त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
22 views
भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और विभिन्न शिक्षा आयोगों की संस्तुतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चार्ल्स वुड का डिस्पैच (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने पहली बार कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश करने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक एक क्रमित संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा प्रस्तुत की थी।
- 2. हंटर शिक्षा आयोग (Hunter Commission, 1882-83), जिसकी अध्यक्षता विलियम हंटर ने की थी, ने मुख्य रूप से प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और सुधार पर विशेष बल दिया तथा इसके प्रबंधन का दायित्व नव-गठित जिला बोर्डों और नगरपालिकाओं को सौंपने की संस्तुति की।
- 3. सेडलर विश्वविद्यालय आयोग (Sadler University Commission, 1917-19), जिसे 'कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग' भी कहा जाता है, ने माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 'इंटरमीडिएट' (Intermediate) कक्षाओं की अवधारणा को प्रस्तुत किया और विश्वविद्यालयों के कार्यभार को कम करने के लिए माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्डों के गठन की बात कही।
- 4. वर्धा योजना (Wardha Scheme of Basic Education, 1937), जिसे जाकिर हुसैन समिति द्वारा व्यावहारिक रूप से तैयार किया गया था, ने मातृभाषा के माध्यम से 7 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य हस्तकौशल (Craft-centered) शिक्षा देने पर बल दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। ब्रिटिश भारत में शिक्षा का विकास क्रमिक सुधारों के माध्यम से हुआ था। वुड का डिस्पैच (1854) ने भारत में अंग्रेजी शिक्षा के साथ-साथ महिला शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा की नींव रखी। हंटर आयोग (1882) ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में निजी उद्यमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सेडलर आयोग (1917) ने स्कूली शिक्षा के बाद इंटरमीडिएट स्तर को अलग करने की महत्वपूर्ण सिफारिश की। वहीं, महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित और जाकिर हुसैन समिति द्वारा संवर्धित वर्धा योजना (1937) बुनियादी शिक्षा (Basic Education) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम थी। इस प्रकार के उच्च स्तरीय और पाठ्यक्रम आधारित प्रश्नों के गहन अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
Related Questions
→
बिहार की लोक कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मधुबनी पेंटिंग (जिसे मिथिला पेंटिंग भी कहा जाता है) की मुख्य रूप से पाँच प्रमुख शैलियाँ हैं - कचनी, भरनी, तांत्रिक, गोडवाना और कोबर, जिनमें प्राकृतिक रंगों और तूलिकाओं के स्थान पर बाँस की तीलियों व उंगलियों का प्रयोग किया जाता है।
2. 'मंजूषा कला' (Manjusha Art) को अंग प्रदेश (विशेषकर भागलपुर क्षेत्र) की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है, जिसे 'संगीतात्मक कला' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें मुख्य रूप से विषहर (महासांप) की कथा और बिहुला-विषहरी की गाथाओं का चित्रांकन सिल्क के कपड़ों या बक्से पर किया जाता है।
3. बिहार का प्रसिद्ध लोक पर्व 'छठ पूजा' कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाने वाला एक सूर्योपासना का महापर्व है, जिसकी अनूठी परंपरा ऋग्वैदिक काल से जुड़ी हुई है और इसमें प्रकृति संरक्षण का संदेश मिलता है।
4. पटना कलम शैली (Patna School of Painting) मुगल शैली और ब्रिटिश शैली का एक सुंदर मिश्रण है, जिसके प्रमुख चित्रकारों में सेवक राम और महालाल जैसे कलाकारों का नाम लिया जाता है, और इसमें मुख्य रूप से राजा-दरबारों के भव्य दृश्यों के बजाय सामान्य जन-जीवन और बाजार के दृश्यों को चित्रित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक और उसके लेखक (रचयिता) का मिलान पूर्णतः सही है?
1. द डिस्कवरी ऑफ इंडिया - जवाहरलाल नेहरू
2. पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया - दादाभाई नौरोजी
3. इण्डिया डिवाइडेड - डॉ. राजेंद्र प्रसाद
4. एनहिलेशन ऑफ कास्ट - महात्मा गांधी
→
भारतीय अर्थव्यवस्था के आंकड़ों की देखरेख संबंधी सेंटर के अनुसार, बिहार की अक्टूबर 2020 में बेरोजगारी दर क्या थी?
→
जीव जगत के वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के विशिष्ट लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आर.एच. व्हिटेकर (R.H. Whittaker) द्वारा वर्ष 1969 में प्रस्तुत पाँच-जगत वर्गीकरण प्रणाली (Five-Kingdom Classification) में प्रोकैरियोटिक जीवों को 'मोनेरा जगत' के अंतर्गत रखा गया है, जिसमें सभी प्रकार के बैक्टीरिया, सायनोबैक्टीरिया (नीले-हरे शैवाल), माइकोप्लाज्मा और एक्टिनोमाइसिलीज शामिल हैं।
2. मोनेरा जगत के जीवों में सत्य केंद्रक (True nucleus) और झिल्ली-बद्ध कोशिका अंगक (Membrane-bound cell organelles जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी बॉडी और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम) पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं, तथा इनकी कोशिका भित्ति मुख्य रूप से पेप्टिडोग्लाइकान (Peptidoglycan) से बनी होती है।
3. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma), जिन्हें 'पीपीएलओ' (PPLO) भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के सबसे छोटे जीव हैं जिनमें दृढ़ कोशिका भित्ति पाई जाती है और ये केवल जीवित कोशिकाओं के अंदर ही अपनी वृद्धि कर सकते हैं।
4. साइनोबैक्ट्रिया (जैसे एनाबीना और नॉस्टॉक) प्रकाशसंश्लेषी प्रोकैरियोट हैं जिनमें क्लोरोफिल-ए पाया जाता है, और इनमें कुछ विशिष्ट नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाली कोशिकाएँ पाई जाती हैं जिन्हें 'हिसिटोसिस्ट' (Heterocyst) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
किस राज्य सरकार द्वारा “मशाल” का शुभारंभ किया गया, जिसे विश्व की सबसे बड़ी खेल प्रतिभा खोज प्रतियोगिता माना जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.