त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत न्यूटन के गति के नियमों, घर्षण बल तथा कार्य-ऊर्जा-प्रमेय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम) किसी पिंड की उस अवस्था को परिभाषित करता है जिसमें वह बिना किसी बाह्य बल के अपनी विराम अवस्था या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था को बनाए रखता है, और यही नियम जड़त्वीय फ्रेम ऑफ रेफरेंस की परिभाषा भी देता है।
- 2. गतिमान वस्तु पर कार्य करने वाला स्थैतिक घर्षण बल (Static Friction) हमेशा सीमांत घर्षण बल से अधिक होता है, तथा घर्षण बल संपर्क तलों के क्षेत्रफल पर निर्भर करता है, भले ही अभिलंब प्रतिक्रिया (Normal Reaction) का मान समान रहे।
- 3. कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के ठीक बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी (Conservative) बलों के लिए ही सत्य है, असरक्षी बलों के लिए नहीं।
- 4. जब कोई पिंड किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में गति करता है, तो वृत्त के उच्चतम बिंदु पर डोरी या ट्रैक में तनाव (Tension) का न्यूनतम मान शून्य हो सकता है, बशर्ते वस्तु की चाल उस बिंदु पर न्यूनतम आवश्यक क्रांतिक चाल (Critical Velocity) के बराबर हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि न्यूटन का प्रथम नियम जड़त्व को परिभाषित करता है और जड़त्वीय फ्रेम की अवधारणा देता है। कथन 2 असत्य है क्योंकि स्थैतिक घर्षण स्वतः समायोजित बल है और इसका अधिकतम मान सीमांत घर्षण कहलाता है, साथ ही घर्षण बल संपर्क तलों के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि कार्य-ऊर्जा प्रमेय संरक्षी और असरक्षी दोनों प्रकार के बलों के लिए समान रूप से लागू होती है। कथन 4 सत्य है क्योंकि ऊर्ध्वाधर वृत्त के उच्चतम बिंदु पर न्यूनतम क्रांतिक चाल के लिए तनाव शून्य हो सकता है। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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सूची-I (प्रमुख उद्योग) को सूची-II (देश/क्षेत्र) से सुमेलित कीजिए?
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बिहार की कला, संस्कृति एवं लोक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'विदेशिया' लोक नाट्य शैली के प्रणेता भिखारी ठाकुर हैं, जिन्हें ग्रामीण समाज में पलायन, स्त्री विमर्श और सामाजिक कुप्रथाओं के सजीव मंचन के लिए 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है।
2. बिहार के लोक पर्व 'छठ पूजा' में प्रकृति की आराधना के तहत कार्तिक और चैत्र मास में षष्ठी तिथि को डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, और यह पर्व पूर्णतः किसी मूर्तिपूजा पर आधारित न होकर सूर्य ऊर्जा और जल संरक्षण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।
3. 'झिझिया नृत्य' मिथिला क्षेत्र का एक प्रसिद्ध अनुष्ठानिक लोक नृत्य है, जो अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के समय फसल सुरक्षा के लिए भगवान इंद्र को प्रसन्न करने हेतु महिलाओं द्वारा सिर पर जलते हुए दीयों का घड़ा रखकर किया जाता है।
4. मंजूषा कला (Manjusha Art), जिसे 'अंगिका कला' या 'स्नेक पेंटिंग' के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य रूप से भागलपुर (अंग क्षेत्र) की एक लोक चित्रकला शैली है, जो मुख्य रूप से बिहुला-विषहरी की पौराणिक कथा पर आधारित है और इसमें केवल गुलाबी, पीले तथा हरे रंगों का प्रयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अकार्बनिक रसायन के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संक्रमण धातुएँ आवर्त सारणी के d-ब्लॉक में स्थित होती हैं और ये सामान्यतः परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्थाएँ (Variable Oxidation States) प्रदर्शित करती हैं, जिसका मुख्य कारण इनके (n-1)d कक्षकों और ns कक्षकों की ऊर्जाओं में बहुत कम अंतर होना है।
2. अधिकांश संक्रमण धातु आयन जलीय विलयन में रंगीन (Colored) होते हैं, जिसका प्रमुख कारण d-d संक्रमण (d-d Transition) है, जो अयुग्मित इलेक्ट्रונים की उपस्थिति के कारण संभव होता है।
3. जिंक (Zn), कैडमियम (Cd) और मरकरी (Hg) को औपचारिक रूप से संक्रमण तत्व माना जाता है, क्योंकि इनकी मूल अवस्था (Ground State) या सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था में इनके d-कोश आंशिक रूप से भरे होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार का शोक किस नदी को कहा जाता है?
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