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BPSC TRE 4.0
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बिहार के प्रादेशिक सामान्य ज्ञान, भौगोलिक विशेषताओं और विविध सांस्कृतिक पहलुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार की कुल भौगोलिक सीमा नेपाल देश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाती है, और राज्य के कुल सात जिले (पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज) नेपाल की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- 2. बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी का उद्गम स्थल तिब्बत में गोसाईं थान चोटी के पास है, और यह नदी अपने मार्ग परिवर्तन के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जो अंततः कटिहार जिले के पास गंगा नदी में मिलती है।
- 3. राज्य में बहने वाली पुनपुन नदी का उद्गम पलामू (झारखंड) की पहाड़ियों से होता है, और यह नदी पटना जिले के फतुहा के पास गंगा नदी में मिलती है, जिसे हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है तथा यहाँ पितृपक्ष के दौरान पिंडदान का विशेष महत्व है।
- 4. वर्ष 2000 में हुए झारखंड के विभाजन के बाद बिहार का खनिज संसाधनों पर भारी नियंत्रण कम हो गया, क्योंकि अधिकांश खनिज भंडार (विशेषकर कोयला, अभ्रक, और लोहा) झारखंड राज्य में चले गए, और वर्तमान में बिहार में केवल कैमूर और रोहतास के पठारी क्षेत्र में चूना पत्थर (Limestone) और पाइराइट के प्रमुख भंडार बचे हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। बिहार की उत्तर सीमा नेपाल से लगती है और 7 जिले इसके साथ सीमा साझा करते हैं। कोसी नदी नेपाल से होते हुए बिहार में प्रवेश करती है और कटिहार के पास गंगा में मिलती है। पुनपुन नदी का उद्गम पलामू से है और यह फतुहा में गंगा में मिलती है। विभाजन के बाद बिहार में खनिज संपदा कम हुई, किंतु रोहतास और कैमूर क्षेत्र में चूना पत्थर और पाइराइट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। परीक्षा की ऐसी ही बेहतरीन और व्यापक तैयारियों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु लचीलापन और संधारणीय विकास के लिए शुरू की गई प्रमुख पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जल जीवन हरियाली' अभियान के अंतर्गत बिहार सरकार द्वारा राज्य के सभी सार्वजनिक जल स्रोतों (तालाबों, पोखरों, आहरों और पाइन) के जीर्णोद्धार और अतिक्रमण मुक्ति के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर में सुधार करना और वर्षा जल का संचयन करना है।
2. 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) के माध्यम से राज्य सरकार ने मोबाइल ऐप और पोर्टल की शुरुआत की है, जो किसानों और नागरिकों को राज्य के सभी ब्लॉकों और पंचायतों स्तर तक का मौसम का सटीक पूर्वानुमान, तापमान तथा वज्रपात (Lightning) की पूर्व चेतावनी प्रदान करता है।
3. राज्य में हरित आवरण (Green Cover) को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने के लक्ष्य के साथ 'बिहार राज्य वन विभाग' द्वारा 'सतत हरित बिहार अभियान' चलाया गया है, जिसके तहत मनरेगा और अन्य योजनाओं के अभिसरण से बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है।
4. गंगा नदी के किनारे बसे जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार द्वारा 'जैविक कॉरिडोर योजना' के प्रथम चरण में 13 जिलों को शामिल किया गया था, जिसे बाद में गंगा बेसिन के सभी 17 जिलों तक विस्तारित कर दिया गया है ताकि रासायनिक उर्वरकों के भू-प्रवाह से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सोन नदी बिहार में रोहतास जिले के किस प्रखंड से प्रवेश करती है?
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भारतीय संविधान में 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) किस देश से ली गई है?
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पादप आकारिकी और पौधों में जनन (Plant Morphology and Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूसला जड़ (Taproot) तंत्र मुख्य रूप से द्विबीजपत्री (Dicots) पौधों में पाया जाता है जो मूलांकुर (Radicle) से विकसित होता है, जबकि अपस्थानिक जड़ें (Adventitious Roots) मूलांकुर के अतिरिक्त पौधे के किसी अन्य भाग से उत्पन्न होती हैं।
2. आवृत्तबीजी (Angiosperms) पौधों में 'दोहरा निषेचन' (Double Fertilization) की प्रक्रिया के दौरान एक नर युग्मक अंड कोशिका (Egg cell) से संलयन कर द्विगुणित युग्मकोद्भिद (Zygote) बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयन कर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) का निर्माण करता है।
3. पुष्प का 'पुंकेशर' (Stamen) मादा जनन अंग है, जिसमें परागकोष (Anther) और वर्तिकाग्र (Stigma) शामिल होते हैं, जबकि स्त्रीकेशर (Pistil) नर जनन अंग का प्रतिनिधित्व करता है।
4. अनिषेक फलन (Parthenocarpy) वह प्रक्रिया है जिसमें बिना निषेचन के ही फल का विकास हो जाता है, और इस प्रक्रिया से उत्पन्न होने वाले फल सामान्यतः बीज रहित होते हैं, जैसे केला।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चार्ल्स वुड का शिक्षा पर प्रेषित घोषणा-पत्र (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता है, ने जन-साधारण की शिक्षा के उत्तरदायित्व को कंपनी सरकार का मुख्य कर्तव्य माना और प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा तथा उच्च शिक्षा के स्तर पर अंग्रेजी माध्यम के प्रयोग की सिफारिश की थी।
2. लॉर्ड मैकाले के मिनट (1835) और आंग्ल-प्राच्य विवाद (Anglican-Orientalist Controversy) के पश्चात विलियम बेंटिंक की सरकार ने अंग्रेजी शिक्षा अधिनियम पारित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य यूरोपीय साहित्य और विज्ञान का प्रसार तथा पाश्चात्य शिक्षा के माध्यम से प्रशासन के लिए लिपिक तैयार करना था।
3. हंटर शिक्षा आयोग (1882) का मुख्य गठन प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इस आयोग ने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण पूरी तरह से केंद्रीय सरकार को सौंपने की जोरदार वकालत की थी, जिससे स्थानीय निकायों की भूमिका समाप्त हो जाए।
4. सैडलर विश्वविद्यालय आयोग (1917-19) ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं की जांच के साथ-साथ स्कूली शिक्षा की अवधि 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी, और साथ ही यह भी सुझाव दिया था कि माध्यमिक और इंटरमीडिएट शिक्षा का नियंत्रण विश्वविद्यालयों के नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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