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BPSC TRE 4.0
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना और इसके शुरुआती वर्षों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन दिसंबर 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित होना तय हुआ था, किंतु पूरब में फैले हैजा (Cholera) के प्रकोप के कारण इसे अंतिम समय में पुणे के बजाय बॉम्बे में आयोजित किया गया था।
- 2. कांग्रेस के इस प्रथम अधिवेशन में कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, जिनमें बिहार से एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में दीप नारायण सिंह ने भाग लिया था।
- 3. कांग्रेस के शुरुआती अधिवेशनों में 'सुरक्षा वाल्व' (Safety Valve) के सिद्धांत का प्रतिपादन सबसे पहले लाला लाजपत राय ने अपनी पत्रिका 'यंग इंडिया' में 1916 में किया था, जिसके अनुसार कांग्रेस की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य को असंतोष की आग से बचाना था।
- 4. कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन (1886) की अध्यक्षता कलकत्ता में दादाभाई नौरोजी ने की थी, तथा इसी अधिवेशन में नेशनल कॉन्फ्रेंस का विलय कांग्रेस में कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन मूल रूप से पुणे में आयोजित होना था, किंतु वहाँ हैजा फैलने के कारण इसे बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में स्थानांतरित किया गया था (पुणे में हैजा नहीं बल्कि बॉम्बे में आयोजन का मुख्य कारण पुणे की महामारी थी)। कथन 2 असत्य है क्योंकि पहले अधिवेशन में बिहार से कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ था; बिहार के प्रतिनिधि दूसरे अधिवेशन (1886) में शामिल हुए थे। कथन 3 सत्य है, लाला लाजपत राय ने 1916 में 'यंग इंडिया' में 'सुरक्षा वाल्व' सिद्धांत का प्रतिपादन किया था। कथन 4 सत्य है, 1886 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की थी और सुरेंद्रनाथ बनर्जी की नेशनल कॉन्फ्रेंस का कांग्रेस में विलय हुआ था। अधिक तैयारी और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पर विजिट करें।
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हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा रक्षा एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए गए नूतन विकास और समसामयिक पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित 'प्रलय' (Pralay) मिसाइल एक कम दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जो अत्यधिक गतिशीलता से लैस है और दुश्मन के रडार से बचने के लिए उड़ान के दौरान अपना मार्ग बदलने (Quasi-ballistic trajectory) की क्षमता रखती है।
2. भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत फ्रांस के सहयोग से मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में निर्मित स्कॉर्पीन श्रेणी की छठी और अंतिम पनडुब्बी 'आईएनएस वागशीर' (INS Vagsheer) को हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है, जो उन्नत वायु-स्वतंत्र प्रणोदन (AIP) प्रणाली से सुसज्जित है।
3. इसरो द्वारा अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में गगनयान मिशन के लिए विकसित 'विकास' (Vikas) इंजन का संबंध क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन तकनीक से है, जिसका उपयोग केवल मानव-रहित परीक्षण उड़ानों के ऊपरी चरणों में किया जाता है।
4. भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान मिशन 'गगनयान' के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष यात्रा हेतु शारीरिक और मानसिक रूप से प्रशिक्षित करने के लिए बेंगलुरु में 'एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग फैसिलिटी' (ATF) की स्थापना की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (राजद्रोह अपराध अधिनियम) के विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और सत्याग्रह का आह्वान किया था, जिसमें पहली बार अखिल भारतीय स्तर पर ट्रेड यूनियन और आम कामगारों की बड़ी भागीदारी देखी गई थी।
2. खिलाफत आंदोलन की शुरुआत तुर्की के खलीफा के पद को समाप्त करने के ब्रिटिश निर्णयों के विरोध में अली बंधुओं (मौलाना मोहम्मद अली और मौलाना शौकत अली) द्वारा की गई थी, और नवंबर 1919 में दिल्ली में आयोजित 'अखिल भारतीय खिलाफत सम्मेलन' के अध्यक्ष पद पर महात्मा गांधी को चुना गया था।
3. सितंबर 1920 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ, जिसमें सरकारी उपाधियों, अदालतों, विधमंडलों और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का स्पष्ट कार्यक्रम रखा गया था।
4. चौरी-चौरा की हिंसक घटना (5 फरवरी 1922) के उपरांत महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन को अचानक वापस लेने की घोषणा कर दी, जिससे देश के कई प्रमुख नेताओं जैसे चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने इस निर्णय का पुरजोर समर्थन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थिति तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदशकीय (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो कुल ऊर्जा का केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर तक पहुंच पाता है, जबकि शेष ऊर्जा का अधिकांश भाग श्वसन और चयापचय क्रियाओं के दौरान ऊष्मा के रूप में हास हो जाता है।
2. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा का प्रतिपादन नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि वहाँ कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियाँ होनी चाहिए तथा उस क्षेत्र ने अपनी मूल प्राथमिक वानस्पतिक भूमि का कम से कम 70 प्रतिशत भाग खो दिया हो।
3. कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) की अवधारणा क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol) के अंतर्गत उत्पन्न हुई थी, जिसके तहत एक टन कार्बन डाइऑक्साइड या उसके समतुल्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने या हटाने कोफ प्रमाणित किया जाता है, और यह बाजार-आधारित तंत्र विकासशील देशों को स्वच्छ तकनीकों अपनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।
4. भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) के अंतर्गत कुल छह अनुसूचियाँ (Schedules) हैं, जिनमें अनुसूची I और II के अंतर्गत आने वाले वन्यजीवों को शिकार से पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाता है, तथा इस अधिनियम के तहत ही वर्ष 1973 में देश में 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में अवस्थित प्रमुख पर्वत, पठार तथा मरुस्थल की भौगोलिक अवस्थिति एवं उनकी उत्पत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित 'पेटागोनिया का पठार' एक वृष्टिछाया (Rain-shadow) मरुस्थलीय पठार है, जो एंडीज पर्वतमाला के पूर्व में स्थित है और यहाँ शीतकालीन ठंडी पवनों का प्रभाव मुख्य रूप से पाया जाता है।
2. अफ्रीका महाद्वीप के उत्तर-पूर्व में स्थित 'नुबियन मरुस्थल' और 'अरब मरुस्थल' दोनों ही अटलांटिक महासागर के तटीय ठंडी धाराओं के प्रभाव के कारण उष्णकटिबंधीय मरुस्थलों के रूप में विकसित हुए हैं।
3. एशिया महाद्वीप का 'अनातोलिया का पठार' (टर्की) एक अंतःपर्वतीय (Intermontane) पठार है, जो पोंटिक और टारस पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित है, तथा इसका अधिकांश भाग अर्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु के अंतर्गत आता है।
4. उत्तरी अमेरिका में स्थित 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' एक मध्य-अक्षांशीय मरुस्थल का उदाहरण है, जो चारों तरफ से उच्च पर्वतों से घिरे होने के कारण महासागरीय आर्द्र हवाओं से वंचित रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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जाइलम (Xylem) ऊतक का मुख्य कार्य?
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