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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण और उनकी शारीरिक-भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ग्रिफ़िथ टैलर (Griffith Taylor) और टी.एल. रुथवे के प्रवास-कटिबंध सिद्धांत (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव जातियों का उद्गम एशिया महाद्वीप के केंद्रीय भागों में हुआ और जो प्रजातियाँ सबसे पहले उत्सर्जित हुईं, वे प्रवास के क्रम में सबसे दूरस्थ क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका) तक पहुँच गईं।
  2. 2. 'कॉकीसाएड' (Caucasoid) प्रजाति के लोगों की मुख्य शारीरिक विशेषताओं में सीधी से लेकर घुंघराले बाल, संकीर्ण या मध्यम नाक (লেপोटोराइन) और हल्की से लेकर गहरी त्वचा का रंग शामिल है, जिनका मूल निवास मुख्य रूप से यूरोप, मध्य पूर्व और भारतीय उपमहाद्वीप माना जाता है।
  3. 3. 'नॉर्मन जे. बर्डेल' और आधुनिक मानव विज्ञान के अनुसार, 'नेग्रोइड' (Negroid) प्रजाति की शारीरिक विशेषताएँ उष्णकटिबंधीय जलवायु के अनुकूल होती हैं, जिनमें अत्यधिक घुंघराले ऊनी बाल (Peppercorn hair), चौड़ी चपटी नाक और शरीर की सतह पर पसीने की ग्रंथियों की अधिकता शामिल है जो शरीर को ठंडा रखने में सहायक होती है।
  4. 4. मंगोलॉइड (Mongoloid) प्रजाति की प्रमुख शारीरिक विशेषताओं में एपिकैंथिक फोल्ड (Epicanthic fold) युक्त आँखें, चपटे गाल की हड्डियाँ और सीधे काले बाल शामिल हैं, जिनका मूल आवास मुख्य रूप से एशिया का उत्तरी, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

मानव प्रजातियों (Human Races) का वर्गीकरण मानव विज्ञान और भौतिक भूगोल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। ग्रिफ़िथ टैलर का प्रवास-कटिबंध सिद्धांत यह बताता है कि कैसे विभिन्न प्रजातियों ने एशिया के केंद्रीय क्षेत्र से प्रवास किया। कॉकीसाएड, नेग्रोइड और मंगोलॉइड प्रजातियों की शारीरिक विशेषताएँ जलवायु और पर्यावरण के साथ उनके अनुकूलन (Adaptation) को दर्शाती हैं, जैसे नेग्रोइड्स में ऊनी बाल और मंगोलॉइड्स में एपिकैंथिक फोल्ड। ऐसी उन्नत अध्ययन सामग्रियों के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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