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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्तियों, उपराष्ट्रपति के निर्वाचन तथा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, तथा 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रपति इस मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है, किंतु पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए राष्ट्रपति बाध्य होगा।
- 2. उपराष्ट्रपति, जो राज्य सभा का पदेन सभापति होता है, के निर्वाचन में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) के निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं, किंतु राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषदों के सदस्य इसके निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं होते हैं।
- 3. केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 75), जिसका अर्थ है कि मंत्रिपरिषद का कोई भी एक मंत्री लोकसभा द्वारा अपने विभाग से संबंधित नीतिगत मामलों पर पराजित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ सकता है।
- 4. यदि उपराष्ट्रपति का पद उसकी मृत्यु, त्यागपत्र या निष्कासन के कारण रिक्त हो जाता है, तो इस रिक्ति को भरने के लिए संविधान में कोई निश्चित समय-सीमा (जैसे 6 महीने के भीतर) निर्धारित नहीं की गई है, किंतु नए उपराष्ट्रपति का चुनाव 'यथाशीघ्र' कराया जाना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद होती है, और 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई कि वह मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है। उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत) शामिल होते हैं लेकिन राज्य विधानसभाओं के सदस्य नहीं। अनुच्छेद 75 के तहत मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। उपराष्ट्रपति पद की रिक्ति के संदर्भ में संविधान में कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है, बल्कि चुनाव यथाशीघ्र कराया जाना अपेक्षित है। इस तरह के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में प्रारंभ किए गए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन का निर्णय लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 20 जुलाई 1905 को घोषित किया गया था, तथा 16 अक्टूबर 1905 को इसे लागू किए जाने के दिन पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, 'बंदे मातरम' गाया और birbirat (आपसी भाईचारे) के प्रतीक के रूप में एक-दूसरे की कलाई पर राखियाँ बांधीं।
2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (National Council of Education) की स्थापना 15 अगस्त 1906 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य साहित्यिक, वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा को स्वदेशी नियंत्रण के तहत देना था, तथा सतीश चंद्र मुखर्जी का 'डॉन सोसाइटी' (Dawn Society) इसमें विशेष रूप से सक्रिय था।
3. कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, पहली बार औपचारिक रूप से पूरे ब्रिटिश भारत में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का विस्तार करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, हालांकि नरमपंथियों और चरमपंथियों के बीच वैचारिक मतभेद इस बात पर था कि यह आंदोलन केवल बंगाल तक सीमित रहना चाहिए या पूरे देश में फैलना चाहिए।
4. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों (Atmashakti) पर भी बल दिया गया, जिसके तहत आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय ने 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स' जैसी स्वदेशी उद्योगों की नींव रखी, और अश्विनी कुमार दत्त ने बंगाल के बरिशाल में 'स्वदेश बांधव समिति' के माध्यम से जन-जागरण का कार्य किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों तथा संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 2024 में आयोजित 19वें जी20 (G20) शिखर सम्मेलन की मेजबानी रियो डी जेनेरियो, ब्राजील द्वारा की गई थी, जिसकी मुख्य थीम 'एक न्यायसंगत दुनिया और एक टिकाऊ ग्रह का निर्माण' थी, और इसी सम्मेलन के दौरान वैश्विक भूख और गरीबी के खिलाफ 'ग्लोबल अलायंस' की शुरुआत की गई।
2. 'संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन' (UNFCCC) के अंतर्गत आयोजित COP29 (2024) सम्मेलन का आयोजन बाकू, अजरबैजान में किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तपोषण के नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (NCQG) के तहत प्रतिवर्ष 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने पर सहमति बनी।
3. ब्रिक्स (BRICS) संगठन के विस्तार के बाद, 16वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वर्ष 2024 में कज़ान, रूस में आयोजित किया गया था, जिसमें मिस्र, ईरान, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने पूर्ण सदस्य के रूप में पहली बार शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
4. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम, भारत में स्थित है, और इसके चौथे संशोधन फ्रेमवर्क समझौते के तहत अब संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश इस गठबंधन के सदस्य बनने के पात्र हो गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के अपवाह तंत्र, प्रमुख घाटियों, प्रपात एवं झीलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, नेपाल में हिमालय से निकलने के बाद सप्तकोसी के रूप में प्रवाहित होती है और यह अपने मार्ग परिवर्तन तथा अत्यधिक गाद (Silt) के निक्षेपण के लिए कुख्यात है, तथा यह कटिहार जिले के कुचैला के पास गंगा नदी में मिलती है।
2. ककोलत जलप्रपात, जो नवादा जिले की कोडरमा पठार की पहाड़ियों के बीच स्थित है, लगभग 160 फीट ऊँचा एक प्रमुख प्राकृतिक जलप्रपात है, और यह कर्मनाशा नदी का एक भाग है जो आगे चलकर गंगा में गिरती है।
3. कावर झील (Kabartal Wetland), जो बेगूसराय जिले में स्थित है, बिहार की सबसे बड़ी गोखुर झील (Oxbow Lake) है, जिसे भारत का पहला 'रामसर स्थल' (Ramsar Site) घोषित किया गया था और यह साइबेरियाई प्रवासी पक्षियों का एक प्रमुख आश्रय स्थल है।
4. दुर्गावती जलप्रपात, जो कैमूर जिले के रोहतास पठार क्षेत्र में दुर्गावती नदी पर स्थित है, राज्य के सबसे सुंदर और ऊंचे जलप्रपातों में से एक है, और यहाँ दुर्गावती जलाशय परियोजना भी संचालित की जा रही है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र के विकास, जलवायु परिस्थितियों और संवर्धित प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की भौगोलिक स्थिति और कृषि-जलवायु विविधता को ध्यान में रखते हुए राज्य को मुख्य रूप से चार प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic zones) में विभाजित किया गया है, जिसके उत्तर-पश्चिम जलोढ़ मैदान (Zone I) में मक्का और धान की खेती प्रमुखता से होती है।
2. पशुधन के नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार द्वारा 'गव्य विकास योजना' तथा 'मुख्यमंत्री तीव्र गव्य विकास योजना' का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।
3. राज्य में मखाना (Fox Nut) उत्पादन को वैश्विक पहचान दिलाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए 'मिथिला मखाना' को भौगोलिक उपदर्शन (GI Tag) प्रदान किया गया है, और इसका सर्वाधिक उत्पादन कोसी व सीमांचल क्षेत्र के दरभंगा, मधुबनी और पूर्णिया जिलों में होता है।
4. एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System) के तहत बिहार में मछली पालन (Aquaculture) को कृषि के साथ संबद्ध करके बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें तालाबों की संख्या और मत्स्य बीज उत्पादन के मामले में राज्य का पूर्वी चंपारण जिला अग्रणी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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वर्ष 1905 में बंगाल विभाजन के निर्णय की घोषणा के पश्चात प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक घोषणा की गई थी, तथा संपूर्ण बंगाल में 16 अक्टूबर 1905 को 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया था।
2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के प्रसिद्ध गीतकार रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित गीत 'आमार सोनार बांग्ला' गाया गया था, जो बाद में वर्ष 1971 में बांग्लादेश का राष्ट्रगान बना।
3. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों में नेतृत्व कर्ताओं ने अपनी भूमिका निभाई, जिसके तहत मद्रास प्रेसीडेंसी में चिदंबरम पिल्लई (V.O. Chidambaram Pillai) ने स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी की स्थापना की थी।
4. इस आंदोलन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन (अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले) में पहली बार औपचारिक रूप से 'पूर्ण स्वराज' की मांग का प्रस्ताव पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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