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बिहार की खेलकूद, खेल प्रतिभाओं और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य के खिलाड़ियों की उपलब्धियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह, जो बिहार के जमुई क्षेत्र से संबंधित हैं, ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य और देश का नाम रोशन किया है, तथा वर्तमान में वे बिहार विधानसभा की सदस्य भी हैं।
  2. 2. ईशान किशन, जो बिहार के पटना जिले से ताल्लुक रखने वाले भारतीय क्रिकेटर हैं, ने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक (Double Century) लगाने का ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड बांग्लादेश के खिलाफ वर्ष 2022 में बनाया था।
  3. 3. बिहार के पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत, जिन्होंने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में स्वर्ण पदक हासिल किया था, का मूल संबंध बिहार के वैशाली जिले से है, और उन्हें खेल के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
  4. 4. राजगीर (नालंदा) में नवनिर्मित 'बिहार खेल विश्वविद्यालय' और अत्याधुनिक 'स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स' का मुख्य उद्देश्य राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्ण रूप से सत्य हैं। प्रसिद्ध शूटर श्रेयसी सिंह जमुई से विधायक होने के साथ-साथ कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता हैं। ईशान किशन ने बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा था। पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत (वैशाली, बिहार) ने टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता और उन्हें खेल रत्न मिला। राजगीर, नालंदा में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय बनाया गया है। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'महाजनपद काल' और 'मौर्य काल' की राजनीतिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था तथा प्रशासनिक इकाइयों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो अपनी व्यावसायिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध थी, तथा इसका उल्लेख बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' के साथ-साथ जैन ग्रंथों में भी प्रमुखता से मिलता है। 2. मौर्य प्रशासन में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के अधीक्षक (Superintendents) होते थे, जिनका मुख्य कार्य आर्थिक गतिविधियों को नियंत्रित करना और कर संग्रह करना था, जैसा कि कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में वर्णित है। 3. प्राचीन काल में 'श्रेणी' (Shreni) व्यापारियों और शिल्पकारों के संगठन होते थे, जो न केवल उत्पादन और व्यापार का नियमन करते थे बल्कि अपने स्वयं के सैनिकों को रखने और स्थानीय स्तर पर न्याय करने का अधिकार भी रखते थे। 4. गुप्तचर व्यवस्था (Spies) मौर्य प्रशासन का एक अनिवार्य अंग थी, और कौटिल्य ने 'अर्थशास्त्र' में गुप्तचरों के लिए 'संस्था' (एक स्थान पर रहकर काम करने वाले) और 'संचारा' (घुमक्कड़ गुप्तचर) जैसे दो प्रमुख प्रकारों का उल्लेख किया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारत में पशुपालन एवं कृषि के प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुए हैं निम्नलिखित में से कौन से देश वर्तमान में गोलन हाइट्स पर दावा कर रहे हैं? बिहार में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए विभिन्न आंदोलनों, किसान सभाओं और प्रमुख नेताओं के योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचारों और बेगार प्रथा के खिलाफ आवाज उठाना था, तथा आगे चलकर इसी संगठन ने अखिल भारतीय स्तर पर किसानों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2. वर्ष 1920-22 के असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में 'बिहार नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई थी, जिसके प्राचार्य के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपनी सेवाएँ दी थीं, और इसी काल में सदाकत आश्रम से 'द मदरलैंड' (The Motherland) नामक राष्ट्रवादी अखबार का प्रकाशन मजहरुल हक के संपादन में शुरू हुआ था। 3. वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बिहार के छपरा (सारण) जिले में कैदियों द्वारा विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी अपनाने की मांग को लेकर 'नंगी हड़ताल' (Naked Strike) की गई थी, जो प्रशासनिक दमन के बावजूद काफी चर्चा में रही थी। 4. वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान जयप्रकाश नारायण हजारीबाग सेंट्रल जेल की दीवार फांदकर भागने में सफल रहे थे, जिसके बाद उन्होंने नेपाल की तराई में 'आज़ाद दस्ता' (Azad Dasta) का गठन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य भूमिगत रहकर ब्रिटिश सरकार के खिलाफ तोड़फोड़ और गुरिल्ला युद्ध की गतिविधियों को अंजाम देना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार के प्रमुख किसान विद्रोहों और आंदोलनों (विशेषकर चंपारण सत्याग्रह, स्वामी सहजानंद सरस्वती के नेतृत्व में किसान सभा आंदोलन और बकाश्त संघर्ष) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान राजकुमार शुक्ल के आमंत्रण पर महात्मा गांधी बिहार आए थे, जहाँ तिनकैया प्रणाली (जिसके तहत किसानों को अपनी जमीन के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था) के विरोध में यह आंदोलन चलाया गया था और इसके परिणामस्वरूप 'चंपारण कृषि अधिनियम' पारित किया गया था। 2. स्वामी सहजानंद सरस्वती ने वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारी प्रथा का उन्मूलन और किसानों को उनकी भूमि पर मालिकाना हक दिलाना था, तथा वर्ष 1936 में लखनऊ में गठित 'अखिल भारतीय किसान सभा' के भी वे पहले अध्यक्ष चुने गए थे। 3. बकाश्त आंदोलन (Bakasht Land Struggle) मुख्य रूप से बिहार में जमींदारों द्वारा किसानों से उनकी बेदखल की गई जमीन (बकाश्त भूमि, जिसे किसानों ने गिरवी रखा था या जो जोत-सुधार के दायरे में थी) को वापस पाने के लिए चलाया गया एक सशक्त किसान संघर्ष था, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से स्वामी सहजानंद सरस्वती और कार्यानंद शर्मा ने किया था। 4. मुंगेर जिले के बरही ताल (Barki Tal) में कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए किसान आंदोलन का संबंध मुख्य रूप से गोहत्या विरोधी आंदोलन से था, और इसका किसानों के आर्थिक अधिकारों तथा लगान कटौती से कोई सीधा संबंध नहीं था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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