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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में हुए संघर्ष और उसके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. दानापुर छाती के 3rd रेजीमेंट, 12th इन्फैंट्री और 40th नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और तुरंत जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह के साथ मिलकर आरा पर अधिकार कर लिया था।
  2. 2. रोहिणी (वर्तमान झारखंड, तब के बिहार का हिस्सा) में 12 जून 1857 को 32वीं इन्फैंट्री रेजीमेंट के सैनिकों द्वारा विद्रोह किया गया था, जिसमें मेजर नॉर्मन मैकडोनाल्ड और सहायक शल्यचिकित्सक डॉ. ग्राहम मारे गए थे, और यह घटना बिहार में 1857 के विद्रोह की पहली संगठित सैन्य कार्रवाई थी।
  3. 3. छोटा नागपुर क्षेत्र (विशेषकर रामगढ़ बटालियन) में विद्रोह का नेतृत्व सूबेदार जय मंगल सिंह और माधव सिंह ने किया था, जिन्होंने ब्रिटिश सेना के खिलाफ चतरा के युद्ध (अक्टूबर 1857) में कड़ा मुकाबला किया था।
  4. 4. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने संघर्ष को जारी रखते हुए कैमूर की पहाड़ियों से ब्रिटिश सेना के खिलाफ एक प्रभावी छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) का संचालन किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन 1857 के विद्रोह के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। रोहिणी की घटना (12 जून 1857) बिहार में इस महान संग्राम की शुरुआत मानी जाती है। दानापुर के सैनिकों ने बाबू कुंवर सिंह के नेतृत्व में इस विद्रोह को नया आयाम दिया। चतरा के युद्ध में जय मंगल सिंह का योगदान और अमर सिंह द्वारा कैमूर की पहाड़ियों से चलाया गया छापामार युद्ध इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिक अभ्यास के लिए हमारी बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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