BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
1 views

बिहार की राजनीति, पंचायत राज व्यवस्था और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत महिलाओं को त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) के सभी पदों और सोपानों में 50 प्रतिशत का आरक्षण देने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना था।
  2. 2. बिहार के प्रशासनिक ढाँचे में जिला मजिस्ट्रेट (DM) जिला स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य करता है, तथा उसे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ भू-राजस्व प्रशासन और जिला योजना समिति के समन्वय की भी व्यापक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
  3. 3. राज्य में लोकायुक्त संस्था की स्थापना 'बिहार लोकायुक्त अधिनियम' के तहत प्रशासनिक भ्रष्टाचार और लोक सेवकों के विरुद्ध शिकायतों की त्वरित जाँच के लिए की गई है, जिसके दायरे में मुख्यमंत्री और मंत्रीगण भी पूर्ण रूप से शामिल होते हैं।
  4. 4. बिहार विधान परिषद (राज्य की उच्च सदन) एक स्थायी निकाय है जिसे कभी भंग नहीं किया जा सकता, तथा इसके सदस्यों की कुल संख्या बिहार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या (243) के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण प्रदान करने वाला बिहार भारत का अग्रणी राज्य था। कथन 2 सत्य है क्योंकि जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट (DM) जिले में राजस्व, कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं का प्रमुख समन्वयक होता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि बिहार लोकायुक्त अधिनियम के तहत कुछ विशिष्ट शर्तों और संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत मुख्यमंत्री को लोकायुक्त के दायरे से कुछ मामलों में छूट या विशेष प्रक्रिया के तहत रखा गया है, तथा सभी श्रेणियों को बिना शर्त एकसमान नहीं देखा जाता। कथन 4 सत्य है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171(1) के अनुसार विधान परिषद के सदस्यों की संख्या संबंधित राज्य की विधानसभा की कुल संख्या के 1/3 से अधिक नहीं हो सकती है। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.