BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
25 views

बिहार सरकार द्वारा डिजिटल पहलों और ई-शासन (E-Governance) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स की शुरुआत की गई है। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'बिहार भूमि' (Bihar Bhumi) पोर्टल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक ऑनलाइन लगान भुगतान, भूमि के दाखिल-खारिज (Mutation) के आवेदन और अपनी जमीन के रिकॉर्ड (रजिस्टर-II) की डिजिटल प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
  2. 2. शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का संचालन किया जाता है, जिसके तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति तथा शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाती है।
  3. 3. 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) मोबाइल ऐप और पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों और नागरिकों को आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत सटीक और वास्तविक समय (Real-time) पर मौसम पूर्वानुमान, वज्रपात (Thunderstorm) और बाढ़ की चेतावनी देना है।
  4. 4. लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के अंतर्गत विभिन्न प्रमाण पत्रों जैसे आय, जाति, निवास और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के ऑनलाइन आवेदन के लिए विकसित किए गए 'सर्विस प्लस' (Service Plus) पोर्टल का पूर्ण नियंत्रण पूरी तरह से केवल केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के पास है, और इसमें राज्य सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। स्पष्टीकरण: 'सर्विस प्लस' (Service Plus) पोर्टल का उपयोग विभिन्न राज्यों द्वारा अपनी लोक सेवाओं (RTPS) को ऑनलाइन प्रदान करने के लिए किया जाता है, और इसका संचालन राज्यों के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत होता है, न कि केवल केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के पास। अधिक अध्ययन सामग्री और परीक्षा की तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

→ सूर्य और चंद्रमा के समकोण पर होने और उनके गुरुत्वाकर्षण बलों के एक दूसरे को बेअसर करने की स्थिति में उत्पन्न होने वाले ज्वार को क्या कहा जाता है? → बिहार की लोक कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मधुबनी पेंटिंग (जिसे मिथिला पेंटिंग भी कहा जाता है) की मुख्य रूप से पाँच प्रमुख शैलियाँ हैं - कचनी, भरनी, तांत्रिक, गोडवाना और कोबर, जिनमें प्राकृतिक रंगों और तूलिकाओं के स्थान पर बाँस की तीलियों व उंगलियों का प्रयोग किया जाता है। 2. 'मंजूषा कला' (Manjusha Art) को अंग प्रदेश (विशेषकर भागलपुर क्षेत्र) की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है, जिसे 'संगीतात्मक कला' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें मुख्य रूप से विषहर (महासांप) की कथा और बिहुला-विषहरी की गाथाओं का चित्रांकन सिल्क के कपड़ों या बक्से पर किया जाता है। 3. बिहार का प्रसिद्ध लोक पर्व 'छठ पूजा' कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाने वाला एक सूर्योपासना का महापर्व है, जिसकी अनूठी परंपरा ऋग्वैदिक काल से जुड़ी हुई है और इसमें प्रकृति संरक्षण का संदेश मिलता है। 4. पटना कलम शैली (Patna School of Painting) मुगल शैली और ब्रिटिश शैली का एक सुंदर मिश्रण है, जिसके प्रमुख चित्रकारों में सेवक राम और महालाल जैसे कलाकारों का नाम लिया जाता है, और इसमें मुख्य रूप से राजा-दरबारों के भव्य दृश्यों के बजाय सामान्य जन-जीवन और बाजार के दृश्यों को चित्रित किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → साइमन कमीशन भारत कब आया? → बिहार में ई-शासन (e-Governance) को बढ़ावा देने तथा डिजिटल पहलों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार सरकार द्वारा भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए 'बिहार भूमि' (Biharbhoomi) पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation), भू-लगान भुगतान और अपनी जमीन के रिकॉर्ड (रजिस्टर-2) की जाँच घर बैठे कर सकते हैं। 2. राज्य के विद्यालयों में पारदर्शिता लाने और छात्रों तथा शिक्षकों की उपस्थिति की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (E-Shikshakosh) पोर्टल विकसित किया गया है, जो राज्य की संपूर्ण स्कूली शिक्षा प्रणाली को डिजिटल रूप से एकीकृत करता है। 3. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा उम्मीदवारों के सुगम पंजीकरण के लिए शुरू किया गया 'परीक्षा पोर्टल' पूरी तरह से केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) से स्वतंत्र है और इसमें क्लाउड स्टोरेज का उपयोग नहीं किया जाता है। 4. पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल के साथ राज्य की ग्राम पंचायतों के डिजिटल वित्तीय प्रबंधन को जोड़ा गया है, जिससे विकास कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग आसान हुई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार के परिवहन तंत्र और सड़क एवं रेल अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने के कार्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, और राज्य में कुल राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) की लंबाई 6,000 किलोमीटर से अधिक हो गई है, जिसमें एन.एच.-31 राज्य का एक प्रमुख और व्यस्ततम राजमार्ग है। 2. बिहार में अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways) के विकास के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) गंगा नदी पर हल्दिया से इलाहाबाद (प्रयागराज) के बीच संचालित होता है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार राज्य से होकर गुजरता है और यह कार्गो परिवहन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। 3. राज्य में रेल परिवहन की शुरुआत ब्रिटिश काल में ही हो गई थी, और वर्तमान में पूर्व मध्य रेलवे (ECR) जोन, जिसका मुख्यालय हाजीपुर में स्थित है, बिहार के अधिकांश रेल नेटवर्क का संचालन और नियंत्रण करता है। 4. पटना मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत, जिसमें प्राथमिकता कॉरिडोर के रूप में दानापुर से मीठापुर और बैरिया तक का मार्ग शामिल है, भूमिगत और ऐक्वाडक्ट (एलिवेटेड) दोनों प्रकार के ट्रैकों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, ताकि राजधानी की शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.