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BPSC TRE 4.0
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विश्व की प्रमुख जलसंधियों (Straits) और महासागरीय गर्तों (Oceanic Trenches) की भौगोलिक अवस्थिति एवं उनकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मलकक्का जलसंधि (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप (मलेशिया) के बीच स्थित है, जो हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार के दृष्टिकोण से विश्व की सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक है।
- 2. मारियाना गर्त (Mariana Trench), जिसमें 'चैलेंजर डीप' (Challenger Deep) पृथ्वी का सबसे गहरा बिंदु है, प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग में फिलीपींस प्लेट और प्रशांत प्लेट के अभिसरण (Convergent Boundary) के परिणामस्वरूप निर्मित एक चाप-खाई प्रणाली है।
- 3. जिब्राल्टर जलसंधि (Strait of Gibraltar), जिसे 'भूमध्य सागर की कुंजी' कहा जाता है, अटलांटिक महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है और यूरोप (स्पेन) को अफ्रीका (मोरक्को) से अलग करती है।
- 4. सुंडा गर्त (Sunda Trench), जिसे जावक गर्त भी कहा जाता है, हिंद महासागर का सबसे गहरा गर्त है जो जावा और सुमात्रा के दक्षिण में ऑस्ट्रेलियाई प्लेट के सुंडा प्लेट के नीचे सबडक्ट होने के कारण स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। मलकक्का जलसंधि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर (दक्षिण चीन सागर) को जोड़ती है तथा भू-राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। मारियाना गर्त प्रशांत महासागर में स्थित विश्व का सबसे गहरा गर्त है। जिब्राल्टर जलसंधि अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर को मिलाती है, और सुंडा गर्त हिंद महासागर का प्रमुख गर्त है। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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मुस्लिम लीग की स्थापना (1906) तथा होमरोल लीग आंदोलन (1916) के उद्देश्यों, वैचारिक विकास और राजनीतिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ढाका के नवाब सलीमुल्लाह खान के नेतृत्व में वर्ष 1906 में स्थापित 'ऑल इंडिया मुस्लिम लीग' के संस्थापकों का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के प्रति मुसलमानों में निष्ठा बढ़ाना और उनके राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना था, तथा इसके लाहौर अधिवेशन (1907) में पहली बार पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electorates) की मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था।
2. भारत में होमरोल लीग आंदोलन की शुरुआत दो अलग-अलग संगठनों के माध्यम से हुई थी; सर्वप्रथम अप्रैल 1916 में तिलक ने बेलगाम में 'इंडियन होम रूल लीग' की स्थापना की, जिसका कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रांत और बरार तक सीमित था, जबकि सितंबर 1916 में एनी बेसेंट ने मद्रास में अपनी लीग की स्थापना की जिसका प्रभाव क्षेत्र शेष भारत में था।
3. होमरोल लीग आंदोलन के दौरान एनी बेसेंट ने अपने दो प्रसिद्ध समाचार पत्रों 'न्यू इंडिया' (New India) और 'कॉमनवील' (Commonweal) के माध्यम से स्वशासन के विचार को जन-जन तक पहुँचाया, तथा उनके इस आंदोलन में बी.पी. वाडिया और जॉर्ज अरुंडेल जैसे प्रमुख सहयोगियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
4. वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते (लखनऊ पैक्ट) में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की पृथक निर्वाचन मंडल की मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसे भविष्य में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की सांप्रदायिक राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में पारित रॉलेट एक्ट (Rowlatt Act) के विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और जुलूस निकालने का आह्वान किया था, जिसे 'बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील' का कानून कहा गया था।
2. अखिल भारतीय खिलाफत कमेटी का प्रथम सम्मेलन दिल्ली में नवंबर 1919 में आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता स्वयं महात्मा गांधी ने की थी, ताकि हिंदू-मु मुस्लिम एकता को मजबूत करते हुए ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
3. कलकत्ता में सितंबर 1920 में आयोजित कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव चित्तरंजन दास (C.R. Das) द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसका उद्देश्य पंजाब और खिलाफत के अन्यायपूर्ण कृत्यों का निवारण करना और स्वराज्य प्राप्त करना था।
4. चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922) की हिंसक घटना के पश्चात महात्मा गांधी ने 12 फरवरी 1922 को बारदोली में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में असहयोग आंदोलन को पूरी तरह वापस लेने की घोषणा कर दी थी, जिससे सुभाषचंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू जैसे युवा नेताओं ने इसे 'राष्ट्रीय आपदा' करार दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संवैधानिक प्रावधानों, स्वतंत्रताओं और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को उनके पद से केवल संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित और राष्ट्रपति को संबोधित समेकित आवेदन के आधार पर 'कदाचार या असमर्थता' के साबित होने पर ही हटाया जा सकता है, जो कि महाभियोग जैसी प्रक्रिया के समान है।
2. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) न केवल केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के सभी वित्तीय लेन-देन का लेखा-परीक्षण करता है, बल्कि वह सार्वजनिक उपक्रमों के खातों का भी प्रत्यक्ष और पूर्ण लेखा-परीक्षण वैधानिक रूप से स्वयं करता है, जिसमें निजी क्षेत्र के शेयरधारक भी हस्तक्षेप कर सकते हैं।
3. अनुच्छेद 149 के अनुसार, CAG संघ और राज्यों के लेखाओं से संबंधित अपनी सभी रिपोर्टें राष्ट्रपति और राज्यपालों को सौंपता है, जो उन्हें क्रमशः संसद और राज्य विधानमंडल के पटल पर रखवाते हैं, जिसके बाद संसद की 'लोक लेखा समिति' (Public Accounts Committee) इन रिपोर्टों की गहन जाँच करती है।
4. उच्चतम न्यायालय की आरंभिक (Original) अधिकारिता के अंतर्गत भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच किसी भी विवाद का निपटारा आता है, बशर्ते यह विवाद किसी राजनीतिक संधि, समझौते या संविधान-पूर्व के किसी कवन से उत्पन्न हुआ हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर लगाए गए 'तीनकठिया' प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक बीघा जमीन के तीन कट्ठा (यानी 3/20वें हिस्से) भाग पर नील की अनिवार्य खेती करना कानूनी रूप से बाध्यकारी था।
2. महात्मा गांधी को चंपारण आने का आधिकारिक निमंत्रण मुजफ्फरपुर के एक स्थानीय वकील राजकुमार शुक्ल द्वारा दिया गया था, और गांधीजी के साथ इस आंदोलन में राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिंह और जे.बी. कृपलानी जैसे नेताओं ने भी सक्रिय सहयोग दिया था।
3. चंपारण सत्याग्रह की सफलता से घबराकर ब्रिटिश सरकार ने एक जाँच समिति (चंपारण एग्रेरियन कमेटी) का गठन किया था, जिसके अध्यक्ष एफ.आई. सलाई (F.I. Sly) थे, और इस समिति की संस्तुतियों के आधार पर 'चंपारण कृषि अधिनियम, 1917' पारित कर तीनकठिया प्रथा को समाप्त कर दिया गया था।
4. इस सफल आंदोलन के तुरंत बाद प्रसिद्ध ब्रिटिश सुधारक सी.एफ. एंड्रयूज (C.F. Andrews) ने चंपारण के किसानों की समस्याओं के समर्थन में गांधीजी के साथ बिहार का दौरा किया था, और गांधीजी को 'महात्मा' की उपाधि रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा दी गई थी, जबकि इसी समय उन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा 'कैसरे-हिन्द' की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से कौन सी पुस्तक फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ द्वारा नहीं लिखी गई है?
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