त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
20 views
मानव शरीर के विभिन्न आंतरिक तंत्रों, उनकी संरचनात्मक इकाइयों तथा शारीरिक क्रिया-विज्ञान (Physiology) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव पाचन तंत्र में यकृत (Liver) शरीर की सबसे बड़ी बहिःस्रावी (Exocrine) ग्रंथि है, जो पित्त रस (Bile Juice) का स्राव करती है जिसमें कोई पाचक एंजाइम नहीं होता है, परंतु यह वसा के इमल्सीकरण (Emulsification) में सहायता करता है।
- 2. तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की मूल संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई न्यूरॉन (Neuron) होती है, जिसमें सूचनाओं का संचरण विद्युत-रासायनिक आवेगों (Electrical Impulses) के रूप में केवल एक्सॉन (Axon) से डेंड्राइट (Dendrite) की एकदिशीय दिशा में होता है।
- 3. मानव श्वसन तंत्र में गैसों का विनिमय मुख्य रूप से फेफड़ों के भीतर सूक्ष्म वायुपोषिकाओं (Alveoli) की पतली झिल्ली के माध्यम से विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा होता है, और हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन के साथ reversibly बंधकर ऑक्सीहीमोग्लोबिन का निर्माण करता है।
- 4. उत्सर्जन तंत्र (Excretory System) के अंतर्गत प्रत्येक वृक्क (Kidney) के भीतर लाखों कार्यात्मक इकाइयाँ पाई जाती हैं जिन्हें नेफ्रॉन (Nephron) कहा जाता है, जिनका मुख्य कार्य रक्त का निस्पंदन (Filtration) कर मूत्र के माध्यम से यूरिया और अन्य वर्ज्य पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 2 असत्य है। कथन 2 इसलिए असत्य है क्योंकि न्यूरॉन में विद्युत-रासायनिक आवेगों का संचरण डेंड्राइट से शुरू होकर सेल बॉडी (Cyton) से होते हुए एक्सॉन (Axon) की ओर अग्रसर होता है, न कि एक्सॉन से डेंड्राइट की ओर। यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है, एल्विओली में गैसों का विनिमय होता है, और नेफ्रॉन वृक्क की कार्यात्मक इकाई है। BPSC TRE 4.0 परीक्षा की संपूर्ण और उत्कृष्ट तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
Related Questions
→
किस तापमान पर हवा संतृप्त हो जाती है, जिससे संघनन की प्रक्रिया शुरू होती है?
→
दूध की शुद्धता किससे मापी जाती है?
→
निम्न में से किसका क्वथनांक सबसे अधिक होता है?
→
पृथ्वी के वायुमंडल में 'नाइट्रोजन' का प्रतिशत लगभग कितना है?
→
भारत में आपदा प्रबंधन प्रणाली और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत देश में त्रि-स्तरीय आपदा प्रबंधन संस्थागत ढांचे का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में NDMA, राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), और जिला स्तर पर जिला कलेक्टर/जिला magistrate की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) का गठन किया जाता है।
2. 'राष्ट्रीय आपदा मोचन बल' (NDRF) की स्थापना आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 44 के तहत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य विशिष्ट प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के समय राहत और बचाव कार्यों का संचालन करना है, तथा इसके महानिदेशक की नियुक्ति सीधे प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है।
3. भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में जारी की गई 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना' (National Disaster Management Plan) के अनुसार, आपदा प्रबंधन के चार प्रमुख आयामों—निवारण (Prevention), शमन (Mitigation), तैयारी (Preparedness), और प्रतिक्रिया (Response)—में से 'शमन' और 'निवारण' को विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रालयों की प्रत्यक्ष वित्तीय जिम्मेदारी माना गया है, जबकि राज्य सरकारों की भूमिका केवल राहत वितरण तक सीमित है।
4. आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए वैश्विक स्तर पर अपनाई जाने वाली 'सेंडाई फ्रेमवर्क' (Sendai Framework for Disaster Risk Reduction 2015-2030) का प्रमुख लक्ष्य वर्ष 2030 तक वैश्विक आपदा मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की क्षति और बुनियादी सेवाओं के व्यवधान को कम करना है, जिसे भारत सरकार ने भी आधिकारिक रूप से अपनाया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.