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BPSC TRE 4.0
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बिहार के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में सदाकत आश्रम की स्थापना मज़हरुल हक़ द्वारा की गई थी, और यहीं से 'द मदरलैंड' (The Motherland) नामक राष्ट्रवादी अखबार का प्रकाशन शुरू हुआ था।
- 2. वर्ष 1928 में पटना में साइमन कमीशन के बहिष्कार के लिए हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अनुग्रह नारायण सिंह ने किया था, जबकि बिहार में 'बिहार युवा लीग' की स्थापना भी इसी उद्देश्य से की गई थी।
- 3. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) के दौरान बिहार के छपरा (सारण) और मुंगेर जिलों में न सिर्फ चौकीदारी कर अदायगी का बहिष्कार किया गया, बल्कि जेलों में कैदियों द्वारा विदेशी वस्त्रों और कपड़ों के उपयोग के खिलाफ 'नंगा हड़ताल' भी की गई थी।
- 4. भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय भवन के सामने राष्ट्रीय झंडा फहराने के प्रयास में शहीद हुए सात युवा विद्यार्थियों में रामगोबिंद सिंह, उमाकांत प्रसाद सिंह और देवीपाद चौधरी शामिल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि पटना में साइमन कमीशन (1928) के बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन का प्रमुख नेतृत्व अनुग्रह नारायण सिंह के साथ-साथ प्रोफेसर ज्ञान शाह और अन्य स्थानीय राष्ट्रवादियों ने किया था, परंतु 'बिहार युवा लीग' की स्थापना मुख्य रूप से पटना और छपरा क्षेत्र में युवाओं को संगठित करने के लिए हुई थी, जिसमें प्रोफेसर ज्ञान शाह और श्रीकृष्ण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका थी। सदाकत आश्रम मज़हरुल हक़ को खैरियां मियाँ द्वारा दान में दी गई जमीन पर बना था जहाँ से 'द मदरलैंड' का प्रकाशन हुआ। 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में सारण जेल में 'नंगा हड़ताल' प्रसिद्ध है। 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय गोलीकांड में सात वीर छात्र शहीद हुए थे। इस प्रकार की उच्च स्तरीय तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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