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BPSC TRE 4.0
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पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक हलचलों (Tectonic Movements) तथा ज्वालामुखी एवं भूकंपीय घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ज्वालामुखी उद्गार के दौरान निकलने वाले लावा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक चिपचिपा (Viscous) और अम्लीय होता है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक विस्फोटक उद्गार होते हैं, जैसे हवाई-तुल्य (Hawaiian) ज्वालामुखी जो सबसे अधिक विस्फोटक होते हैं।
  2. 2. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली भूकम्पीय तरंगों में प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन करती हैं और तरल क्रोड (Liquid Outer Core) से गुजरने पर लुप्त हो जाती हैं।
  3. 3. 'रिएक्टर पैमाना' (Richter Scale) भूकंप की ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापने का एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि पैमाने पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या पिछली संख्या की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक आयाम और लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त करती है।
  4. 4. प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और लगभग 90 प्रतिशत भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिसका मुख्य कारण पैसिफिक प्लेट का अन्य महाद्वीपीय प्लेटों के साथ अभिसरण (Convergent Boundary) होना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि हवाई-तुल्य (Hawaiian type) ज्वालामुखी उद्गार बहुत शांत होते हैं क्योंकि उनमें बेसिक या क्षारीय लावा निकलता है जिसमें सिलिका की मात्रा कम होती है और चिपचिपाहट न्यूनतम होती है। इसके विपरीत, स्ट्रॉम्बोली या वुलकेनो तुल्य ज्वालामुखी अत्यधिक अम्लीय और विस्फोटक होते हैं। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। S-तरंगें तरल माध्यम से नहीं गुजर सकतीं और आउटर कोर में विलुप्त हो जाती हैं। रिएक्टर पैमाना लॉगरिदमिक होता है और रिंग ऑफ़ फायर अभिसारी सीमाओं पर स्थित है। इस प्रकार की उच्च स्तरीय तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
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