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भारतीय प्रेस के इतिहास, समाचार पत्रों और उनके संपादकों/संस्थापकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जेम्स अगस्टस हिक्की द्वारा 1780 में प्रकाशित 'द बंगाल गजेट' (The Bengal Gazette) भारत का पहला साप्ताहिक समाचार पत्र था, जिसे ब्रिटिश सरकार की आलोचना करने के कारण जब्त कर लिया गया था।
  2. 2. राजा राममोहन राय ने 1821 में बांग्ला भाषा में 'संवाद कौमुदी' नामक साप्ताहिक पत्र निकाला, जबकि फारसी भाषा में 'मिरात-उल-अखबार' का प्रकाशन किया, जिसे 1823 के लाइसेंसिंग रेगुलेशन एक्ट के विरोध में बंद करना पड़ा था।
  3. 3. शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष द्वारा 1868 में कलकत्ता से प्रकाशित 'अमृत बाजार पत्रिका' मूल रूप से बंगाली भाषा में शुरू की गई थी, किंतु वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (1878) के दमनकारी प्रावधानों से बचने के लिए रातों-रात अंग्रेजी दैनिक में परिवर्तित कर दी गई थी।
  4. 4. बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में बंबई से 'मराठा' (अंग्रेजी में) और 'केसरी' (मराठी में) समाचार पत्रों की शुरुआत की थी, जिसमें केसरी के संपादक गोपाल गणेश आगरकर थे और इन पत्रों के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रवादी चेतना का प्रसार किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। जेम्स अगस्टस हिक्की का 'द बंगाल गजेट' भारत का पहला अखबार था। राजा राममोहन राय को भारतीय पत्रकारिता का अग्रदूत माना जाता है, जिन्होंने 'संवाद कौमुदी' और 'मिरात-उल-अखबार' निकाले। 'अमृत बाजार पत्रिका' वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट से बचने के लिए अंग्रेजी में बदल गई थी। बाल गंगाधर तिलक के 'केसरी' और 'मराठा' ने राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिक अभ्यास और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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