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BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर के विभिन्न आंतरिक तंत्रों, उनकी संरचनात्मक इकाइयों तथा शारीरिक क्रिया-विज्ञान (Physiology) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मानव पाचन तंत्र में यकृत (Liver) शरीर की सबसे बड़ी बहिःस्रावी (Exocrine) ग्रंथि है, जो पित्त रस (Bile Juice) का स्राव करती है जिसमें कोई पाचक एंजाइम नहीं होता है, परंतु यह वसा के इमल्सीकरण (Emulsification) में सहायता करता है।
  2. 2. तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की मूल संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई न्यूरॉन (Neuron) होती है, जिसमें सूचनाओं का संचरण विद्युत-रासायनिक आवेगों (Electrical Impulses) के रूप में केवल एक्सॉन (Axon) से डेंड्राइट (Dendrite) की एकदिशीय दिशा में होता है।
  3. 3. मानव श्वसन तंत्र में गैसों का विनिमय मुख्य रूप से फेफड़ों के भीतर सूक्ष्म वायुपोषिकाओं (Alveoli) की पतली झिल्ली के माध्यम से विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा होता है, और हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन के साथ reversibly बंधकर ऑक्सीहीमोग्लोबिन का निर्माण करता है।
  4. 4. उत्सर्जन तंत्र (Excretory System) के अंतर्गत प्रत्येक वृक्क (Kidney) के भीतर लाखों कार्यात्मक इकाइयाँ पाई जाती हैं जिन्हें नेफ्रॉन (Nephron) कहा जाता है, जिनका मुख्य कार्य रक्त का निस्पंदन (Filtration) कर मूत्र के माध्यम से यूरिया और अन्य वर्ज्य पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 2 असत्य है। कथन 2 इसलिए असत्य है क्योंकि न्यूरॉन में विद्युत-रासायनिक आवेगों का संचरण डेंड्राइट से शुरू होकर सेल बॉडी (Cyton) से होते हुए एक्सॉन (Axon) की ओर अग्रसर होता है, न कि एक्सॉन से डेंड्राइट की ओर। यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है, एल्विओली में गैसों का विनिमय होता है, और नेफ्रॉन वृक्क की कार्यात्मक इकाई है। BPSC TRE 4.0 परीक्षा की संपूर्ण और उत्कृष्ट तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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