त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
23 views
बिहार में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु लचीलापन और संधारणीय विकास के लिए शुरू की गई प्रमुख पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'जल जीवन हरियाली' अभियान के अंतर्गत बिहार सरकार द्वारा राज्य के सभी सार्वजनिक जल स्रोतों (तालाबों, पोखरों, आहरों और पाइन) के जीर्णोद्धार और अतिक्रमण मुक्ति के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर में सुधार करना और वर्षा जल का संचयन करना है।
- 2. 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) के माध्यम से राज्य सरकार ने मोबाइल ऐप और पोर्टल की शुरुआत की है, जो किसानों और नागरिकों को राज्य के सभी ब्लॉकों और पंचायतों स्तर तक का मौसम का सटीक पूर्वानुमान, तापमान तथा वज्रपात (Lightning) की पूर्व चेतावनी प्रदान करता है।
- 3. राज्य में हरित आवरण (Green Cover) को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने के लक्ष्य के साथ 'बिहार राज्य वन विभाग' द्वारा 'सतत हरित बिहार अभियान' चलाया गया है, जिसके तहत मनरेगा और अन्य योजनाओं के अभिसरण से बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है।
- 4. गंगा नदी के किनारे बसे जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार द्वारा 'जैविक कॉरिडोर योजना' के प्रथम चरण में 13 जिलों को शामिल किया गया था, जिसे बाद में गंगा बेसिन के सभी 17 जिलों तक विस्तारित कर दिया गया है ताकि रासायनिक उर्वरकों के भू-प्रवाह से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन बिहार की भौगोलिक और पर्यावरणीय पहलों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 'जल जीवन हरियाली' अभियान के माध्यम से जल और हरियाली दोनों का संरक्षण किया जा रहा है। 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) पंचायत स्तर तक सटीक मौसम और वज्रपात की चेतावनी देता है जो आपदा प्रबंधन में क्रांतिकारी कदम है। 'सतत हरित बिहार अभियान' के तहत राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, गंगा नदी के किनारे रासायनिक प्रदूषण को रोकने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 'जैविक कॉरिडोर योजना' का विस्तार किया गया है। ऐसे महत्वपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
ध्वनि के मापन की इकाई को कहा जाता है
→
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों तथा भारत में पर्यावरण एवं आपदा जोखिम से जुड़ी हालिया रिपोर्टों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का पदेन अध्यक्ष देश का प्रधानमंत्री होता है, और इसकी स्थापना 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005' के अंतर्गत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य आपदाओं के प्रति तैयारी, समन (Mitigation) और आपदा उपरांत प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करना है।
2. पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा जारी जलवायु जोखिम सूचकांकों के अनुसार, भारत के पूर्वी तटीय राज्य (जैसे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल) उष्णकटिबंधीय चक्रवातों और तटीय कटाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं, जबकि हिमालयी क्षेत्र भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के उच्च जोखिम वाले ज़ोन में आते हैं।
3. 'स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरनमेंट' रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बढ़ते शहरीकरण और अनियोजित विकास के कारण तापीय द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect) और शहरी बाढ़ (Urban Floods) जैसी पर्यावरण जनित आपदाओं की आवृत्ति में तीव्र वृद्धि हुई है, जिसके शमन के लिए 'स्पंज सिटी' (Sponge City) जैसी अवधारणाओं को अपनाया जा रहा है।
4. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत यह प्रावधान किया गया है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन का प्रमुख होने के नाते राज्यपाल सीधे सैन्य बलों की तैनाती का अंतिम आदेश दे सकता है, जिसमें केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार के भौगोलिक परिदृश्य में वन आवरण, मृदा के प्रकार और उनके वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84% हिस्सा वन आवरण के अंतर्गत आता है, जिसमें सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाला जिला कैमूर है, जबकि प्रतिशत के दृष्टिकोण से भी कैमूर शीर्ष स्थान पर है।
2. बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग (विशेषकर पश्चिमी चंपारण के सोमेश्वर और दून पहाड़ियों के क्षेत्र) में पर्णपाती प्रकार के वन पाए जाते हैं, जहाँ साल (सखुआ) के वृक्षों की प्रधानता होती है।
3. राज्य में पाई जाने वाली 'टैरल मृदा' (Terai Soil) हिमालय की तराई क्षेत्र में उत्तर-पश्चिमी पट्टी में पाई जाती है, जो अम्लीय प्रकृति की होती है और गन्ने तथा धान की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
4. दक्षिण बिहार के पठारी और टल क्षेत्र में मिलने वाली 'लाल-पीली मृदा' और 'बलसुन्दरी मृदा' में नाइट्रोजन, ह्यूमस और फास्फोरस की प्रचुरता होती है, जिसके कारण इस क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की बिल्कुल आवश्यकता नहीं पड़ती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक ढांचा, राजस्व व्यवस्था और सैन्य सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इल्तुतमिश द्वारा प्रारंभ की गई 'इक्ता प्रणाली' एक ऐसी व्यवस्था थी जिसके तहत सैन्य अधिकारियों या अमीरों को वेतन के बदले भूमि का एक खंड (इक्ता) सौंपा जाता था, और फिर अलाउद्दीन खिलजी ने इस प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त कर केंद्रीय सेना को नकद वेतन देना शुरू कर दिया था।
2. अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण और मूल्य स्थिरीकरण के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' जैसे नवीन विभागों की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कम लागत पर एक विशाल और शक्तिशाली स्थायी सेना का भरण-पोषण करना था।
3. मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में कृषि सुधारों के लिए 'दीवान-ए-कोही' नामक एक पृथक् विभाग की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य बंजर भूमि को उपजाऊ बनाना और किसानों को प्रत्यक्ष रूप से तकावी (सौंदार) ऋण प्रदान करना था, किंतु यह योजना अपने कुप्रबंधन के कारण असफल हो गई थी।
4. फिरोज शाह तुगलक ने सल्तनत काल में पहली बार ब्राह्मणों पर भी 'जिजिया' कर लागू किया था, तथा उसने सिंचाई के विकास के लिए कई नहरों का निर्माण करवाया और किसानों से जल कर के रूप में 'हर्क-ए-शर्ब' (Haque-i-Sharb) वसूलने की व्यवस्था की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या निर्धारित करने का अधिकार निम्नलिखित में से किसके पास है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.