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BPSC TRE 4.0
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की ऐतिहासिक भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया प्रणाली' के अंतर्गत किसानों को अपनी भूमि के प्रत्येक बीघे के तीन-बीसवें (3/20वें) हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करना आवश्यक था।
- 2. महात्मा गांधी को चंपारण आने का निमंत्रण देने वाले राजकुमार शुक्ल ने लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन (1916) में गांधीजी से भेंट की थी, तथा इस सत्याग्रह के दौरान गांधीजी के प्रमुख सहयोगियों में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा और जे.बी. कृपलानी शामिल थे।
- 3. ब्रिटिश सरकार ने चंपारण की स्थिति की जाँच के लिए 'चंपारण अग्रियन कमेटी' (Champaran Agrarian Enquiry Committee) का गठन किया था, जिसके अध्यक्ष एफ. एल. सलाई (F. L. Sly) थे, और इस समिति की संस्तुतियों के आधार पर अवैध वसूली का 25 प्रतिशत हिस्सा किसानों को वापस लौटाया गया तथा तीनकठिया प्रथा को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया गया।
- 4. चंपारण सत्याग्रह की सफलता से अभिभूत होकर रबीन्द्रनाथ टैगोर ने महात्मा गांधी को पहली बार 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित किया था, और यह आंदोलन भारत में गांधीजी का पहला सविनय अवज्ञा (Civil Disobedience) का सफल प्रयोग साबित हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। चंपारण सत्याग्रह (1917) महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत का पहला सत्याग्रह आंदोलन था। तीनकठिया प्रणाली के तहत किसानों को अपनी जमीन के 3/20 हिस्से पर नील उगाना अनिवार्य था। राजकुमार शुक्ल ने लखनऊ अधिवेशन (1916) में गांधीजी को आमंत्रित किया था। जाँच समिति की रिपोर्ट के बाद अवैध वसूली का 25% हिस्सा वापस किया गया और तीनकठिया प्रथा समाप्त हुई। इस ऐतिहासिक आंदोलन की विस्तृत तैयारी और अधिक प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
Related Questions
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पृथ्वी के वायुमण्डल के संगठन (Composition of Atmosphere) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आयतन के अनुसार शुष्क वायु में नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) के बाद आर्गन गैस का स्थान आता है, जिसकी मात्रा लगभग 0.93% होती है।
2. कार्बन डाइऑक्साइड और ओजोन जैसी गैसें वायुमण्डल के कुल आयतन का बहुत छोटा हिस्सा बनाती हैं, फिर भी ये पृथ्वी के विकिरण संतुलन (Radiation Balance) और जलवायु को नियंत्रित करने में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
3. जलवाष्प (Water Vapour) वायुमण्डल का एक ऐसा घटक है जिसकी मात्रा ऊष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में कुल हवा का लगभग 4% तक हो सकती है, जबकि ध्रुवीय और ठंडे तथा शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्रों में यह 1% से भी कम हो जाती है।
4. समताप मंडल (Stratosphere) में पाई जाने वाली ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरणों को अवशोषित करती है, और इस परत की सघनता भूमध्य रेखा पर सबसे अधिक तथा ध्रुवों पर न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन एवं मध्यकालीन भारतीय इतिहास के 'विविध' पक्षों तथा प्रमुख ऐतिहासिक यात्राओं, विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों एवं उनकी कृतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेगास्थनीज, जो यूकेडोलर (सेल्यूकस निकेटर) का राजदूत था, मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था और उसने अपनी पुस्तक 'इंडिका' में भारतीय समाज को सात जातियों में विभाजित होने का उल्लेख किया है, जिसमें उसने दासों की उपस्थिति का पूरी तरह से खंडन किया है।
2. इब्न बतूता, जो मोरक्को (तंजियर) का एक प्रसिद्ध यात्री था, मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में भारत आया था, और सुल्तान ने उसकी विद्वानता से प्रसन्न होकर उसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया था, तथा उसने अपने यात्रा वृत्तांत 'किताब-उल-रेहला' में उस काल की डाक व्यवस्था (उलुक और द्वावा) का विस्तृत वर्णन किया है।
3. चीनी यात्री ह्वेनसांग (शुआंगझांग), जो हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था, 'यात्रियों का राजकुमार' कहलाता है, और उसने नालंदा विश्वविद्यालय में रहकर बौद्ध धर्म का अध्ययन किया था, तथा उसकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्राकृत ग्रंथों को एकत्र करना और उन्हें चीन ले जाना था।
4. निकोल कोंटी (इटली का यात्री) और अब्दुल रazzak (फारस का राजदूत) दोनों ने विजयनगर साम्राज्य की यात्रा की थी, जहाँ अब्दुल रazzak ने देवराय द्वितीय के शासनकाल में विजयनगर की भव्यता, उसकी रक्षा प्रणाली और बाजारों का अत्यंत सजीव और प्रशंसत्मक वर्णन किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत घर्षण बल (Friction Force), जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) और संरक्षी बलों (Conservative Forces) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. घर्षण बल एक असंरक्षी बल (Non-conservative force) है, जिसके द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर करता है, और इस बल के विरुद्ध किया गया कार्य ऊष्मा ऊर्जा के रूप में क्षय (Dissipation) हो जाता है, जिससे किसी बंद लूप में कुल कार्य शून्य नहीं होता है।
2. किसी दृढ़ वस्तु का जड़त्व आघूर्ण वस्तु के द्रव्यमान और घूर्णन अक्ष से उसके कणों की लंबवत दूरियों के वर्ग का गुणनफल होता है, और यह इस बात पर निर्भर करता है कि वस्तु का द्रव्यमान अक्ष के चारों ओर किस प्रकार वितरित है, न कि इस बात पर कि वस्तु का कोणीय वेग कितना है।
3. गुरुत्वाकर्षण बल और स्थिरवैद्युत बल दोनों ही संरक्षी बल (Conservative forces) हैं, क्योंकि इन बलों के अंतर्गत किसी वस्तु को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किया गया कार्य पथ की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है।
4. यदि किसी समतल सतह पर लुढ़कते हुए एक ठोस गोले (Solid Sphere) और एक खोखले गोले (Hollow Sphere) का द्रव्यमान और त्रिज्या समान हों, और दोनों को किसी नत तल (Inclined Plane) से बिना फिसले नीचे लुढ़काया जाए, तो खोखला गोला तली पर पहले पहुँचेगा क्योंकि उसका जड़त्व आघूर्ण ठोस गोले की तुलना में कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ध्वनि तरंगों और तरंग गति (Wave Motion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ध्वनि तरंगें यांत्रिक अनुदैर्ध्य (Mechanical Longitudinal) तरंगें होती हैं, जिनके संचरण के लिए माध्यम के कणों में प्रत्यास्थता (Elasticity) और जड़त्व (Inertia) का होना अनिवार्य है, यही कारण है कि निर्वात में ध्वनि का संचरण संभव नहीं होता।
2. लाप्लास (Laplace) के संशोधन के अनुसार, गैसों में ध्वनि की चाल का सूत्र $v = \sqrt{\frac{\gamma P}{\rho}}$ होता है, जिसके अनुसार गैस के दाब में परिवर्तन करने पर ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता बशर्ते तापमान स्थिर रहे, क्योंकि दाब और घनत्व का अनुपात नियत रहता है।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम (जैसे वायु से जल में) में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहती हैं, जबकि माध्यम के घनत्व एवं प्रत्यास्थता परिवर्तन के कारण उसकी चाल और आयाम (Amplitude) बदल जाते हैं।
4. प्रतिध्वनि (Echo) स्पष्ट रूप से सुनने के लिए परावर्तक सतह और श्रोता के बीच की न्यूनतम दूरी सामान्य वायुमंडलीय तापमान पर लगभग 16.6 मीटर (या 17 मीटर) होनी चाहिए, क्योंकि मानव कान पर ध्वनि का संवेदी प्रभाव $1/10$ सेकंड (0.1 सेकंड) तक बना रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह से पूर्व ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों, भू-राजस्व व्यवस्था और न्याय प्रणाली के विरुद्ध भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हुए 'अन्य जन आंदोलनों' (1757-1857) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1799 में मैसूर के पतन के पश्चात अंग्रेजों के विरुद्ध वटवा और वायनाड के क्षेत्रों में 'पझस्सी राजा' (Kerala Vira Kerala Pazhassi Raja) के नेतृत्व में हुए कोट्टायम के विद्रोह को 'पस्सी विद्रोह' या 'कोट्टायम का युद्ध' कहा जाता है, जिसमें स्थानीय किसानों और नायर सैनिकों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की एकाधिकारवादी नीतियों के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किया था।
2. असम में ब्रिटिश शासन के आगमन के तुरंत बाद वर्ष 1828 में गोमधर कुंवर के नेतृत्व में अहोम सरदारों और स्थानीय प्रजा ने 'अहोम विद्रोह' (Ahom Revolt) किया था, जिसका प्रमुख कारण अंग्रेजों द्वारा असम को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने का वचन पूरा न करना और युद्ध के पश्चात प्रशासनिक नियंत्रण का जबरन थोपा जाना था।
3. उड़ीसा में पाइक (Paik) जातियों द्वारा वर्ष 1817 में बक्शी जगबंधु के नेतृत्व में किया गया 'पाइक विद्रोह' ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक संगठित सशस्त्र संघर्ष था, जिसका मुख्य कारण अंग्रेजों द्वारा मालगुजारी (भू-राजस्व) नीतियों में अत्यधिक वृद्धि करना, तांबे और कौड़ी के चलन को समाप्त कर चांदी के सिक्कों में कर भुगतान की अनिवार्यता तथा नमक पर नए कर लगाना था।
4. सतारा में वर्ष 1844 में फोंड सावंत और अन्ना साहिब पाटिल के नेतृत्व में हुए 'गडकरी विद्रोह' का मुख्य कारण मराठा शासन के पतन के बाद गडकरी सैनिकों (किलेरक्षकों) की सेवा समाप्त करना और उनकी जागीर भूमि पर भारी कर लगाना था, जिसे अंततः ब्रिटिश सेना ने बलपूर्वक दबा दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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