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BPSC TRE 4.0
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत 'चट्टान, शैल एवं मृदा तंत्र' (Rock and Soil Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पिघले हुए मैग्मा या लावा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, और ये पृथ्वी कीपर्पटी का अधिकांश भाग बनाती हैं, जिनमें ग्रेनाइट, बेसाल्ट और गैब्रो प्रमुख उदाहरण हैं।
- 2. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) परतों या संस्तरों के रूप में पाई जाती हैं, जिन्हें 'स्तरित चट्टानें' भी कहा जाता है, तथा इनमें प्राचीन जीवों के अवशेष या जीवाश्म (Fossils) बड़े पैमाने पर पाए जाते हैं।
- 3. मृदा परिच्छेदिका (Soil Profile) में 'ए-संस्तर' (A-Horizon) को शीर्ष मृदा कहा जाता है, जहाँ ह्यूमस और जैविक पदार्थों की प्रचुरता होती है, जबकि 'बी-संस्तर' (B-Horizon) में ऊपर से निक्षालित होकर आए खनिज और लोहा-एल्युमिनियम के ऑक्साइड्स जमा होते हैं।
- 4. लैटेराइट मृदा का निर्माण अत्यधिक तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के कारण होता है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है और आयरन तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष रह जाते हैं, जिसके कारण यह मिट्टी ईंट बनाने के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उपर्युक्त दिए गए सभी कथन चट्टानों और मृदा तंत्र से संबंधित भूविज्ञान की अवधारणाओं के अनुसार पूर्णतः सत्य हैं। आग्नेय चट्टानें पृथ्वी के आंतरिक मैग्मा के शीतलन से बनती हैं; अवसादी चट्टानें परतों में पाई जाती हैं और इनमें जीवाश्म मिलते हैं; मृदा परिच्छेदिका में ए-संस्तर शीर्ष मृदा और बी-संस्तर खनिज संचय का क्षेत्र होता है; तथा लैटेराइट मिट्टी का निर्माण भारी वर्षा और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के फलस्वरूप होता है। ऐसी उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री और मॉक टेस्ट के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार के प्रमुख व्यक्तित्व, साहित्यकारों और उनके द्वारा रचित प्रतिष्ठित कृतियों तथा प्राप्त पुरस्कारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक पं. राहुल सांकृत्यायन ने अपने जीवन का एक लंबा समय बिहार के छपरा (अम्हारी और राहुल आश्रम) क्षेत्र में बिताया, तथा उनकी उत्कृष्ट कृति 'वोल्गा से गंगा' उनके व्यापक ऐतिहासिक और दार्शनिक चिंतन को दर्शाती है।
2. पद्मश्री से सम्मानित बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर को उनके लोक संगीत के विशिष्ट योगदान के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा 'बिहार का स्टेट आइकॉन' नियुक्त किया गया था।
3. वर्ष 2023 का साहित्य अकादमी पुरस्कार मैथिली भाषा के लिए बासुकीनाथ झा को उनकी किस विधा की कृति 'बचपनक संगी' के लिए प्रदान किया गया है, जो उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान को रेखांकित करता है।
4. हिंदी साहित्य के प्रख्यात कवि नागार्जुन (वैद्यनाथ मिश्र), जिनका जन्म बिहार के दरभंगा जिले के सतलखा गाँव में हुआ था, को उनकी मैथिली कविता संग्रह 'पत्रहीन नग्न गाछ' के लिए प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सौर मण्डल के ग्रहों की आंतरिक संरचना, उनके उपग्रहों तथा खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बृहस्पति का प्राकृतिक उपग्रह 'गैनीमीड' (Ganymede) हमारे सौर मण्डल का सबसे बड़ा उपग्रह है, और इसका आकार बुध ग्रह से भी बड़ा है, तथा इस पर चुंबकीय क्षेत्र की उपस्थिति भी दर्ज की गई है।
2. 'शनि' ग्रह का उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मण्डल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका सघन नाइट्रोजन-युक्त वायुमंडल और सतह पर तरल मीथेन तथा ईथेन के हाइड्रोकार्बन झीलें और नदियाँ होना है।
3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) में स्थित बौना ग्रह 'प्लूटो' सौर मण्डल का सबसे बड़ा बौना ग्रह है, जिसे अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा वर्ष 2006 में ग्रह की श्रेणी से हटाकर बौना ग्रह घोषित किया गया था, और इसका सबसे बड़ा उपग्रह 'शारोन' (Charon) है।
4. आंतरिक (पार्थिव) ग्रहों और बाह्य (जोवियन) ग्रहों के मध्य मुख्य अंतर यह है कि पार्थिव ग्रह मुख्यतः सिलिकेट चट्टानों और धातुओं से बने होते हैं और उनके उपग्रहों की संख्या कम या नगण्य होती है, जबकि जोवियन ग्रह गैसीय या तरल रूप में अधिक बड़े होते हैं और उनके चारों ओर वलय प्रणालियाँ पाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पृथ्वी के भूगर्भिक इतिहास और विभिन्न शैलतंत्रों (Rock Systems) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आर्कियन क्रम की चट्टानें पृथ्वी की मूल चट्टानें (Primordial Rocks) हैं, जो अत्यधिक ताप और दाब के कारण कायांतरित हो चुकी हैं, और इनमें किसी भी प्रकार के जीवाश्म (Fossils) के अवशेष नहीं पाए जाते हैं।
2. धारवाड़ क्रम की चट्टानों का निर्माण आर्कियन चट्टानों के अपक्षय और अपरदन के परिणामस्वरूप हुआ है, और यह शैलतंत्र आर्थिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिसमें देश के अधिकांश धात्विक खनिज जैसे लौह अयस्क, मैंगनीज, सोना और तांबा प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. कुडप्पा क्रम की चट्टानों का निर्माण धारवाड़ चट्टानों के अपरदन के बाद हुआ है, जो मुख्य रूप से अवसादी (Sedimentary) प्रकृति की हैं, और इनमें राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना संगमरमर, बलुआ पत्थर तथा एस्बेस्टस के महत्वपूर्ण भंडार मिलते हैं।
4. विंध्यन क्रम की चट्टानें जल-निक्षेपण (Water Deposition) द्वारा निर्मित हैं, जिनमें चूना पत्थर, इमारती पत्थर और चीन की मिट्टी मिलती है, किंतु इस क्रम की चट्टानों में हीरे (Diamond) के भंडार पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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