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BPSC TRE 4.0
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक इतिहास और 'मध्यकालीन इतिहास' के संदर्भ में, तुगलक वंश और लोदी वंश के शासनकाल में प्रशासनिक एवं राजस्व व्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सिकंदर लोदी ने भूमि की माप और पैमाइश के लिए 'गज-ए-सिकंदरी' (Sikandari Gaz) का प्रचलन शुरू किया, जो 30 इंच का होता था, तथा उसने कृषि भूमि के निर्धारण के लिए निष्पक्ष पैमाइश प्रणाली को अनिवार्य बनाया और आगरा शहर की स्थापना कर उसे अपनी राजधानी बनाया।
- 2. गयासुद्दीन तुगलक ने अपने पूर्ववर्ती सुल्तानों की कठोर राजस्व नीतियों में ढील देते हुए 'हस्र-उल-हश्ल' (राजस्व में एक-तिहाई से एक-चौथाई की वृद्धि) की नीति अपनाई और उसने किसानों से अत्यधिक कर वसूलने वाले इजारादारों (ठेकेदारों) को प्रोत्साहित किया।
- 3. सल्तनत काल में 'मलिक' और 'अमीर' उच्च कोटि के सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी होते थे, तथा केंद्रीय प्रशासन में 'दीवान-ए-आरिज' विभाग सैन्य विभाग से संबंधित था जिसका प्रमुख 'आरिज-ए-मुमालिक' सैनिकों का हुलिया रखने और घोड़ों को दागने की व्यवस्था का निरीक्षण करता था।
- 4. बहलोल लोदी ने अफगान अमीरों की तुष्टीकरण और संतुष्टि के लिए 'मंस्कद-ए-आली' की भावना को बढ़ावा दिया, जिसके तहत वह सुल्तान की कुर्सी पर बैठने के बजाय अमीरों के साथ कालीन पर बैठता था, जिससे अफगान सरदारों की स्थिति सुल्तान के समकक्ष हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सटीक और विश्लेषणात्मक अध्ययन के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जा सकते हैं। कथन 1 सत्य है क्योंकि सिकंदर लोदी ने 'गज-ए-सिकंदरी' (30 इंच) की शुरुआत की और 1504 ई. में आगरा की स्थापना की। कथन 2 असत्य है क्योंकि गयासुद्दीन तुगलक ने नरमी की नीति अपनाई थी और उसने इजारा प्रथा (राजस्व ठेकेदारी) को हतोत्साहित किया था, साथ ही लगान में वृद्धि न करने का आदेश दिया था। कथन 3 सत्य है, 'दीवान-ए-आरिज' सैन्य विभाग था और आरिज-ए-मुमालिक इसका प्रमुख होता था। कथन 4 सत्य है, बहलोल लोदी अफगान सरदारों की समानता के सिद्धांत पर काम करता था और वह सुल्तान की शानो-शौकत से दूर रहता था।
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भारतीय संविधान के भाग-III (मूल अधिकार), भाग-IV (नीति निर्देशक तत्व) और भाग-IVक (मूल कर्त्तव्य) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय को और अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को छोड़कर अन्य किसी भी मूल अधिकार के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने के अधिकार को राष्ट्रपति द्वारा निलंबित किया जा सकता है।
2. राज्य के नीति निर्देशक तत्व (DPSP) 'आयरिश संविधान' से प्रेरित हैं और संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार इन्हें देश की शासन व्यवस्था में मौलिक स्थान प्राप्त है तथा कानून बनाते समय इन सिद्धांतों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा, भले ही ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Justiciable) न हों।
3. सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया था, तथा वर्तमान में संविधान के अनुच्छेद 51क के अंतर्गत कुल 11 मूल कर्तव्य शामिल हैं, जिनमें 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शिक्षा का अवसर प्रदान करना 86वें संविधान संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया था।
4. नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत आने वाले 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का उल्लेख अनुच्छेद 44 में किया गया है, जो कि एक न्यायोचित (Justiciable) अधिकार है और इसे लागू करने के लिए राज्य सरकारें बाध्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में चलाए गए स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, तथा 16 अक्टूबर 1905 को इसे लागू किए जाने के दिन पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जिसमें लोगों ने उपवास रखा, 'बंदे मातरम' गीत गाया और एक-दूसरे की कलाई पर राखियाँ बांधकर एकता का संदेश दिया।
2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा की माँग को बल देते हुए 15 अगस्त 1906 को 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य साहित्यिक, वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा को स्वदेशी नियंत्रण के तहत प्रदान करना था।
3. कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, पहली बार औपचारिक रूप से पूरे ब्रिटिश भारत में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का विस्तार करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, हालाँकि नरमपंथियों और चरमपंथियों के बीच यह तीव्र मतभेद था कि इस आंदोलन को बंगाल से बाहर अन्य प्रांतों में फैलाया जाए या नहीं।
4. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक मोर्चे पर केवल विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार तक सीमित न रहकर 'आत्मकेंद्रित रचनात्मक कार्यों' (Atmashakti) पर भी विशेष बल दिया गया, जिसके तहत अश्विनी कुमार दत्त ने बंगाल के बरिशाल में 'स्वदेश बांधव समिति' के माध्यम से जन-जागरण और स्वदेशी प्रचार का उल्लेखनीय कार्य किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ब्रह्माण्ड, सौर मंडल की संरचना और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हमारी आकाशगंगा (Milky Way) एक सर्पिल (Spiral) आकार की गैलेक्सी है, जिसके केंद्र में स्थित अति-विशाल ब्लैक होल को 'धनु ए*' (Sagittarius A*) कहा जाता है, तथा सौर मंडल को इस गैलेक्सी का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 225 से 250 मिलियन वर्ष का समय लगता है, जिसे 'ब्रह्माण्ड वर्ष' (Cosmic Year) कहते हैं।
2. 'काइटो' या 'ऑर्ट क्लाउड' (Oort Cloud) सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले और धूमकेतु नुमा पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का उद्गम स्थल माना जाता है।
3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, और इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड 'वेस्टा' (Vesta) है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा आधिकारिक रूप से बौना ग्रह घोषित किया गया है।
4. सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत को 'कोरोना' (Corona) कहा जाता है, जो केवल पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, तथा सूर्य की ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है जिसमें हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम का एक नाभिक बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पादप श्वसन का उत्पाद क्या है?
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निम्नलिखित में से कौन से देश वर्तमान में गोलन हाइट्स पर दावा कर रहे हैं?
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