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BPSC TRE 4.0
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा देश की स्वतंत्रता एवं विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया गया, तथा इसी अधिवेशन में महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा दिया था।
  2. 2. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया (चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में), ताम्रलि्क (मिदनापुर, बंगाल) और सतारा (वाई.बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार') प्रमुख थीं।
  3. 3. वर्ष 1947 में भारत के विभाजन और स्वतंत्रता से संबंधित 'माउंटबेटन योजना' (3 जून योजना) को ब्रिटिश संसद द्वारा औपचारिक रूप से पारित कराने के लिए 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' (Indian Independence Act 1947) प्रस्तुत किया गया था, जिसके तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन राज्यों में विभाजित हुए।
  4. 4. भारत के विभाजन की रूपरेखा तय करने वाली 'रैडक्लिफ रेखा' (Radcliffe Line) का निर्धारण सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग द्वारा किया गया था, जिसने पंजाब और बंगाल के सीमांकन का कार्य भारत की स्वतंत्रता की घोषणा के बाद यानी 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में कांग्रेस के अधिवेशन में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा दिया। इस आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता देश के विभिन्न क्षेत्रों में समानांतर सरकारों का गठन था, जैसे बलिया में चित्तू पाण्डू, ताम्रलि्क और सतारा की 'प्रति सरकार'। इसके अतिरिक्त, भारत की स्वतंत्रता और विभाजन का आधार 'माउंटबेटन योजना' (3 जून 1947) बनी, जिसे 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' के तहत कानूनी रूप दिया गया। पंजाब और बंगाल की सीमाओं का निर्धारण सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित सीमा आयोग द्वारा किया गया था, जिसकी रिपोर्ट 17 अगस्त 1947 को प्रकाशित की गई थी। इस प्रकार के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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