त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग आर्थर टान्सले (Arthur Tansley) द्वारा वर्ष 1935 में किया गया था, जो एक खुले तंत्र (Open System) के रूप में कार्य करता है और इसमें ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है।
- 2. लिंडमैन का 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law of Energy Transfer) यह बताता है कि जब ऊर्जा एक पोषक स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषक स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो कुल ऊर्जा का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही अगले स्तर तक पहुँच पाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं के दौरान ह्रासित हो जाती है।
- 3. 'जैव आवर्धन' (Biomagnification) और 'जैविक संचयन' (Bioaccumulation) एक ही परिघटना के दो अलग-अलग नाम हैं, जिसमें किसी जीव के शरीर में विषैले और अजैव निम्नीकरणीय प्रदूषकों (जैसे डीडीटी या पारा) की सांद्रता खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक क्रमिक उच्च स्तर पर घटती जाती है।
- 4. मैंग्रोव वनस्पति (Mangrove Vegetation) तटीय क्षेत्रों में प्राकृतिक अवरोधक के रूप में कार्य करती है, जो चक्रवातों और सुनामी के प्रभाव को कम करती है, तथा इसकी जड़ों में श्वसन के लिए विशेषीकृत 'न्यूमेटोफोरस' (Pneumatophores) पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में कथन 1, 2 और 4 पूरी तरह सत्य हैं। पारिस्थितिकी तंत्र शब्द का प्रतिपादन आर्थर टान्सले ने 1935 में किया था। ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है और लिंडमैन का 10% नियम ऊर्जा स्थानांतरण को स्पष्ट करता है। मैंग्रोव वनों में न्यूमेटोफोरस पाए जाते हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि जैव आवर्धन (Biomagnification) में विषैले पदार्थों की सांद्रता खाद्य श्रृंखला के ऊपरी स्तरों पर **बढ़ती** है, घटती नहीं। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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भौतिकी की विविध परिघटनाओं और उनके सैद्धांतिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रमन प्रभाव (Raman Effect) के अनुसार, जब एकवर्णनीय प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) से गुजरता है, तो प्रकीर्णित प्रकाश में आपतित प्रकाश की मूल आवृत्ति के अतिरिक्त भिन्न आवृत्तियों की वर्ण-रेखाएँ भी दिखाई देती हैं, जिनमें मूल आवृत्ति से कम आवृत्ति वाली 'स्टोक्स रेखाएँ' (Stokes lines) और अधिक आवृत्ति वाली 'एंटी-स्टोक्स रेखाएँ' (Anti-Stokes lines) शामिल होती हैं।
2. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करे तथा आपतन कोण का मान उस माध्यम युग्म के 'क्रांति कोण' (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए, जिसका उपयोग ऑप्टिकल फाइबर, हीरे की चमक और मरीचिका जैसी परिघटनाओं में होता है।
3. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) ध्वनि और प्रकाश दोनों तरंगों पर लागू होता है; इसके अनुसार जब कोई श्रोता किसी स्थिर स्रोत की ओर गति करता है, तो उसे प्रेषित आवृत्ति से अधिक आवृत्ति सुनाई देती है, तथा प्रकाश के संदर्भ में यह तारों और आकाशगंगाओं के स्पेक्ट्रम में होने वाले 'रेड शिफ्ट' (Red shift) और 'ब्लू शिफ्ट' (Blue shift) की व्याख्या करता है।
4. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में कुछ पदार्थों का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वे अपने भीतर से बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र को पूरी तरह बाहर धकेल देते हैं, जिसे 'मीस्नर प्रभाव' (Meissner Effect) कहा जाता है, तथा इस अवस्था में अतिचालक पदार्थ एक आदर्श प्रतिचुम्बकीय (Diamagnetic) की तरह व्यवहार करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अभिकथन (A): बिहार के 8 जिले भूकंपीय जोन V में हैं। कारण (R): हिमालय की निकटता और भ्रंश रेखाएं।
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बिहार के वन क्षेत्र और विभिन्न प्रकार की मृदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) के अनुसार, बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84% भाग वन आवरण (Forest Cover) के अंतर्गत आता है, जिसमें भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के मामले में कैमूर जिला शीर्ष स्थान पर है।
2. बिहार के उत्तरी मैदान की मृदा मुख्य रूप से पुरानी जलोढ़ मृदा (बांगर) है, जो प्रतिवर्ष बाढ़ के नए निक्षेपों से नवीकृत होती है और धान तथा जूट की खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है।
3. दक्षिण-पश्चिम बिहार (विशेषकर रोहतास और कैमूर जिले) में विंध्यन क्रम की चट्टानों के अपक्षय और विखंडन के परिणामस्वरूप बालुई तथा लाल-पीली मृदा का विकास हुआ है, जिसमें सामान्यतः नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
4. टाल क्षेत्र (गंगा के दक्षिण में मोकामा से बड़हिया तक फैला क्षेत्र) में पाई जाने वाली भारी चिकनी मृदा को 'टाल मृदा' कहा जाता है, जो रबी की फसलों (विशेषकर चना और मसूर) के उत्पादन के लिए अत्यधिक उपजाऊ मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के किस जिले में गेहूं का उत्पादन सर्वाधिक होता है?
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ट्रिवार्था के अनुसार भारत की जलवायु किस प्रकार की है?
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