त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
20 views
दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक ढांचा और विशेषकर 'इक्ता प्रणाली' (Iqta System) तथा 'बाजार नियंत्रण नीति' (Market Control Policy) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इक्ता प्रणाली एक प्रकार का भू-राजस्व आवंटन था, जिसे सल्तनत काल में संस्थागत रूप से स्थापित करने का श्रेय इल्तुतमिश को जाता है, जिसके तहत सैनिकों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि का एक खंड (इक्ता) दिया जाता था और इक्तादार (मुक्ता या वली) को उस क्षेत्र से कर वसूलने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार प्राप्त था।
- 2. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रख-रखाव और कम वेतन में सैनिकों के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए क्रांतिकारी 'बाजार नियंत्रण नीति' लागू की थी, जिसके अंतर्गत खाद्यान्न, वस्त्र, घोड़ों और दासों के मूल्य तय करने के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' नामक विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी।
- 3. फिरोजशाह तुगलक ने इक्ता प्रणाली को आनुवंशिक (Hereditary) बना दिया और उसने सैनिकों को नगद वेतन देने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर दिया, जिससे सल्तनत की सैन्य व्यवस्था में शिथिलता आई, साथ ही उसने किसानों पर से कई अवैध करों को समाप्त कर केवल शरीयत के अनुसार चार कर (खराज, जकात, जजिया और खुम्स) ही रखे।
- 4. बलबन ने इक्तादारों की मनमानी और शक्ति पर अंकुश लगाने के लिए 'ख्वाजा' नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी, जो इक्तादारों की आय और व्यय का लेखा-जोखा रखते थे और केंद्र सरकार को उसकी रिपोर्ट भेजते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। इल्तुतमिश ने इक्ता प्रथा को संगठित रूप दिया, अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए मूल्य नियंत्रण और बाजार सुधार लागू किए, फिरोजशाह तुगलक ने इक्ता व्यवस्था को आनुवंशिक बनाया और बलबन ने 'ख्वाजा' के माध्यम से इक्तादारों पर नियंत्रण स्थापित किया। ऐसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रश्नों और विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए हमारी बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत पंचायती राज, नगरपालिका और सहकारी समितियों (73वें, 74वें तथा 97वें संविधान संशोधन) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया तथा अनुच्छेद 243 से 243-O तक पंचायतों का प्रावधान किया गया, जिसके तहत राज्यों के लिए त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली अनिवार्य की गई है, किंतु 20 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों को मध्यवर्ती स्तर के गठन से छूट दी गई है।
2. 74वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए भाग IX-क के तहत नगरपालिकाओं (नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम) का गठन किया जाता है, तथा वार्ड समितियों का गठन उन नगरपालिकाओं के लिए अनिवार्य है जिनकी कुल जनसंख्या 3 लाख या उससे अधिक है।
3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों के गठन को अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत एक मौलिक अधिकार का दर्जा दिया गया, तथा संविधान में नया 'भाग IX-ख' जोड़ा गया, किंतु सर्वोच्च न्यायालय के एक ऐतिहासिक निर्णय (2021) में इस संशोधन के उस हिस्से को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया जो सहकारी समितियों के प्रबंधन से संबंधित राज्यों के स्वशासन में अत्यधिक हस्तक्षेप करता था।
4. पंचायती राज संस्थाओं, नगरपालिकाओं और सहकारी समितियों के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक राज्य में एक ही एकीकृत 'राज्य निर्वाचन आयोग' (State Election Commission) के गठन का प्रावधान किया गया है, जो तीनों स्थानीय निकायों के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
1857 की क्रांति के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
→
एपिफाइट्स (Epiphytes) वे पौधे हैं, जो अन्य पौधों पर निर्भर हैं?
→
सूची-I (पद्म पुरस्कार विजेता 2025) को सूची-II (संबंधित क्षेत्र) से सुमेलित कीजिए?
→
चुम्बकीय पदार्थों के वर्गीकरण तथा उनके गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में अत्यंत क्षीण रूप से चुम्बकित होते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के प्रबल हिस्से से दुर्बल हिस्से की ओर प्रतिकर्षित होते हैं, जैसे बिस्मथ, तांबा, जल और सोना।
2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में दुर्बल रूप से चुम्बकित होते हैं तथा ताप बढ़ाने पर इनका चुम्बकीय गुण क्यूरी नियम (Curie's Law) के अनुसार बढ़ता है।
3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर बहुत प्रबल रूप से चुम्बकित होते हैं और एक निश्चित क्रांतिक ताप, जिसे 'क्यूरी ताप' (Curie Temperature) कहा जाता है, के ऊपर ये अनुचुम्बकीय पदार्थों की भाँति व्यवहार करने लगते हैं।
4. भू-चुम्बकत्व के अध्ययन में 'नति कोण' (Angle of Dip) वह कोण है जो पृथ्वी के परिणामी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा पृथ्वी की क्षैतिज रेखा के साथ बनाती है, और विषुवत रेखा (Equator) पर इसका मान 90 डिग्री होता है जबकि चुंबकीय ध्रुवों पर इसका मान शून्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.