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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान में आपात उपबंधों (Emergency Provisions) और संविधान संशोधन प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की घोषणा के समय मूल संविधान में 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द का स्पष्ट उल्लेख था, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'आंतरिक अशांति' शब्द के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था।
- 2. भारतीय संविधान के भाग XX के अंतर्गत अनुच्छेद 368 में संविधान संशोधन की दो मुख्य पद्धतियों का प्रावधान है, किंतु कुछ विशेष प्रावधानों में संशोधन के लिए आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों के अनुसमर्थन (Ratification) की भी आवश्यकता होती है।
- 3. केशवानंद भारती मामले (1973) के ऐतिहासिक निर्णय में उच्चतम न्यायालय ने यह प्रतिपादित किया था कि संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की असीमित शक्ति प्राप्त है, जिसमें संविधान का 'मूल ढांचा' (Basic Structure) भी शामिल है।
- 4. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) की घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा साधारण बहुमत से अनुमोदित किया जाना आवश्यक होता है, और एक बार अनुमोदित होने के बाद यह आपातकाल अनिश्चितकाल तक लागू रहता है जब तक कि इसे राष्ट्रपति द्वारा वापस न ले लिया जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि मूल संविधान में 'आंतरिक अशांति' शब्द था, जिसे 44वें संविधान संशोधन 1978 द्वारा बदलकर 'सशस्त्र विद्रोह' किया गया था। कथन 2 सत्य है; अनुच्छेद 368 के तहत कुछ संशोधनों के लिए आधे राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि न्यायालय ने मूल ढांचे में संशोधन करने की अनुमति नहीं दी है यानी मूल ढांचे को संशोधित नहीं किया जा सकता। कथन 4 असत्य है क्योंकि वित्तीय आपातकाल के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। अधिक जानकारी और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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1. डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित 'अग्नि-5' (Agni-V) मिसाइल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जिसमें मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री वेहिकल (MIRV) तकनीक का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है, जिससे एक ही मिसाइल एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हो जाती है।
2. इसरो द्वारा लॉन्च किए गए 'एक्सपोसैट' (XPoSat) उपग्रह का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में एक्स-रे स्रोतों के ध्रुवीकरण (Polarization) का अध्ययन करना है, और यह दुनिया का दूसरा ऐसा विशिष्ट खगोलीय मिशन है जिसे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के 'इקסपी एंडोस्कोप' के बाद लॉन्च किया गया है।
3. भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' के लिए इसरो द्वारा विकसित 'विकास' (Vikas) इंजन का हॉट टेस्ट (Hot Test) सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जो क्रायोजेनिक चरण के लिए उच्च प्रणोद (Thrust) प्रदान करता है।
4. हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए 'प्रोजेक्ट 15B' के तहत निर्मित चौथे और अंतिम गाइडेड मिसाइल विध్వंसक युद्धपोत का नाम 'आईएनएस विशाखापत्तनम' है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है।
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1. भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित 'गगनयान' मिशन के लिए 'विकास' (Vikas) इंजन एक तरल प्रणोदक रॉकेट इंजन है, जो असंतमित डाइमेथिलहाइड्राजीन (UDMH) और नाइट्रोजन टेट्राक्साइड का उपयोग करता है।
2. क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में 'क्वांटम सुप्रीमेसी' (Quantum Supremacy) वह स्थिति है जब एक क्वांटम कंप्यूटर किसी ऐसी जटिल गणना को सफलतापूर्वक हल कर लेता है जिसे करने में वर्तमान समय के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर को भी हजारों वर्ष लग जाते हैं।
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