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BPSC TRE 4.0
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बिहार के औद्योगिक विकास, व्यापारिक परिदृश्य और आधारभूत संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार सरकार द्वारा राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार राज्य खाद्य प्रसंस्करण नीति' को लागू किया गया है।
- 2. अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा (AKIC) परियोजना का प्रमुख भाग बिहार से होकर गुजरता है, जिसके तहत गया और पश्चिमी चंपारण जिलों को प्रमुख औद्योगिक विनिर्माण केंद्रों के रूप में विकसित किए जाने का प्रावधान है।
- 3. राज्य में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के अंतर्गत राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी: हल्दिया से प्रयागराज) पटना, भागलपुर और बक्सर जैसे प्रमुख जिलों से गुजरता है, जो माल ढुलाई के लिए एक सुलभ और किफायती माध्यम प्रदान करता है।
- 4. बिहार में कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक आधुनिक बनाने के लिए वर्ष 2006 में कृषि उत्पन्न बाजार समिति अधिनियम (APMC Act) को निरस्त कर दिया गया था, जिसके पश्चात राज्य में निजी क्षेत्र के निवेश से केवल बहुराष्ट्रीय खुदरा श्रृंखलाओं (MNC Retail Chains) के बड़े सुपरमार्केटों की स्थापना को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार में खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक गलियारे (जैसे अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा) के माध्यम से व्यापार एवं विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी) अंतर्देशीय जल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि 2006 में एपीएमसी अधिनियम समाप्त करने के बाद राज्य में निजी निवेश आधारित बाजार प्रांगणों (Market Yards) की स्थापना का प्रावधान किया गया था, न कि केवल बहुराष्ट्रीय खुदरा श्रृंखलाओं के सुपरमार्केटों की अनिवार्यता का। इस प्रकार की उच्च-स्तरीय और परीक्षा-उपयोगी सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार के औद्योगिक विकास, विदेशी व्यापार और प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार में आर्थिक सुधारों और औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति' (BIIPPP) के तहत खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र (Textiles) और चमड़ा उद्योग को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है।
2. बरौनी रिफाइनरी, जो भारतीय तेल निगम (IOCL) के अंतर्गत संचालित है, बिहार का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का औद्योगिक उपक्रम है और इसे कच्चा तेल मुख्य रूप से हल्दिया-बरौनी पाइपलाइन के माध्यम से प्राप्त होता है।
3. भारत के कुल मखाना निर्यात में बिहार का योगदान लगभग 85% से अधिक है, और केंद्र सरकार द्वारा 'एक जिला एक उत्पाद' (ODED/ODOP) योजना के तहत दरभंगा और मधुबनी जिलों में मखाना आधारित सूक्ष्म उद्योगों को विशेष वित्तीय सहायता दी जा रही है।
4. बिहार से होने वाले कुल निर्यात में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की हिस्सेदारी सबसे कम है, तथा राज्य का अधिकांश निर्यात केवल खनिज पदार्थों और भारी इंजीनियरिंग सामानों तक ही सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्र (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है, और ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार, जब ऊर्जा का एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरण होता है, तो प्रत्येक चरण में ऊर्जा का ह्रास होता है।
2. 'लिंडमैन का 10 प्रतिशत का नियम' (Lindeman's 10% Law) यह बताता है कि एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ही संचित हो पाती है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं के दौरान नष्ट हो जाती है।
3. गाद और मलबे पर आधारित खाद्य श्रृंखला (Detritus Food Chain - DFC) में प्राथमिक उपभोक्ता अपघटक (Decomposers) होते हैं, जो मृत कार्बनिक पदार्थों को अकार्बनिक खनिजों में बदलते हैं, और यह जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की तुलना में स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में कम महत्वपूर्ण होती है।
4. नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle) में 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) की प्रक्रिया के दौरान अमोनिया पहले नाइट्राइट में और फिर नाइट्रेट में परिवर्तित होती है, जिसे पौधों द्वारा मुख्य रूप से अवशोषित किया जाता है, और यह चक्र एक पूर्णतः गैसीय जैव-रासायनिक चक्र का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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“बिग इंच” पाइपलाइन का उपयोग विशेष रूप से किसके परिवहन के लिए किया जाता है?
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अर्धचालक उपकरणों, ट्रांजिस्टर और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के कार्य सिद्धांतों तथा उनके विभिन्न लॉजिक गेट्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्विध्रुवी जंक्शन ट्रांजिस्टर (BJT) में तीन क्षेत्र होते हैं — उत्सर्जक (Emitter), आधार (Base), और संग्राहक (Collector), जिसमें 'आधार' क्षेत्र अत्यधिक पतला और हल्के ढंग से डोप (Lightly Doped) किया जाता है ताकि अधिकांश आवेश वाहक (चार्ज कैरियर) बिना पुनर्संयोजन के संग्राहक तक पहुँच सकें।
2. 'नॉर गेट' (NOR Gate) और 'नैंड गेट' (NAND Gate) को 'सार्वभौमिक गेट्स' (Universal Gates) कहा जाता है, क्योंकि इनका उपयोग करके किसी भी अन्य मूल लॉजिक गेट जैसे AND, OR और NOT का निर्माण किया जा सकता है।
3. 'जेनर डायोड' (Zener Diode) हमेशा अग्रदिशिक बायस (Forward Bias) की स्थिति में संचालित होता है और इसका उपयोग वोल्टेज स्टेबलाइज़र या वोल्टेज नियामक के रूप में किया जाता है, क्योंकि यह ब्रेकडाउन क्षेत्र में स्थिर वोल्टेज बनाए रखता है।
4. प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) प्रत्यक्ष बायसिंग (Forward Bias) पर कार्य करने वाला एक अर्धचालक उपकरण है, जो इलेक्ट्रॉन और होल के पुनर्संयोजन (Recombination) के दौरान ऊर्जा को फोटॉन (प्रकाश) के रूप में उत्सर्जित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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शुष्क क्षेत्रों में पवन अपरदन द्वारा विकसित भू-आकृतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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