NAND) और नॉर (NOR) गेट्स को 'सार्वभौमिक गेट्स' (Universal Gates) कहा जाता है, क्योंकि केवल इन्हीं तार्किक गेट्स के विभिन्न संयोजनों का उपयोग करके किसी भी अन्य मूल या जटिल बूलियन फलन (जैसे AND, OR, NOT) को कार्यान्वित किया जा सकता है।
  3. 3. प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) प्रत्यक्ष बायस (Forward Bias) में कार्य करने वाली एक अर्धचालक युक्ति है, जो इलेक्ट्रॉन और कोटर (Hole) के पुनर्योजन के दौरान दृश्य या अवरक्त विकिरण के रूप में ऊर्जा उत्सर्जित करती है, और इसमें गैसीय संक्रमण के स्थान पर ठोस-अवस्था क्वांटम संक्रमण का उपयोग होता है।
  4. 4. आयाम मॉडुलेशन (Amplitude Modulation - AM) की तुलना में आवृत्ति मॉडुलेशन (Frequency Modulation - FM) रेडियो प्रसारण में शोर (Noise) के प्रति अधिक संवेदनशील होती है और इसकी बैंडविड्थ आवश्यकता भी बहुत कम होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है, क्योंकि आंतरिक अर्धचालक में त्रिसंयोजक (Trivalent) अशुद्धियाँ मिलाने पर 'p-टाइप' अर्धचालक का निर्माण होता है, जिसमें बहुसंख्यक आवेश वाहक 'कोटर' (Holes) होते हैं, जबकि n-टाइप के लिए पंचसंयोजक अशुद्धियाँ मिलाई जाती हैं। कथन 2 सत्य है, NAND और NOR गेट्स को सार्वभौमिक गेट कहा जाता है। कथन 3 सत्य है, LED फॉरवर्ड बायस में कार्य करती है और पुनर्योजन से ऊर्जा उत्सर्जित करती है। कथन 4 असत्य है, क्योंकि आवृत्ति मॉडुलेशन (FM) शोर (Noise) के प्रति कम संवेदनशील होती है और इसकी बैंडविड्थ AM की तुलना में अधिक होती है। ऐसे अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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