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BPSC TRE 4.0
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अर्धचालक भौतिकी, डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आधुनिक युक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. परम शून्य तापमान (0 K) पर शुद्ध (Intrinsics) अर्धचालक जैसे सिलिकॉन और जर्मेनियम एक आदर्श कुचालक (Insulator) की भाँति व्यवहार करते हैं, क्योंकि उनके संयोजी बैंड (Valence Band) और चालन बैंड (Conduction Band) के बीच का वर्जित ऊर्जा अंतराल लगभग 1 eV से 1.2 eV होता है।
- 2. जब एक शुद्ध सिलिकॉन अर्धचालक में समूह-13 के तत्व (जैसे बोरॉन या एल्युमिनियम) को अपमिश्रित (Dope) किया जाता है, तो 'p-प्रकार' (p-type) का बाह्य अर्धचालक बनता है, जिसमें कोटर (Holes) बहुसंख्यक आवेश वाहक (Majority Charge Carriers) होते हैं।
- 3. p-n संधि डायोड (p-n junction diode) में जब इसे उत्क्रम अभिनति (Reverse Bias) में जोड़ा जाता है, तो अवक्षय परत (Depletion Region) की चौड़ाई बढ़ जाती है और केवल अल्पसंख्यक आवेश वाहकों के कारण नगण्य लीकेज धारा प्रवाहित होती है।
- 4. जेनर डायोड (Zener Diode) का उपयोग मुख्य रूप से दिष्टकारी (Rectifier) के रूप में किया जाता है, तथा यह हमेशा अग्र अभिनति (Forward Bias) की स्थिति में भंजन क्षेत्र (Breakdown Region) में कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। परम शून्य ताप पर अर्धचालक कुचालक होते हैं; समूह-13 के तत्वों (त्रिपद) की डोपिंग से p-type अर्धचालक बनता है जिसमें कोटर बहुसंख्यक होते हैं; और p-n संधि को जब उत्क्रम अभिनति (Reverse Bias) दी जाती है, तो अवक्षय परत चौड़ी हो जाती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि जेनर डायोड का उपयोग मुख्य रूप से वोल्टेज नियामक (Voltage Regulator) के रूप में किया जाता है और यह उत्क्रम अभिनति (Reverse Bias) की स्थिति में कार्य करता है, न कि अग्र अभिनति में। अधिक अभ्यास और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
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बंगाल विभाजन (1905) और इसके परिणामस्वरूप शुरू किए गए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन का निर्णय लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 20 जुलाई 1905 को घोषित किया गया था, और इसका मुख्य उद्देश्य तत्कालीन बंगाल के बढ़ते हुए राष्ट्रीय प्रभाव को कमजोर करना तथा संप्रदाय के आधार पर बंगाल को विभाजित करना था।
2. 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक घोषणा की गई और 'बॉयकॉट' (बहिष्कार) प्रस्ताव पारित किया गया।
3. बंगाल विभाजन के प्रभावी होने की तिथि (16 अक्टूबर 1905) को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव जुलूस निकाले और रविंद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर एक-दूसरे की कलाई पर 'रक्षा बंधन' बांधकर एकता का प्रदर्शन किया।
4. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा की दिशा में कदम उठाते हुए कलकत्ता में 'नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन' की स्थापना की गई, और अश्विनी कुमार दत्त ने बंगाल के दक्षिणी जिलों में स्वदेशी आंदोलन को लोकप्रिय बनाने के लिए 'स्वावलंबन समिति' की स्थापना की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत की गणतंत्र दिवस परेड 2025 के मुख्य अतिथि कौन थे?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संवैधानिक प्रावधानों, शक्तियों और स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है, जिसका अर्थ है कि उसके सभी निर्णयों, अभिलेखों और कार्रवाइयों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा और उन्हें किसी भी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकता, तथा उसे अपनी अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति भी प्राप्त है।
2. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उन्हें उनके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और आधारों पर उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है।
3. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) अपनी पदमुक्ति के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के अन्य कार्यालय (लाभ के पद) के पात्र नहीं होते हैं, जो उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए एक संवैधानिक प्रतिबंध है।
4. उच्चतम न्यायालय की आरंभिक (Original) अधिकारिता के अंतर्गत भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले कानूनी विवाद आते हैं, किंतु इसमें किसी संधि या समझौते से उत्पन्न विवाद पूरी तरह शामिल होते हैं और इस पर संसद कोई विधि बनाकर प्रतिबंध लगा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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राष्ट्रीय खेल पुरस्कार और प्रतिष्ठित खेल सम्मानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेजर ध्यान खेल रत्न पुरस्कार (पूर्व में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार) भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है, जिसकी स्थापना वर्ष 1991-92 में की गई थी, और इसके तहत प्राप्तकर्ता को एक पदक, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।
2. द्रोणाचार्य पुरस्कार खेलकूद और खेलों में उत्कृष्ट एवं सराहनीय प्रशिक्षण (Coaching) प्रदान करने वाले प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों को दिया जाता है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1985 में की गई थी, और इसे दो श्रेणियों ('लाइफटाइम' और 'नियमित') में प्रदान किया जाता है।
3. अर्जुन पुरस्कार, जो खिलाड़ियों को खेल के विभिन्न विधाओं में पिछले चार वर्षों की अवधि में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन के लिए दिया जाता है, की स्थापना वर्ष 1961 में की गई थी और इसके तहत 15 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है।
4. मौलाना আবুল कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी विश्वविद्यालय स्तर पर खेल के क्षेत्र में समग्र रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष विश्वविद्यालय को प्रदान की जाती है, और यह पुरस्कार वर्ष 1956-57 में प्रारंभ किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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38वें राष्ट्रीय खेल (2025) के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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