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BPSC TRE 4.0
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के समवयवता (Isomerism) तथा क्रियात्मक समूहों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. श्रृंखला समवयवता (Chain Isomerism) उस स्थिति में उत्पन्न होती है जब यौगिकों के अणुसूत्र समान होते हैं, किंतु कार्बन परमाणु श्रृंखला की मुख्य शाखा या पार्श्व श्रृंखला में भिन्नता होती है (जैसे n-ब्यूटेन और आइसोब्यूटेन)।
- 2. स्थिति समवयवता (Position Isomerism) में क्रियात्मक समूह या प्रतिस्थापी परमाणु कार्बन श्रृंखला पर अपनी स्थिति बदल लेते हैं, किंतु कार्बन की कुल श्रृंखला समान रहती है (जैसे 1-ब्यूटेनॉल और 2-ब्यूटेनॉल)।
- 3. क्रियात्मक समूह समवयवता (Functional Group Isomerism) के अंतर्गत समान अणुसूत्र वाले यौगिक पूर्णतः भिन्न क्रियात्मक समूह रखते हैं, जैसे ईथर और ऐल्कोहॉल एक-दूसरे के क्रियात्मक समवर्ती (Functional Isomers) होते हैं।
- 4. ज्यामितीय समवयवता (Geometric Isomerism) मुख्य रूप से एकल बंध (Single Bond) युक्त यौगिकों में मुक्त घूर्णन (Free Rotation) के कारण होती है, जिसके कारण cis और trans रूप बनते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्बनिक यौगिकों में समवयवता एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं क्योंकि श्रृंखला समवयवता, स्थिति समवयवता और क्रियात्मक समूह समवयवता कार्बनिक रसायन के मानक प्रकार हैं। हालांकि, कथन 4 असत्य है क्योंकि ज्यामितीय (cis-trans) समवयवता एकल बंध के मुक्त घूर्णन के कारण नहीं, बल्कि द्विबंध (Double bond) या वलय (Ring) संरचना के कारण प्रतिबंधित घूर्णन (Restricted Rotation) के फलस्वरूप उत्पन्न होती है। अधिक जानकारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जाएँ।
Related Questions
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खगोलतिकी और गुरुत्वाकर्षण (Astrodynamics and Gravitation) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर के ग्रहीय गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम - Law of Areal Velocities) के अनुसार, सूर्य और ग्रह को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा समान समय अंतराल में समान क्षेत्रफल तय करती है, जो मुख्य रूप से कोणीय संवेग संरक्षण (Conservation of Angular Momentum) के नियम पर आधारित है।
2. पृथ्वी की सतह पर स्थित किसी पिंड का पलायन वेग (Escape Velocity) उसके द्रव्यमान और प्रक्षेपण कोण पर निर्भर करता है, तथा पृथ्वी के लिए इसका औसत मान लगभग 11.2 किमी/सेकंड होता है।
3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर पश्चिम से पूर्व की ओर पृथ्वी के घूर्णन के समान दिशा में परिक्रमा करता है, और इसका आवर्तकाल ठीक 24 घंटे होता है।
4. अंतरिक्ष यान जब पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर किसी अन्य ग्रह की ओर प्रस्थान करता है, तो ऊर्जा की बचत के लिए 'गुरुत्वाकर्षण सहायता' (Gravitational Slingshot या Gravity Assist) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसमें अंतरिक्ष यान किसी बड़े ग्रह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का उपयोग करके अपनी गति और दिशा में परिवर्तन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत महान्यायवादी (Attorney General for India) तथा संसद के उच्च सदन (राज्य सभा) एवं निम्न सदन (लोकसभा) की विधायी प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार भारत के महान्यायवादी को देश के किसी भी न्यायालय में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उन्हें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु वे सदन में मतदान करने के अधिकार से वंचित होते हैं।
2. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जो कभी भंग नहीं होता, और इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, जिसमें से एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, तथा राष्ट्रपति को यह संवैधानिक शक्ति प्राप्त है कि वे आवश्यकता पड़ने पर राज्य सभा को विघटित कर सकते हैं।
3. 'धन विधेयक' (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है, और राज्य सभा को इस पर विचार करने के लिए अधिकतम 14 दिनों की समय-सीमा दी जाती है; यदि राज्य सभा इस अवधि के भीतर विधेयक को नहीं लौटाती है, तो वह दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है, भले ही राज्य सभा ने उसमें संशोधन सुझाए हों।
4. संविधान के अनुच्छेद 105 के अंतर्गत संसद के सदस्यों के साथ-साथ महान्यायवादी को भी संसद या उसकी समितियों में उनके द्वारा कही गई किसी भी बात या दिए गए मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में कानूनी कार्रवाई से विशेषाधिकार और उन्मुक्ति प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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वायुमंडल के वायुदाब, आर्द्रता एवं पवन संचार तथा चक्रवात (Cyclones) की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोरियोलिस बल (Coriolis Force) पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला एक आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, और इस बल का मान भूमध्य रेखा पर अधिकतम तथा ध्रुवों पर शून्य होता है।
2. 'एल् नीनो' (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य भाग में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे पेरू के तट पर गर्म जलधारा का प्रभाव बढ़ता है और भारतीय मानसून पर इसका विपरीत (कमजोर करने वाला) प्रभाव पड़ता है।
3. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) का निर्माण मुख्य रूप से वाताग्र (Fronts) के अभिसरण से होता है, और इन चक्रवातों का प्रसार क्षेत्र उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में बहुत बड़ा होता है, जो मुख्यतः पछुआ पवनों के प्रभाव से पश्चिम से पूर्व की ओर गति करते हैं।
4. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का प्रतिशत अनुपात होती है, और तापमान बढ़ने पर सापेक्ष आर्द्रता में वृद्धि होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने कितनी सीटें हासिल की थीं?
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भौगोलिक क्षेत्र की दृष्टि से बिहार का निम्नलिखित में से कौन-सा जिला सबसे छोटा है?
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