BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
19 views

भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) तथा संसद के दोनों सदनों (राज्य सभा और लोकसभा) की विधायी एवं विशेषाधिकार संबंधी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी किसी भी समिति की बैठकों में भाग लेने और बोलने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी मामले में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
  2. 2. अनुच्छेद 105 के अनुसार संसद के सदस्यों को मिलने वाले सभी विशेषाधिकार और उन्मुक्तियाँ महान्यायवादी को भी पूरी तरह से प्राप्त होती हैं, क्योंकि वह संसद का एक निर्वाचित सदस्य होता है।
  3. 3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसे कभी भी भंग नहीं किया जा सकता, किंतु इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, और राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिसके चुनाव में राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य भी मतदान करते हैं।
  4. 4. धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में लोकसभा की स्थिति राज्य सभा की तुलना में पूर्णतः अनन्य और सर्वोपरि होती है, और राज्य सभा किसी भी धन विधेयक को अपने पास अधिकतम 30 दिनों तक रोक सकती है, जिसके बाद यदि वह इसे वापस नहीं करती है तो इसे दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 पूर्णतः सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 76 के तहत महान्यायवादी को संसद की बैठकों में बोलने का अधिकार तो है (अनुच्छेद 88), पर मतदान का अधिकार नहीं है। कथन 2 असत्य है क्योंकि महान्यायवादी संसद का सदस्य नहीं होता है। कथन 3 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि विधान परिषदों के सदस्य राज्य सभा चुनाव में भाग नहीं लेते (केवल विधानसभा के निर्वाचित सदस्य लेते हैं)। कथन 4 असत्य है क्योंकि राज्य सभा धन विधेयक को केवल 14 दिनों तक रोक सकती है, 30 दिन तक नहीं। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जाएं।
Share:

Related Questions

→ निम्नलिखित में से किसने बाल गंगाधर तिलक को 'भारतीय असंतोष का जनक' कहा है? → अर्धचालकों (Semiconductors) तथा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयुक्त 'P-N जंक्शन डायोड' (P-N Junction Diode) और लॉजिक गेट्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब एक P-N जंक्शन डायोड को 'फॉरवर्ड बायस' (Forward Bias) से जोड़ा जाता है, तो बैटरी का धन ध्रुव P-type क्षेत्र से और ऋण ध्रुव N-type क्षेत्र से जोड़ा जाता है, जिससे डिप्लेशन परत (Depletion Region) की मोटाई कम हो जाती है और डायोड उच्च प्रतिरोध प्रदान करता है। 2. 'नैंड गेट' (NAND Gate) और 'नॉर गेट' (NOR Gate) को 'सार्वभौमिक गेट' (Universal Gates) कहा जाता है, क्योंकि इनका उपयोग करके बुनियादी लॉजिक गेट्स जैसे AND, OR और NOT का निर्माण किया जा सकता है। 3. ट्रांजिस्टर (Transistor) के कार्य करने के लिए इसके तीन क्षेत्रों—उत्सर्जक (Emitter), आधार (Base) और संग्राहक (Collector) में से आधार क्षेत्र बहुत पतला और हल्के ढंग से डोप (Lightly Doped) किया जाता है ताकि अधिकांश आवेश वाहक (Charge Carriers) उत्सर्जक से संग्राहक तक आसानी से पहुँच सकें। 4. प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) 'रिवर्स बायस' (Reverse Bias) की स्थिति में कार्य करता है, जिसमें विद्युत ऊर्जा सीधे उच्च आवृत्ति के लेजर प्रकाश में परिवर्तित होती है और यह क्वांटम दक्षता के सिद्धांत पर आधारित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → 50°C का मान फारेनहाइट स्केल में है? → वायुमंडल के दाब पेटियों (Pressure Belts), आर्द्रता एवं वैश्विक पवन संचार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विषुवतीय निम्न दाब पेटी (डोलड्रम) एक तापीय रूप से प्रेरित पेटी है, जहाँ सूर्य की किरणें वर्षभर लंबवत पड़ने के कारण उच्च तापमान रहता है, जिससे हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती हैं और यहाँ क्षैतिज पवनों का पूर्ण अभाव होता है। 2. उपोष्ण उच्च दाब पेटी से उपध्रुवीय निम्न दाब पेटी की ओर चलने वाली स्थायी पवनों को 'पछुआ पवनें' (Westerlies) कहा जाता है, तथा पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिऑलिस बल (Coriolis Force) के प्रभाव से ये उत्तरी गोलार्ध में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर विक्षेपित हो जाती हैं। 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 27°C होना आवश्यक है, तथा कोरियोलिस बल की अनुपस्थिति के कारण ये चक्रवात भूमध्य रेखा के ठीक 0° से 5° अक्षांश के बीच सर्वाधिक तीव्रता से विकसित होते हैं। 4. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का अनुपात होती है, जो तापमान में वृद्धि के साथ घटती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → रासायनिक साम्यावस्था में ला-शातेलिए का नियम क्या बताता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.