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BPSC TRE 4.0
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ऊष्मा, ताप और ऊष्मीय प्रसार के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जब किसी द्रव को किसी बर्तन में भरकर गर्म किया जाता है, तो द्रव का आभासी प्रसार गुणांक (Apparent expansion coefficient) उसके वास्तविक प्रसार गुणांक (Real expansion coefficient) से हमेशा अधिक होता है, क्योंकि बर्तन के प्रसार को भी इसमें शामिल किया जाता है।
  2. 2. जल का व्यतिक्रम प्रसार (Anomalous expansion of water) यह दर्शाता है कि 0°C से 4°C तक गर्म करने पर जल सिकुड़ता है, अर्थात इसका आयतन घटता है और घनत्व बढ़ता है, तथा 4°C पर जल का घनत्व अधिकतम होता है।
  3. 3. किर्चॉफ के विकिरण नियम के अनुसार, किसी निश्चित ताप पर जो वस्तुएँ अच्छी अवशोषक (Good absorbers) होती हैं, वे उतनी ही अच्छी उत्सर्जक (Good emitters) भी होती हैं, और यह नियम ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम पर आधारित है।
  4. 4. गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) के दौरान पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन होता है बिना तापमान में किसी प्रकार के बदलाव के, और पानी की वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा इसके संलयन की गुप्त ऊष्मा से काफी अधिक होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि जब किसी द्रव को बर्तन में गर्म किया जाता है, तो द्रव का वास्तविक प्रसार, आभासी प्रसार और बर्तन के प्रसार का योग होता है, इसलिए वास्तविक प्रसार गुणांक हमेशा आभासी प्रसार गुणांक से अधिक होता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि किर्चॉफ का विकिरण नियम ऊष्मागतिकी के शून्यवें (Zeroth) या द्वितीय नियम के सिद्धांतों से संबंधित है (ऊष्मीय साम्यावस्था), न कि प्रथम नियम पर आधारित। कथन 2 और 4 पूरी तरह सत्य हैं। जल का घनत्व 4°C पर अधिकतम होता है तथा वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा संलयन की गुप्त ऊष्मा से बहुत अधिक होती है। अधिक जानकारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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