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BPSC TRE 4.0
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निम्नलिखित पुस्तकों एवं उनके लेखकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'द डिस्कवरी ऑफ इंडिया' (The Discovery of India) पुस्तक की रचना पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा वर्ष 1944 में अहमदनगर किले की जेल में अपने कारावास के दौरान की गई थी, जिसमें प्राचीन काल से लेकर ब्रिटिश शासन तक के भारतीय इतिहास और संस्कृति का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
- 2. 'अनहैप्पी इंडिया' (Unhappy India) पुस्तक के लेखक लाला लाजपत राय हैं, जिसे उन्होंने कैथरीन मेयो की विवादास्पद पुस्तक 'मदर इंडिया' के उत्तर में भारत की स्थिति और ब्रिटिश शासन की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए लिखा था।
- 3. 'विंग्ज ऑफ फायर' (Wings of Fire) भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा है, जिसके सह-लेखक (Co-author) अरुण तिवारी थे और इसमें उनके बचपन से लेकर भारत के अंतरिक्ष एवं रक्षा अनुसंधान विकास तक की यात्रा का वर्णन है।
- 4. 'इकनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया' (Economic History of India) के रचयिता दादाभाई नौरोजी हैं, जिन्होंने अपनी इस प्रसिद्ध कृति में भारत से धन की निकासी (Drain of Wealth) के सिद्धांत का सबसे पहले गणितीय और सांख्यिकीय प्रमाण प्रस्तुत किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। 'इकनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया' (The Economic History of India) पुस्तक के लेखक रोमेश चंद्र दत्त (R.C. Dutt) हैं, न कि दादाभाई नौरोजी। हालांकि, धन की निकासी (Drain of Wealth) के सिद्धांत का सबसे पहले प्रतिपादन दादाभाई नौरोजी ने अपने प्रसिद्ध लेख 'पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' तथा 'इफ पॉवर्टी कुड बी क्योर' में किया था। इसी तरह अन्य तीनों पुस्तकें और उनके लेखक सही सुमेलित हैं। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास और परीक्षा की संपूर्ण तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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भारतीय संविधान में प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व (DPSP)' तथा 'मूल कर्त्तव्य' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये मुख्य रूप से राजनीतिक लोकतंत्र की स्थापना करते हैं, जो कि न्यायोचित (Justiciable) प्रकृति के हैं, जबकि नीतिनिदेशक तत्व आयरिश संविधान से लिए गए हैं और ये सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं तथा गैर-न्यायोज्य हैं।
2. स्वर्ण सिंह समिति (1976) की सिफारिशों पर 42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए मूल कर्तव्यों की संख्या मूल रूप से 10 थी, जिसे बाद में 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से बढ़ाकर 11 कर दिया गया, जिसमें 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए शिक्षा का अवसर प्रदान करना शामिल है।
3. अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय और अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और संसद को अनुच्छेद 33 के तहत सशस्त्र बलों, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मूल अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने या उन्हें प्रतिबंधित करने की विशेष शक्ति दी गई है।
4. नीतिनिदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 (समान नागरिक संहिता), अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायतों का संगठन) और अनुच्छेद 48 (कृषि और पशुपालन का संगठन) केवल समाजवादी विचारधारा पर आधारित निर्देशक तत्व हैं, जिनका गांधीवादी दर्शन से कोई संबंध नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पारिस्थितिकीय पिरामिड (Ecological Pyramids) और उनके विभिन्न प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकीय पिरामिड की अवधारणा का प्रतिपादन सबसे पहले चार्ल्स एल्टन (Charles Elton) ने किया था, जिन्हें 'एल्टोनियन पिरामिड' के नाम से भी जाना जाता है, जो विभिन्न पोषण स्तरों (Trophic Levels) पर जीवों की संख्या, जैवभार या ऊर्जा के संबंधों को रेखांकित करते हैं।
2. एक सामान्य स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'संख्या का पिरामिड' (Pyramid of Numbers) सदैव सीधा (Upright) होता है, क्योंकि इसमें उत्पादकों (पेड़-पौधों) की संख्या शाकाहारी और मांसाहारी जीवों की तुलना में अत्यधिक अधिक होती है।
3. इसके विपरीत, एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र में 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) हो जाता है, क्योंकि एक विशाल वृक्ष (उत्पादक) पर आश्रित पक्षियों (शाकाहारी) और उन पर पलने वाले परजीवियों (परजीवी पोषण स्तर) की संख्या क्रमिक रूप से बढ़ती जाती है।
4. 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में सर्वदा और अनिवार्य रूप से सीधा ही होता है, जो लिंडमैन के 10 प्रतिशत नियम (10% Law) का पालन करता है, जिसके तहत एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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बिहार के महान साहित्यकारों, स्वतंत्रता सेनानियों तथा उन्हें प्राप्त प्रमुख राष्ट्रीय एवं राजकीय सम्मानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार और उपन्यासकार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी रचना 'उर्वशी' के लिए वर्ष 1972 में प्रतिष्ठित 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था, तथा उनकी अन्य प्रसिद्ध कृति 'संस्कृति के चार अध्याय' पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
2. बिहार के महान समाजवादी नेता और स्वतंत्रता सेनानी जननायक कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (2024) से सम्मानित किया गया है, जो सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए उनके आजीवन संघर्ष को समर्पित है।
3. वर्ष 2001 में भारत की स्वर कोकिला और महान गायिका लता मंगेशकर के साथ-साथ बिहार की प्रसिद्ध लोक एवं शास्त्रीय गायिका पद्मश्री शारदा सिन्हा को भी देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से एक साथ सम्मानित किया गया था।
4. पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित बिहार के प्रसिद्ध मांडणा और मधुबनी पेंटिंग के प्रख्यात कलाकार पद्मश्री जगदंबा देवी को इस पारंपरिक लोक कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और इसके संरक्षण के लिए इस पुरस्कार से अलंकृत किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के भौगोलिक परिदृश्य में वन आवरण, मृदा के प्रकार और उनके वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84% हिस्सा वन आवरण के अंतर्गत आता है, जिसमें सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाला जिला कैमूर है, जबकि प्रतिशत के दृष्टिकोण से भी कैमूर शीर्ष स्थान पर है।
2. बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग (विशेषकर पश्चिमी चंपारण के सोमेश्वर और दून पहाड़ियों के क्षेत्र) में पर्णपाती प्रकार के वन पाए जाते हैं, जहाँ साल (सखुआ) के वृक्षों की प्रधानता होती है।
3. राज्य में पाई जाने वाली 'टैरल मृदा' (Terai Soil) हिमालय की तराई क्षेत्र में उत्तर-पश्चिमी पट्टी में पाई जाती है, जो अम्लीय प्रकृति की होती है और गन्ने तथा धान की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
4. दक्षिण बिहार के पठारी और टल क्षेत्र में मिलने वाली 'लाल-पीली मृदा' और 'बलसुन्दरी मृदा' में नाइट्रोजन, ह्यूमस और फास्फोरस की प्रचुरता होती है, जिसके कारण इस क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की बिल्कुल आवश्यकता नहीं पड़ती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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