त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
20 views
सुभाषचंद्र बोस एवं आज़ाद हिंद फौज (INA) के इतिहास, उनके सैन्य अभियानों तथा अनंतिम सरकार से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1941 में ब्रिटिश पहरे से नजरबंदी के दौरान छिपकर कलकत्ता से गोमो (झारखंड) होते हुए पेशावर और काबुल के रास्ते जर्मनी पहुँचे सुभाषचंद्र बोस ने बर्लिन में 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की थी और वहीं से पहली बार जर्मन रेडियो पर प्रसारित अपने संबोधन में महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था।
- 2. वर्ष 1943 में सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'इंडियन नेशनल आर्मी' (INA) की संपूर्ण कमान औपचारिक रूप से सुभाषचंद्र बोस को सौंप दी गई, जिसके बाद उन्होंने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में 'आर्ज़े हुकूमत-ए-हिंद' (स्वतंत्र भारत की अनंतिम सरकार) के गठन की घोषणा की थी।
- 3. आज़ाद हिंद फौज की सेनाओं (आईएनए) ने जापान की सहायता से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर विजय प्राप्त की और उन द्वीपों का नाम क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा, तथा उनकी सेना ने इंफाल और कोहिमा के मोर्चों पर ब्रिटिश सेनाओं को परास्त करते हुए असम के तिनसुकिया तक के भूभाग पर अपना स्थायी प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित कर लिया था।
- 4. वर्ष 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद लाल किले में INA के गिरफ्तार प्रमुख अधिकारियों (प्रेम सहगल, गुरदयाल सिंह ढिल्लों और शाहनवाज खान) पर चले राजद्रोह के ऐतिहासिक मुकदमे में बचाव पक्ष के वकीलों की टीम का नेतृत्व भूलाभाई देसाई ने किया था, जिसमें जवाहरलाल नेहरू और तेज बहादुर सप्रू जैसे दिग्गज वकील भी शामिल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। सुभाषचंद्र बोस ने बर्लिन में 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की और 6 जुलाई 1944 को आज़ाद हिंद रेडियो से सिंगापुर से बोलते हुए महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' संबोधित किया था। अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में 'आर्ज़े हुकूमत-ए-हिंद' की स्थापना की गई। 1945 के लाल किले के मुकदमे में बचाव पक्ष की प्रसिद्ध लीगल टीम में भूलाभाई देसाई, जवाहरलाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू और के.एन. काटजू शामिल थे। कथन 3 असत्य है क्योंकि INA के सैनिकों ने कोहिमा और इंफाल अभियान के दौरान असम की सीमा तक संघर्ष किया था, किंतु वे तिनसुकिया या किसी बड़े भूभाग पर स्थायी प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने में असफल रहे थे, और मौसम तथा आपूर्ति की कमी के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा था। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
19वीं शताब्दी के दौरान भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, जातिगत कठोरताओं और सती प्रथा का कड़ा विरोध किया, तथा पाश्चात्य शिक्षा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
2. वर्ष 1867 में मुंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा स्थापित 'प्रार्थना समाज' का मुख्य उद्देश्य जाति व्यवस्था का उन्मूलन, विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देना और महिला शिक्षा का प्रसार था, जिसमें महादेव गोविंद रानाडे और आर. जी. भंडारकर जैसे विद्वानों का सक्रिय योगदान रहा।
3. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपौरुषेय एवं अचूक माना, तथा इन्होंने शुद्धि आंदोलन के माध्यम से उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाने का प्रयास किया जिन्होंने किसी अन्य धर्म को अपना लिया था।
4. यंग बंगाल आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हेनरी विवियन डेरोज़ियो ने सामाजिक सुधारों के साथ-साथ रूढ़िवादी हिंदू परंपराओं की खुलकर आलोचना की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कलकत्ता के हिंदू कॉलेज के प्राध्यापक पद से बर्खास्त कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
जाइलम (Xylem) ऊतक का मुख्य कार्य?
→
1 वाट-घंटा कितने जूल के बराबर है?
→
सेरोलॉजी निम्न का अध्ययन है–
→
नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने कितनी सीटें हासिल की थीं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.