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BPSC TRE 4.0
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बिहार राज्य में आपदा प्रबंधन और शमन रणनीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अनुसार बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) का गठन किया गया है, जिसके पदेन अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं और यह राज्य में बाढ़, सूखा, भूकंप और वज्रपात (Lightning) जैसी आपदाओं के लिए समुदाय-आधारित आपदा प्रबंधन (CBDM) पर विशेष बल देता है।
- 2. भारत में वज्रपात (Lightning) से होने वाली मौतों को रोकने के लिए 'दामोदर' और 'इन्द्र वज्र' (Indra Vajra) जैसी मोबाइल ऐप्स का उपयोग किया जाता है, जिन्हें विशेष रूप से मौसम की पूर्व चेतावनी और किसानों को समय पर सतर्क करने के लिए विकसित किया गया है।
- 3. सेंडाई फ्रेमवर्क (2015-2030) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, बिहार सरकार ने कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सहनशील (Resilient) बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री तीव्र कृषि शमन नीति' के तहत सभी जिलों में एक समान बाढ़ नियंत्रण चैनल अनिवार्य कर दिए हैं।
- 4. बिहार के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी मैदानी जिले (जैसे पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी और मधुबनी) भूकम्पीय जोन-V के अंतर्गत आते हैं, जो राज्य में सबसे अधिक भूकंपीय संवेदनशीलता और जोखिम वाले क्षेत्र माने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं और यह समुदाय-आधारित प्रबंधन पर बल देता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि वज्रपात से सुरक्षा के लिए 'इन्द्र वज्र' और 'दामोदर' जैसे मोबाइल ऐप और प्रणालियाँ विकसित की गई हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि ऐसी कोई सार्वभौमिक 'मुख्यमंत्री तीव्र कृषि शमन नीति' के तहत सभी जिलों में अनिवार्य बाढ़ चैनल जैसी कोई विशिष्ट योजना नहीं है। कथन 4 असत्य है क्योंकि बिहार का अधिकांश उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र भूकंपीय जोन-V में नहीं, बल्कि 'भूकंपीय जोन-IV' के अंतर्गत आता है (जबकि पूर्णिया और मधेपुरा जैसे कुछ क्षेत्र जोन-V के निकट हैं, किंतु जोन-V में मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत और हिमालय के अतिसंवेदनशील हिस्से शामिल हैं, और बिहार के उत्तरी जिले जोन-IV में वर्गीकृत हैं)। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जाएँ।
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अगस्त 1942 में प्रारंभ हुए 'भारत छोड़ो आंदोलन' तथा ब्रिटिश शासन के अंत में देश की स्वतंत्रता एवं विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया में चित्तू पाण्डे के नेतृत्व में, तामलुक (मिदनापुर) में 'जातीय सरकार' तथा सतारा में वाई. बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार' सबसे लंबे समय तक चलने वाली समानांतर सरकारों में प्रमुख थीं।
2. वर्ष 1946 में कैबिनेट मिशन योजना (Cabinet Mission Plan) ने पाकिस्तान की मुस्लिम लीग की स्वतंत्र और संप्रभु मुस्लिम राष्ट्र की मांग को स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हुए एक त्रि-स्तरीय प्रांतीय समूहीकरण (Groups A, B, and C) का प्रस्ताव रखा था, जिसे कांग्रेस ने अपनी पूर्ण स्वतंत्रता की शर्त के कारण शुरू में ही खारिज कर दिया था।
3. लार्ड माउंटबेटन द्वारा 3 जून 1947 को प्रस्तुत 'माउंटबेटन योजना' में भारत के विभाजन और ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन (भारत और पाकिस्तान) में विभाजित करने की रूपरेखा तय की गई थी, जिसे भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के रूप में ब्रिटिश संसद द्वारा बिना किसी संशोधन के पारित किया गया था।
4. भारत छोड़ो आंदोलन के ठीक पूर्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बंबई बैठक (गोवालिया टैंक मैदान) में महात्मा गांधी ने 'करेंगे या मरेंगे' (Do or Die) का मंत्र दिया था, तथा इस आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसमें श्रमिक वर्ग, किसानों, महिलाओं और छात्रों ने अभूतपूर्व सक्रिय भागीदारी निभाई, यद्यपि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) और मुस्लिम लीग ने इस आंदोलन से दूरी बनाए रखी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बुद्ध का जन्म कहाँ हुआ था?
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बिहार और भारत के कृषि तथा पशुपालन परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम (Climate Resilient Agriculture Programme) के तहत राज्य के चयनित जिलों में फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर में गिरावट को रोकना और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखना है।
2. 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' (Rashtriya Gokul Mission) का प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी गऊ नस्लों का विकास और संरक्षण करना है, तथा इसके तहत सेक्स-सॉर्टेड सीमन (Sex-Sorted Semen) तकनीक का उपयोग करके केवल बछिया (Female calves) के जन्म की संभावना को लगभग 90% तक सुनिश्चित किया जा रहा है।
3. बिहार में मक्का उत्पादन (Maize Production) एक प्रमुख नकदी फसल के रूप में उभरा है, और राज्य के सीमांचल क्षेत्र (विशेषकर पूर्णिया, कटिहार और अररिया) में उत्पादित मक्के की उच्च गुणवत्ता के कारण इसे हाल ही में जीआई टैग (GI Tag) प्रदान किया गया है।
4. प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों को खरीफ फसलों के लिए प्रीमियम की निर्धारित दर 2.0% और रबी फसलों के लिए 1.5% देनी होती है, जबकि शेष प्रीमियम का वहन केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा समान अनुपात (50:50) में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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