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BPSC TRE 4.0
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भारत में प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन, शमन (Mitigation) और उनके भौगोलिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का पदेन अध्यक्ष देश का प्रधानमंत्री होता है, और यह संस्था आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत देश में आपदाओं से निपटने के लिए नीतियों, योजनाओं और दिशानिर्देशों को निर्धारित करने वाली सर्वोच्च निकाय है।
  2. 2. भारत के भूकंपीय क्षेत्रों (Seismic Zones) के वर्गीकरण के अनुसार, देश के उत्तरी-पूर्वी राज्यों, संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र और बिहार का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा भूकंपीय क्षेत्र V (Zone V) के अंतर्गत आता है, जो सबसे अधिक विनाशकारी भूकंपों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
  3. 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) की उत्पत्ति के लिए समुद्री सतह का तापमान कम से कम 26.5°C या उससे अधिक होना आवश्यक होता है, क्योंकि गर्म जलवाष्प इन चक्रवातों को उनकी ऊर्जा प्रदान करती है, और भारत के पूर्वी तट पर पश्चिमी तट की तुलना में चक्रवातों का प्रभाव अधिक व्यापक होता है।
  4. 4. बिहार राज्य में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या के पूर्ण समाधान के लिए राज्य सरकार ने केवल दक्षिण-बिहार की नदियों पर बड़े बांधों और तटबंधों का निर्माण करने की नीति अपनाई है, जिससे उत्तर-बिहार की नदियों में आने वाले अवसादों (Silt) की मात्रा पूरी तरह से समाप्त हो गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की स्थापना आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत की गई थी जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। भारत को भूकंपीय संवेदनशीलता के आधार पर चार क्षेत्रों (Zone II, III, IV, V) में बांटा गया है, जिसमें हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम बिहार ज़ोन V में आते हैं। उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विकास के लिए समुद्री सतह का न्यूनतम तापमान 26.5°C आवश्यक होता है और बंगाल की खाड़ी के कारण पूर्वी तट पर अधिक चक्रवात आते हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि उत्तर-बिहार की नदियाँ (जैसे कोसी, गंडक) नेपाल से भारी मात्रा में अवसाद लाती हैं और तटबंधों की नीति से समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हुआ है बल्कि कई बार बाढ़ का दायरा और बढ़ गया है। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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