त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केप्लर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस बात का संकेत देता है कि सूर्य के चारों ओर परिक्रमण करते हुए ग्रह का कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, क्योंकि केंद्रीय बलों के अधीन गति में क्षेत्रीय वेग ($dA/dt$) अचर होता है।
- 2. न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार, किन्हीं दो पिंडों के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल माध्यम की प्रकृति पर निर्भर करता है, और यदि दोनों पिंडों को पानी के भीतर रख दिया जाए, तो उनके बीच का आकर्षण बल शून्य हो जाता है।
- 3. पृथ्वी की सतह से अनंत दूरी तक किसी पिंड को भेजने के लिए आवश्यक 'पलायन वेग' (Escape Velocity) उस पिंड के द्रव्यमान और प्रक्षेपण कोण पर निर्भर करता है, तथा अधिक द्रव्यमान वाले पिंड के लिए पलायन वेग का मान अधिक होता है।
- 4. यदि पृथ्वी अपने वर्तमान कोणीय वेग से 17 गुना अधिक वेग से घूमने लगे, तो भूमध्य रेखा (Equator) पर रखी वस्तुओं का आभासी भार शून्य हो जाएगा और वहाँ की वस्तुएँ भारहीनता का अनुभव करेंगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि केप्लर का द्वितीय नियम क्षेत्रीय चाल ($dA/dt = L/2m$) के अचर रहने को बताता है, जो केंद्रीय बल के अंतर्गत कोणीय संवेग संरक्षण का प्रत्यक्ष परिणाम है। कथन 2 असत्य है क्योंकि न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण बल माध्यम पर निर्भर नहीं करता; यह दोनों पिंडों के द्रव्यमान और उनके बीच की दूरी पर आधारित होता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि पलायन वेग ($v_e = \sqrt{2gR}$) पिंड के अपने द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है, यह केवल ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करता है। कथन 4 सत्य है क्योंकि भूमध्य रेखा पर प्रभावी गुरुत्वीय त्वरण $g' = g - R\omega^2$ होता है, और जब $\omega$ का मान बढ़ जाता है जिससे $R\omega^2 = g$ हो जाए, तो भारहीनता की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी ही अन्य उच्च स्तरीय अभ्यास सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को किस अंग्रेज अधिकारी ने गिरफ्तार किया था?
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बिहार के भूगर्भिक इतिहास एवं शैलतंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिमी बिहार (रोहतास और कैमूर जिलों) में पाई जाने वाली चट्टानें विंध्यन शैल समूह (Vindhyan System) का हिस्सा हैं, जो बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शेल से निर्मित हैं और आर्थिक दृष्टि से सीमेंट उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
2. धरवाड़ शैल तंत्र (Dharwar System), जो प्राचीनतम रूपांतरित चट्टानों से बना है, बिहार के दक्षिण-पूर्वी हिस्से (मुंगेर, जमुई, नवादा और गया की पहाड़ियों) में पाया जाता है और इसमें खनिज संपदा की प्रचुरता है।
3. क्वार्टरनरी (Quarterly/Pleistocene and Recent) काल के जलोढ़ निक्षेप उत्तर बिहार के विशाल मैदान और गंगा घाटी के निर्माण के लिए उत्तरदायी हैं, जो मुख्य रूप से हिमालय से लाई गई मिट्टी के निक्षेपण से बने हैं।
4. आर्कियन महाकल्प की ग्नूल्स (Gneisses) और शिस्ट (Schists) चट्टानें बिहार में केवल राजमहल की पहाड़ियों के उत्तर में ही सीमित हैं और इनका संबंध दक्कन ट्रैप के ज्वालामुखी उद्गार से है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को सुदृढ़ करने के लिए चलाई जा रही प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसके अंतर्गत इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण करने वाली अविवाहित लड़कियों को ₹25,000 और स्नातक उत्तीर्ण करने वाली सभी महिलाओं को ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
2. स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु शुरू की गई 'मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष' योजना के तहत गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर, हृदय रोग, किडनी प्रत्यारोपण आदि) से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर और गैर-सूचीबद्ध श्रेणी के गरीब मरीजों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए वित्तीय अनुदान दिया जाता है।
3. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए न्यूनतम 4% की सामान्य ब्याज दर पर और महिला, दिव्यांग तथा ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए मात्र 1% ब्याज दर पर ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
4. सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत संचालित 'बिहार उद्यमी योजना' (मुख्यमंत्री युवा/महिला/अतिपिछड़ा उद्यमी योजना) के तहत नया उद्योग या स्टार्टअप स्थापित करने के लिए कुल परियोजना लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख तक) अनुदान और शेष 50% राशि बिना किसी ब्याज के ऋण के रूप में 7 वर्षों में चुकाने के लिए प्रदान की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, महाजनपद काल और मौर्योत्तर आर्थिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हाथइगुंफा अभिलेख' (Hatigumpha Inscription) कलिंग नरेश खारवेल से संबंधित है, जो प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण है तथा इसमें कलिंग की सिंचाई व्यवस्था और नहर निर्माण का प्राचीनतम ऐतिहासिक उल्लेख मिलता है।
2. बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' (Anguttara Nikaya) और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' (Bhagavati Sutra) में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिसमें वज्जी संघ (Vajjika Sangh) विश्व के शुरुआती गणतंत्रात्मक (Republican) स्वरूप का सबसे बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करता है।
3. मौर्योत्तर काल (Post-Maurya Period) में रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले भारी मात्रा में व्यापार के परिणामस्वरूप भारत में बड़ी संख्या में सोने के सिक्के (रोमन दीनार) आए, जिसका स्पष्ट उल्लेख सातवाहन राजवंश के अभिलेखों और संगम साहित्य में मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' के राजनीतिक भूगोल, उनकी राजधानियों और आधुनिक भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो आधुनिक भागलपुर और मुंगेर के क्षेत्र में स्थित थी, तथा यह अपने समय का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र और जलमार्ग का संगम स्थल था।
2. वज्जि महाजनपद आठ कुलों का एक शक्तिशाली संघ (Confederacy) था, जिसकी राजधानी वैशाली (विदेह और लिच्छवि) थी, और यह विश्व के प्राचीनतम गणतंत्रात्मक शासन प्रणालियों में से एक माना जाता है।
3. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशंबी थी, जो आधुनिक इलाहाबाद (प्रयागराज) के समीप यमुना नदी के तट पर स्थित थी, और यहाँ के प्रसिद्ध शासक उदयन (उद्यान) थे जिनका संबंध बौद्ध और जैन दोनों परंपराओं से जोड़ा जाता है।
4. मल्ल महाजनपद की दो प्रमुख राजधानियाँ कुशीनगर और पावा थीं, जहाँ क्रमशः भगवान बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था और जैन धर्म के संस्थापक महावीर स्वामी ने अपना शरीर त्यागा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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