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BPSC TRE 4.0
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मानव पोषण और आहार विज्ञान के अंतर्गत 'पोषक पदार्थों' (Nutrients) और उनके जैविक कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) जैसे कि विटामिन और खनिज ऊर्जा के प्रत्यक्ष स्रोत नहीं होते हैं, किंतु ये चयापचय (Metabolism) और शरीर की रक्षा प्रणालियों को विनियमित करने के लिए अनिवार्य हैं।
- 2. वसा-घुलनशील विटामिनों (Fat-soluble vitamins जैसे A, D, E, और K) का अवशोषण आंतों में वसा के साथ होता है, और यकृत या वसा ऊतकों में इनका संचयन होने के कारण इनकी अत्यधिक मात्रा शरीर के लिए विषैली (Toxic) हो सकती है।
- 3. 'प्रोटीन' शरीर की वृद्धि और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक मुख्य मैक्रोन्यूट्रिएंट है, जिसकी संरचना एमीनो अम्लों से मिलकर बनती है; मानव शरीर के लिए सभी आवश्यक (Essential) एमीनो अम्ल स्वतः संश्लेषित किए जा सकते हैं और इन्हें बाहर से आहार के माध्यम से लेना आवश्यक नहीं होता है।
- 4. जल में घुलनशील विटामिन (Water-soluble vitamins जैसे विटामिन C और B कॉम्प्लेक्स) शरीर में संचित नहीं रह सकते हैं और मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाते हैं, इसलिए इन्हें प्रतिदिन आहार के माध्यम से ग्रहण करना आवश्यक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव शरीर के लिए आवश्यक पोषक पदार्थों (Nutrients) में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण और जल शामिल होते हैं। कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं क्योंकि सूक्ष्म पोषक तत्व सीधे ऊर्जा प्रदान नहीं करते बल्कि मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करते हैं; वसा-घुलनशील विटामिन यकृत में संचित होकर टॉक्सिक हो सकते हैं; तथा जल- घुलनशील विटामिन शरीर में स्टोर नहीं होते। किंतु कथन 3 असत्य है क्योंकि मानव शरीर सभी 'आवश्यक एमीनो अम्लों' (Essential Amino Acids) का संश्लेषण स्वयं नहीं कर सकता है, इन्हें भोजन के माध्यम से ही प्राप्त करना पड़ता है। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्रियों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के भारत आगमन और उनकी प्रारंभिक स्थापनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में व्यापार करने वाली पहली यूरोपीय कंपनी पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी थी, और वर्ष 1503 में कोच्चि में पुर्तगालियों द्वारा भारत की पहली यूरोपीय फैक्ट्री (व्यापारी कोठी) की स्थापना की गई थी, जबकि उनकी दूसरी फैक्ट्री कन्नूर में स्थापित हुई थी।
2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (The Governor and Company of Merchants of London Trading into the East Indies) की स्थापना वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम के चार्टर द्वारा की गई थी, और इसने जहांगीर के शासनकाल में विलियम हॉकिंस के प्रयासों से वर्ष 1613 में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित की थी।
3. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (Vereenigde Oostindische Compagnie - VOC) ने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, और बंगाल में हुगली तथा पटना में अपनी व्यापारिक कोठियों की स्थापना के माध्यम से उन्होंने भारतीय वस्त्र और सोरा (Saltpeter) के व्यापार पर प्रमुख नियंत्रण स्थापित किया था।
4. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना फ्रांसीसी मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से वर्ष 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, औरフランソワ कार्तों (François Caron) के नेतृत्व में फ्रांसीसियों ने वर्ष 1668 में सूरत में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, जबकि वर्ष 1674 में पांडिचेरी की स्थापना कर उसे अपना मुख्यालय बनाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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राजनीतिक सुधारों के लिए विरोध शुरू करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
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बिहार के किसान आंदोलनों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी सहजानंद सरस्वती ने वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य जमींदारी प्रथा का उन्मूलन और किसानों को आर्थिक शोषण से मुक्ति दिलाना था।
2. मुंगेर जिले में कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में 'बकाश्त भूमि' (ऐसी भूमि जिसे जमींदारों ने किसानों की बेदखली के बाद अपने प्रत्यक्ष नियंत्रण में ले लिया था) की वापसी के लिए एक सशक्त आंदोलन चलाया गया था।
3. गया जिले के उलाह और पंडौल क्षेत्र में किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष का नेतृत्व यदुंदन शर्मा द्वारा किया गया था।
4. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित 'अखिल भारतीय किसान सभा' के प्रथम अधिवेशन के दौरान स्वामी सहजानंद सरस्वती को इसका महासचिव चुना गया था, जबकि एन. जी. रंगा इसके अध्यक्ष बने थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के खनिज संसाधनों और ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के कैमूर (भभुआ) और रोहतास जिलों में पाइराइट (Pyrite) के विशाल भंडार पाए जाते हैं, और देश का कुल पाइराइट उत्पादन का लगभग 90% से अधिक हिस्सा अकेले बिहार से प्राप्त होता है, जिसके कारण इसे 'पाइराइट राज्य' भी कहा जाता है।
2. राज्य के बरौनी में स्थित 'बरौनी रिफाइनरी' इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरी है, जिसे सोवियत संघ (USSR) के तकनीकी और आर्थिक सहयोग से स्थापित किया गया था, तथा इसकी कच्चा तेल शोधन क्षमता लगभग 6 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है।
3. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'भारती रेल बिजली कंपनी लिमिटेड' (BRBCL) एक संयुक्त उद्यम है, जो मुख्य रूप से कोयला आधारित तापीय विद्युत परियोजना है और इससे उत्पन्न होने वाली बिजली का अधिकांश हिस्सा केवल बिहार राज्य को ही आवंटित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए विभिन्न आंदोलनों, किसान सभाओं और प्रमुख नेताओं के योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचारों और बेगार प्रथा के खिलाफ आवाज उठाना था, तथा आगे चलकर इसी संगठन ने अखिल भारतीय स्तर पर किसानों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2. वर्ष 1920-22 के असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में 'बिहार नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई थी, जिसके प्राचार्य के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपनी सेवाएँ दी थीं, और इसी काल में सदाकत आश्रम से 'द मदरलैंड' (The Motherland) नामक राष्ट्रवादी अखबार का प्रकाशन मजहरुल हक के संपादन में शुरू हुआ था।
3. वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बिहार के छपरा (सारण) जिले में कैदियों द्वारा विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी अपनाने की मांग को लेकर 'नंगी हड़ताल' (Naked Strike) की गई थी, जो प्रशासनिक दमन के बावजूद काफी चर्चा में रही थी।
4. वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान जयप्रकाश नारायण हजारीबाग सेंट्रल जेल की दीवार फांदकर भागने में सफल रहे थे, जिसके बाद उन्होंने नेपाल की तराई में 'आज़ाद दस्ता' (Azad Dasta) का गठन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य भूमिगत रहकर ब्रिटिश सरकार के खिलाफ तोड़फोड़ और गुरिल्ला युद्ध की गतिविधियों को अंजाम देना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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